देहरादून (हि. डिस्कवर)
हिन्दू फायर ब्रांड नेता व राज्य आंदोलनकारी रहे स्वामी दर्शन भारती को लगभग 9:30 बजे उन्ही के आवास पर पहुंचकर 60-70 ईसाई महिलाओं ने जा घेरा। उनके साथ कई पुरुष भी थे। घर के बाहर शोर सुनकर जब स्वामी दर्शन भारती बाहर निकले तो उम्रदराज महिलाओं ने उनके हाथ पकड़कर लिए व पुरुषों ने उन्हें झडपते हुए बहुत ही गंदे शब्दों में कहा- तेरी हिम्मत कैसे हुई हमारे इलाके में आकर हिंदुत्व की बात करने की। तू कौन होता है धर्मांतरण पर उपदेश देने वाला।
यह वह समय था जब स्वामी दर्शन भारती के गनर घर चले गए थे। महिलाओं से घिरे स्वामी दर्शन भारती इस अप्रत्याशित घटना से अचंभित रह गए। मौके की नजाकत देखते हुए स्वामी दर्शन भारती ने अभद्र भाषा का प्रयोग कर रही महिलाओं के साथ बेहद शालीनता से बात की।
स्वामी दर्शन भारती से हुई दूरभाष पर बातचीत में उन्होंने बताया कि वह चर्च के पास खड़े होकर हिंदू धर्मावलंबियों के लगातार हो रहे धर्म परिवर्तन पर पत्रकार कृष्णकांत से लाइव चर्चा में जुड़े थे, और उसके बाद घर लौट आये। इस दौरान दर्जनों की संख्या में कुछ बर्ष पूर्व ही हिन्दू से ईसाई बने लोग उनके घर के बाहर एकत्र हुए और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर वह बाहर आये तो देखा महिलाओं को आगे कर ईसाई समाज के पुरूष व महिलाएं उन्हें बेहद अशोभनीय भाषा में कहते रहे कि तेरी हिम्मत किसे हुई हमारे इलाके में आकर धर्मांतरण पर बात करने की। बात को बढ़ती देख किसी ने धारा चौकी फोन कर दिया जिससे शीघ्र ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गयी व उन लोगों को शांत करवाकर उनके घर भेजा।
स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि अब हिन्दू धर्म व धर्मावलंबी इतने कमजोर हो गए हैं कि अल्पसंख्यक की रोटी सेंकने वाले लोग अपनी मनमर्जी पर उतारूँ हैं। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम सचमुच व्यथित कर देने वाला है, क्योंकि जब मुझ जैसे व्यक्तित्व ही अपने को सुरक्षित महसूस न करे तो आप लोगों की क्या हालत होगी।
बहरहाल इस घटनाक्रम की जिसको भी खबर लगी वे ही स्वामी दर्शन भारती के पास ईसाई समुदाय द्वारा किये गए कृत्य का आक्रोश जता रहे हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि हिन्दू सनातन धर्मावलंबियों में गुस्सा पनपा होगा। स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि आप शान्त रहें। लेकिन उन्होंने साथ में यह भी कहा कि जब जब भी सनातन हिन्दू धर्म व परम्परा पर कोई आंच आएगी वह उसका हर सम्भव विरोध करेंगे। साथ ही उन्होंने सभी हिन्दूवादी संगठनों से अपील की है कि ऐसे में शांति और सौहार्द बनाये रखें, साथ ही नजर रखें कि कोई हिन्दू गरीब परिवार धन व अन्य प्रलोभन में आकर धर्मांतरण तो नहीं कर रहा है।

