Tuesday, March 5, 2024
HomeUncategorizedदूध पीने का सही वक्त क्या है? जब शरीर को मिलता है...

दूध पीने का सही वक्त क्या है? जब शरीर को मिलता है फायदा वरना हो जाएंगे गैस-एसिडिटी का शिकार

दूध पीने से शरीर को यह फायदा मिलता है, बच्चों की हाइट बढ़ती है यह आपने अक्सर बड़े-बुजुर्ग के मुंह से सुना होगा। दूध पीना शरीर के लिए काफी अच्छा होता है. यह सभी बातें हम अक्सर सुन लेते हैं। कई लोग सुबह खाली पेट दूध पीना पसंद करते हैं तो कुछ लोग शाम में दूध पीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीने का परफेक्ट टाइमिंग।

रात या सुबह दूध किस वक्त पीना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक शरीर की बनावट और उम्र के हिसाब से दूध पीना चाहिए। कुछ लोगों के लिए सुबह के वक्त दूध पीना फायदेमंद हो सकता है वहीं कुछ लोगों के लिए रात का समय सही रहता है। डॉक्टर्स के मुताबिक दूध किसी भी समय पीजिए यह शरीर को फायदा ही पहुंचाता है। अगर आपको पेट से जुड़ी कोई दिक्कत है तो दूध पीने का समय बदल लीजिए. नहीं तो इससे आपकी तकलीफ और भी बढ़ जाएगी। 5 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों को सुबह खाली पेट दूध नहीं पीना चाहिए।

इन लोगों को दिन के वक्त दूध पीना चाहिए
जो लोग बॉडी बनाने के लिए दूध पीते हैं उन्हें दिन के वक्त दूध पीना चाहिए. अगर ऐसे लोग दिन में दूध पीते हैं तो उन्हें पूरे दिन एनर्जी मिलती है। बच्चों को सुबह के वक्त क्रीम से भरपूर दूध पीना चाहिए। इसमें कैल्शियम काफी ज्यादा होती है। और हड्डी भी मजबूत होती है। दूध पीने से शरीर में पोटेशियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में मिलती है।

कमजोर मेटाबॉलिज्म वालों को दिन में दूध नहीं पीना चाहिए
बुजुर्गों की फिजिकल एक्टिवीटी काफी कम होती है उन्हें दिन के वक्त दूध नहीं पीना चाहिए। बूढ़े- बुजुर्ग को गाय के दूध पीना चाहिए क्योंकि यह काफी हल्का होता है। यह आसानी से पच जाता है।

हड्डियों के लिए फायदेमंद है दूध पीना
अगर आप दूध नहीं पीते हैं तो शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है। दूध में कैल्शियम के साथ-साथ थाइमिन और हड्डी को मजबूत करने की क्षमता होती है। अगर आपको गैस-एसिडिटी की समस्या है तो दूध में शक्कर मिलाकर पिएं।

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES