अदाणी ग्रुप के शेयरों में यह उठा-पटक अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट जारी होने के बाद दिख रही है। हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार ने बंद लिफाफे में सुझाव दिए हैं, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट का मानना है कि इस मामले में हमें पूरी पारदर्शिता चाहिए और अगर सरकार के कदम को स्वीकार कर लिया गया तो इससे संदेश जाएगा कि सरकार की तरफ से बनी कमेटी को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह खुद समिति का गठन करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी मामले में अपनी खुद की कमेटी गठित करने का फैसला किया है।
