Sunday, April 14, 2024
Homeउत्तराखंडबढ़ते प्याज और टमाटर के दाम ने एक बार फिर बिगाड़ा आम...

बढ़ते प्याज और टमाटर के दाम ने एक बार फिर बिगाड़ा आम आदमी की रसोई का बजट

देहरादून। टमाटर के दाम फिर बढ़ने लगा है। बाजार में 20 से 30 रुपये किलो तक बिकने वाला टमाटर 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। प्याज भी फिर से रुलाने लगा है। मानसून में टमाटर 200 से 250 रुपये किग्रा तक बिका। सितंबर-अक्टूबर में धीरे-धीरे टमाटर के दाम कम हुए। नवरात्रि से पूर्व प्याज के दाम बढ़ने लगे। अब 60 से 70 रुपये किग्रा में बिक रहा है। यही हाल रहा तो कुछ दिनों में भाव 100 रुपये के पार पहुंच जाएंगे। प्याज की बढ़ी कीमत से लोगों की नाराजगी शुरू हुई थी कि टमाटर के दाम बाजार में फिर बढ़ने लगा है।

प्याज की फसल में देरी प्याज की कीमत में आई तेजी के पीछे एक वजह इसकी पैदावार पर पड़ने वाला असर भी है। मौसम की मार का असर प्याज की खेती पर पड़ा है। प्याज की कीमत में आई तेजी के पीछे एक बड़ी वजह पैदावार का लेट होना भी है। प्याज की सबसे ज्यादा पैदावार महाराष्ट्र में होती है। महाराष्ट्र में खरीफ सीजन के प्याज एक महीने लेट हो गया। मानसून की बारिश में देरी की वजह से खरीफ सीजन का प्याज बाजार में नहीं आया है। इस देरी की वजह से प्याज की कीमत में तेजी आई है। प्याज के दाम धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। टमाटर के दाम इस बीच कुछ बढ़े हैं। टमाटर की आवक कम हो रही है। आवक बढ़ते ही दाम कम हो जाएंगे। – दिग्विजय सिंह देव, सचिव, मंडी समिति हल्द्वानी

सब्जी रेट        –    (पहले)     –    रेट (अब)

आलू (नई)        –    25-30     –     22-24

आलू (पुरानी)     –    8-10       –     7 – 9

प्याज (नई)        –    50-55     –     45-50

प्याज (पुरानी)     –    45-50    –     40-44

टमाटर              –    20-30    –     40-50

भिंडी                 –     12       –         15

फूल गोभी          –     5-6       –       4-5

शिमला मिर्च        –   10-12     –     12-13

खीरा                  –    20-22    –     23-25

मूली                  –       4-5      –      5-6

बैंगन                  –      10-12   –     9-10

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES