Wednesday, June 19, 2024
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जान लीजिए सर्दी में मूली कब खानी चाहिए और कब नहीं.. क्या कहता है आयुर्वेद?

सर्दियों में मूली सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाने का काम करता है। इसे खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। मूली बेहद स्वादिष्ट और फायदेमंद भी होती है लेकिन कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक भी हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि बहुत से लोग मूली खाने का सही समय नहीं जानते हैं। आयुर्वेद में मूली को लेकर कुछ जरूरी बातें बताई गई हैं. आइए जानते हैं उनके बारें में…

मूली कितना फायदेमंद
मूली में विटामिन सी, विटामिन बी6, रिबोफ्लेविन, नियासिन, फोलेट, पोटैशियम, आयरन, मैग्?नीज, फाइबर और शुगर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यही कारण है कि ठंड के मौसम में मूली खाना फायदेमंद माना जाता है. इसके सेवन से खून की कमी दूर हो सकती है और वजन भी कंट्रोल रहता है।

मूली खाने के नुकसान
आयुर्वेद में बताया गया है कि मूली की तासीर गर्म होती है. इसलिए ऐसे लोगों को मूली खाने से परहेज करना चाहिए, जिन्हें ठीक तरह से भूख नहीं लगती है। क्योंकि ऐसी स्थिति में गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं.एक्?सपर्ट के मुताबिक, अगर किसी का पेट सूखता है तो उसे भी मूली नहीं खानी चाहिए। जिन लोगों को गैस की समस्या होती है, वे घी के साथ मूली खा सकते हैं. कच्ची मूली खाने से बचना चाहिए, वरना कई तरह की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

मूली कब खानी चाहिए
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कभी भी खाली पेट मूली का सेवन नहीं करना चाहिए. रात में भी मूली खाने से बचना चाहिए. अगर मूली का बेहतर फायदा उठाना चाहते हैं तो हमेशा सर्दी वाले दिनों में ही इनका सेवन करना चाहिए। धूप में बैठकर मूली खाना फायदेमंद हो सकता है। इसका मतलब मूली दोपहर के वक्त खाना सबसे अच्छा हो सकता है।

मूली खाने से पहले ध्यान दें

दूसरी कच्ची सब्जियों के साथ ही मूली खाएं।

ज्यादा पकी मूली खाने से बचें।

एक जगह बैठकर कभी भी मूली न खाएं, चलते रहने से मूली अच्छी तरह पच जाता है।

मूली खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए।

Himalayan Discover
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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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