Tuesday, January 20, 2026
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गर्मी आते ही बाजार में बढ़ने लगी मौसमी फलों की डिमांड- तरबूज, ककड़ी की मांग में सर्वाधिक उछाल

नई दिल्ली। गर्मी आते ही बाजार में मौसमी फलों की डिमांड बढ़ गई है। जरूरत बढते ही बाजार मे भी उक्त फलो की उपलब्धता खांसी स्थिति मे दिखाई देने लगी है। गर्मी के मौसम मे ताजे फलो की बढ़ती मांग के चलते बाजार में मौसमी फलो का आना शुरू हो गया है। मौसमी फलो की बिक्री भी जोरो से शुरू हो गई है। ग्राहक आवश्यकतानुसार अपने अपने घरो मे मौसमी फल ले जा रहे है।

शरीर मे पानी की कमी को दूर करने के लिए सबसे अधिक मददगार तरबूज की मांग इस समय सर्वाधिक देखी जा रही है। शहर मे तरबूज की विभिन्न बैराईटी की किस्म लोगो को अपनी ओर लोगो को आकर्षित कर रही हैं। हालाकि बुंदेलखण्ड में तरबूज की पैदावारी होने के कारण यह फल लोगो तक आसानी से पहुंच जाता है। यह फल यमुना वेतवा एवं पहूज नदी के किनारे अधिक पैदा किये जाते है। मौसम फल तरबूज के साथ ककडी व खीरे की डिमांड भी बढी दिखाई दे रही है। हरी ककडी व खीरा इस समय हर घर की पसंद बना हुआ है। बाजार मे जगह जगह इसके खरीददार दुकानो पर भीड लगाये नजर आ रहे हैं। मौसमी फलो के साथ फलो का राजा आम का मजा इस मौसम मे लोग कैसे भूल सकते है आम का मजा लेने के लिए नन्हे मुन्हे बच्चे भी ताजे आम का मजा लेकर अपने अभिभावको से खरीदने के लिए जिद करते है।

गर्मी के मौसम मे लोगो के लिए अनुकूल मौसमी फलो की पर्याप्त उपलब्धता तथा बढती मांग ग्राहक तथा दुकानदार दोनो के लिए फायदे का सौदा सावित हो रही है। इसी तरह बाजार मे खरबूज की भी मांग बढ गई है। साथ ही दूधिया कच्चा नारियल भी लोगो को इस मौसम मे खूब भा रहा है। गर्मी में मोसमी फलो की मांग को लेकर बाजार मे जगह जगह मौसमी फलो को देखा जा रहा है। शरीर मे पानी की पूर्ति करने वाला तरबूज की जमकर बिक्री हो रही है। तरबूज की कीमत बीस से पच्चीस रूपये किलो होने के बाद भी लोग जमकर तरबूज खरीदकर घर ले जा रहे है।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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