
विगत एक सप्ताह से उत्तराखण्ड के विभिन्न वन क्षेत्र आग से धूं-धूं कर जल रहे हैं। अब आग का प्रकोप ग्रामीण क्षेत्रों के बजरों से गुजरते हुए गांवों तक देखने को मिल रहा है। ऐसे में जहां करोडों की वन सम्पदा जलकर स्वाहा ही गयी है वहीं दूसरी ओर सैंकड़ों वन्य जीवों की जीवन लीला समाप्त हो चुकी है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत प्रदेश भर के वन्य अधिकारियों, मुख्य सचिव व सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, आपदा प्रबंधन तंत्र व सभी जिलाधिकारियों से लगातार अपडेट ले रहे थे लेकिन अभी प्राप्त जानकारियों के आधार पर ज्ञात हुआ है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले भरपूर मदद के आश्वासन के बाद मुख्यमंत्री इन सभी अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा गृह मंत्री अमित शाह से टेलीफोन पर वार्ता करके वनाग्नि से निबटने के लिए हैलीकॉप्टर व एनडीआरएफ की टीम की मांग की गई है। अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया गया है।
वहीं वन्य कर्मियों के अलावा प्रदेश के ग्रामीण भी अपने -अपने क्षेत्र के वनों को बचाने के लिए जुट चुके हैं। ग्रामीणों को यह सुनते हुए देखा गया है कि वन उनकी आत्मा हैं, व उनकी दैनिक जरूरतों के पूरक भी। ऐसे में उनका पहला कर्तब्य वनों की रक्षा है। ग्रामीण महिलाओं का मानना है कि तीरथ सिंह रावत ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने ग्रामीणों को वनों के हक-हकूक से जोड़ते हुए 10 हजार ग्रामीण वन प्रहरियों को वनों में तैनात करने का वचन दिया है जिसमें 5000 महिलाएं शामिल हैं। यह फैसला स्वागत योग्य है व इससे ग्रामीण समाज में काफी उत्साह है। ऐसे में जंगल भी सुरक्षित रहेंगे व गांव से पलायन भी थमेगा।
बहरहाल केंद्र द्वारा मदद दिये जाने के बाद अब लगता है कि जल्दी ही उत्तराखण्ड के वनों में लगी आग पर काबू किया जा सकेगा। वैसे मौसम विभाग की मानें तो कल प्रदेश भर में बारिश होने की संभावना है

