भुवनेश्वर / देहरादून 24 मार्च 2026(हि. डिस्कवर)
उत्तराखंड के प्रमुख मीडिया संस्थानों के 13 वरिष्ठ पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज ICAR–Central Rice Research Institute (CRRI), Cuttack का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान में धान उत्पादन से जुड़ी अनुसंधान गतिविधियों, विकास कार्यक्रमों और आधुनिक तकनीकी नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।
इस प्रतिनिधिमंडल के साथ Press Information Bureau (PIB), देहरादून के सहायक निदेशक श्री संजीव कुमार सुंद्रीयाल तथा Press Information Bureau (PIB), भुवनेश्वर के सहायक निदेशक श्री महेंद्र प्रसाद जेना भी मौजूद रहे।
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रताप भट्टाचार्य ने पत्रकारों का स्वागत करते हुए CRRI की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान ने अब तक 194 धान की किस्में विकसित की हैं, जिनमें प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने वाली और बायोफोर्टिफाइड किस्में भी शामिल हैं। इन किस्मों का उपयोग देश के कुल धान क्षेत्र के लगभग 22 प्रतिशत हिस्से में किया जा रहा है, जिससे किसानों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिला है।
डॉ. भट्टाचार्य ने संस्थान द्वारा विकसित प्रमुख नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी, जिनमें जीनोम एडिटिंग टूल (TnpB), एआई आधारित प्रिसीजन एग्रीकल्चर, ड्रोन तकनीक, धान के भूसे के पुनः उपयोग की तकनीक, RiceXpert एडवाइजरी प्लेटफॉर्म, मीथेन उत्सर्जन कम करने वाले मेथेनोट्रॉफ फॉर्मुलेशन तथा नाइट्रोजन उपयोग दक्षता बढ़ाने वाली तकनीकें शामिल हैं।
इंटरएक्टिव सत्र के दौरान उन्होंने पत्रकारों के जलवायु अनुकूल कृषि, जैविक खेती, सुगंधित एवं GI टैग वाले चावल तथा लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली धान की किस्मों से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए।
प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और अनुसंधान खेतों का भी दौरा किया तथा चल रहे प्रयोगों और नई तकनीकों को करीब से देखा। इस दौरे से मीडिया प्रतिनिधियों को CRRI के योगदान की बेहतर समझ मिली और कृषि अनुसंधान व तकनीकी नवाचारों को किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए संस्थान और मीडिया के बीच समन्वय और मजबूत हुआ।

