देहरादून (हि .डिस्कवर)।
युवा उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा विगत 16 जुलाई 2022 युवा नेता लुसुन टोडरिया के नेतृत्व में एसपी सिटी सरिता डोभाल के समक्ष गढ़वाली गीत ठुमका के खिलाफ़ शिकायत दर्ज करायी थी। जिस पर अभी तक कार्यवाही लम्बित होने के कारण आज यूकेडी के युवा नेतृत्व पुलिस मुख्यालय पहुँचकर अपना विरोध दर्ज करवाने का भरसक प्रयास किया लेकिन बात न सुने जाने के कारण पुलिस मुख्यालय के समक्ष धरने पर बैठकर अपना शांति पूर्ण विरोध दर्ज किया।
युवा यूकेडी के नारों में “ठुमका” गीत को यूट्यूब से हटाने व इसके निर्माता व निर्देशक की गिरफ्तारी में हो रही देर से कार्यवाही पर नाराजगी जताई गई। इस दौरान युवा नेता लुसुन टोडरिया ने बताया कि हमारी किसी से भी कभी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। इस गीत के फिल्मांकन में निर्माता निर्देशक द्वारा जितनी अश्लीलता फैलाई गयी है व हमारे लोक समाज व लोकसंस्कृति के लिए बेहद अशोभनीय है।
उन्होंने कहा नशा व अपराध को इस गीत में खुलकर प्रदर्शित किया जाना बेहद निराशाजनक है और उससे भी बड़ा आश्चर्य यह है कि पुलिस द्वारा अभी तक इस गीत को न यूट्यूब से हटवाया गया है और न ही इसके निर्माता निर्देशक पर कोई कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि संस्कृति खत्म नही होती, उस पर कुठाराघात करके धीरे धीरे उसको कमजोर किया जाता है। हम बन्दूक की संस्कृति का महिमामंडन बर्दाश्त कतई नही करेंगे। और अगर इसी तरह पुलिस प्रशासन इस पर मूक दर्शक बना रहेगा तो यूकेडी अपने हर फॉर्मेट पर एक बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।
वहीं यूकेडी मुख्यालय में भी उत्तराखंड क्रांति दल के नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने इस मामले पर पुलिस प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इस सबका पुरजोर विरोध किया है। उनका कहना है ऐसे असमाजिक गीतों का शुरुआती दौर में ही अगर हमने विरोध नहीं किया तो यह हमारे समाज में किसी रोग की तरह फैल जाएंगे। नशा व बन्दूक का ऐसा खुला प्रदर्शन हमारी आने वाली पीढ़ियों को चौपट कर जाएगा।
ज्ञात हो कि बीच में यह बात सामने आई थी कि गीत के कांग्रेसी नेता निर्माता लक्ष्मण सिंह नेगी ने इस गीत के लिए माफी मांग ली है और वह इस गीत को यूट्यूब से हटा रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजबूरन आज युवा यूकेडी के कुछ कार्यकर्ता पुलिस मुख्यालय पहुंच डीजीपी के समक्ष विरोध करने पहुंचे थे। जिन्हें धरना प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी देने वाले यूकेडी कार्यकर्ताओं में लूशुन टोडरिया, राजिंदर बिष्ट, रविन्द्र ममगाई, गणेश काला, प्रीति थपलियाल,अंकेश भंडारी, श्याम सिंह रमोला,बृजमोहन सिंह सजवाण,ठाकुर अजित सिंह इत्यादि शामिल थे।

