Friday, March 13, 2026
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राज्य को मिल सकती है जीएसडीपी के 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लिए जाने की सुविधा-मुख्य सचिव

देहरादून  (हि. डिस्कवर)

सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में जीएसडीपी का 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण सुविधा प्राप्त किए जाने के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा निर्धारित 04 क्षेत्रों में सुधार करने पर राज्य की कुल जीएसडीपी का 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण सुविधा प्राप्त की जा सकती है। उत्तराखण्ड के संदर्भ में यह सुविधा लगभग रु0 4600 करोड़ के समकक्ष बैठती है।

इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए राज्य को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत जिला स्तर के बिजनेस रिफॉर्म, नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना अथवा समाप्त किया जाना, वन नेशन वन राशन कार्ड, शहरी निकायों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित रिफॉर्म्स तथा पावर सेक्टर से संबंधित रिफॉर्म्स किए जाने होंगे। यह रिफॉर्म्स  दिसंबर 2020 तक किए जाने होंगे। इन फॉर्म्स के आधार पर ही राज्य को जीएसडीपी के 2 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण लिए जाने की सुविधा का लाभ मिल सकेगा जो लगभग 4600 करोड़ अनुमानित है।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश द्वारा निर्देश दिए गए कि सभी विभाग अपने विभागों से संबंधित रिफॉर्म्स को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए ठोस एक्शन प्लान बनाएं तथा एक्शन प्लान के अनुसार प्रगति की निरंतर समीक्षा करें। समीक्षा से मुख्य सचिव कार्यालय को भी प्रत्येक सप्ताह अवगत कराया जाये। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत कार्य में तीव्रता लाने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिये गये तथा इस कार्य में लगे कर्मियों के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिये। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में लगभग 85 प्रतिशत राशन कार्डो का बायोमेट्रीक किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने अवशेष कार्य को दस सप्ताह में पूर्ण करने के लिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये तथा इस कार्य को पूरा करने के लिए खाद्य विभाग को 25 लाख रूपये आकस्मिकता निधि से दिलाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने कहा कि यद्यपि सभी फेयर प्राईस शॉप का डिजीटाईजेशन कार्य पूरा हो चुका है किन्तु यदि कुछ फेयर प्राईस शॉप डिजीटाईजेशन से अवशेष रह गये हो तो उनके लिए राज्यांश सम्बन्धित विभाग को दे दिया जाए।

राजस्व विभाग द्वारा भू-अभिलेखों के डिजीटलीकरण में कृत्रिम बुद्धिमता ;।प्द्ध के उपयोग की संभावनाओं की तलाश की जाये तथा इस कार्य के लिए एनआईसी का सहयोग लिया जाए। सभी विभाग अपने स्तर पर रिफॉर्म्स की मॉनिटरिंग करें तथा मुख्य सचिव कार्यालय एवं अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम को इस संबंध में निरंतर प्रगति से अवगत करायें। मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागों हेतु अधिकतम 31 अक्टूबर, 2020 की समय सीमा निर्धारित की गई तथा निर्देश दिये गये कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार समय सीमा के अंतर्गत अनुपालन पूर्ण कर भारत सरकार को प्रेषित कर दिये जायें, ताकि जीएसडीपी के सापेक्ष 2 प्रतिशत अतिरिक्त धनराषि की उपयोगिता हेतु राज्य को पर्याप्त समय मिल सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार ने अवगत कराया कि सभी विभागाध्यक्ष टाईमलाईन के अन्तर्गत रिफार्म के कार्यो को पूरा कर ले ताकि राज्य को प्राप्त होने वाला 02 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण सुविधा जो कि लगभग 4600 करोड़ प्राप्त हो।
बैठक में प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन, सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, सचिव हरवंश सिंह चुघ, प्रभारी सचिव चिकित्सा डॉ. पंकज पाण्डेय, अपर सचिव पर्यटन सुश्री सोनिका,, अपर सचिव डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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