Thursday, January 22, 2026
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चुनावी घमासान की बयानबाजी शुरू। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की एंट्री के साथ अरसे बाद भाजपा में शामिल हुए 09 कांग्रेसी नेता दिखे एक साथ।

देहरादून (हिमालयन डिस्कवर)

“तूने मारी एंट्रियां, दिल में बजी घण्टियाँ” टँग ..टँग ..टँग..! रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर व प्रियंका चोपड़ा पर फिल्माए गए इस धमाल के कमाल गीत ने आज घटे उत्तराखण्ड के राजनीतिक घटनाक्रम की यादें ताजा कर दी। ठीक ऐसी ही एंट्री आज पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की कल मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद आज दिये बयान ने सबकी राजनीतिक घण्टियाँ घनघना दी। दूर से तो यह एंट्री उनके 15 दिन के अल्टीमेटम में कांग्रेस की तरफ इशारा लगता है लेकिन यह 15 दिन कांग्रेस के लिए अल्टीमेटम है या फिर कांग्रेस में शामिल हुए या शामिल होने जा रहे नेताओं के साथ भाजपा संगठन पर दबाब, जो उनके निर्देशन में भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं राजनीतिक हलकों में सुनने में यह भी आ रहा है कि अभी इन राजनेताओं का पोथी-पथड़ा खुल सकता है जो छोटा-बाबू , जेठा भाई की तिजौरी में कैद है। लेकिन यह तथ्य हवा-हवाई लगता है, क्योंकि विजय बहुगुणा की एंट्री की घण्टी की टँग.. टँग …टँग दूर कांग्रेस भी सुनाई दे रही हैं

उत्तराखंड की सियासी हवाओं में तैर रही दलबदल की अटकलों के बीच उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की देहरादून में एंट्री ने सियासत तेज कर दी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से लगभग नेपथ्य में रहे बहुगुणा दिल्ली से अचानक देहरादून पहुंचे और उन्होंने कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल समेत उन सभी नौ लोगों से बात की, जो कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे।

भाजपा में दलबदल की चर्चाएं थम नहीं रहीं। 

पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे की कांग्रेस में वापसी के बाद भाजपा में दलबदल की चर्चाएं थम नहीं रहीं हैं। अब कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत और भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ के कांग्रेस में वापसी की अटकलें तैर रही हैं। इन कयासबाजियों से प्रदेश संगठन खासा असहज है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी केंद्रीय नेतृत्व ने इन अटकलों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा को मैदान में उतारा है। लंबे समय से तकरीबन उपेक्षित रहे बहुगुणा ने अपने साथियों से मुलाकात करने से पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से मुलाकात की।

ताजा राजनीतिक घटनाक्रम और चर्चाओं को लेकर दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। इसके बाद बहुगुणा कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के घर पहुंचे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी वहां पहुंचे। बहुगुणा ने कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए सभी विधायकों व नेताओं से बारी-बारी बात की। सूत्रों के मुताबिक, बहुगुणा ने सभी से धैर्यपूर्वक और उत्साह के साथ चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया। बकौल बहुगुणा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देहरादून आ रहे हैं। मैंने उनके दौरे को लेकर संगठन महामंत्री से चर्चा की।

कोई नाराज नहीं, कोई कहीं नहीं जा रहा।

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मैं चाहता हूं कि हमारे साथी ज्यादा उत्साहित होकर संगठन और मुख्यमंत्री का साथ देकर चुनाव में विजय प्राप्त करें। बहुगुणा ने कहा कि कुछ गलत भ्रांतियां फैली हैं। न तो कोई नाराज है न ही कोई कहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने को लेकर जो चर्चाएं हो रही हैं, वो बे सिर-पैर की कहानी है। उसमें कोई सच्चाई नहीं है।

हमने सिद्धांतों पर कांग्रेस का विभाजन किया।

पूर्व मुख्यमंत्री बहुगुणा ने कहा कि हमने कांग्रेस से विभाजन सिद्धांतों के आधार पर किया था। आज हम सभी साथ हैं और पूरी तरह से समर्पित हैं। बहुगुणा ने कहा कि हमारा आज भी यह मानना है कि उत्तराखंड का हित और विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुरक्षित है। पीएम मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे के भाजपा छोड़ने के बाद दलबदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि कांग्रेस में विभाजन करने वाले हम नौ विधायक थे, यशपाल आर्य हमारे साथ नहीं थे।

बहरहाल इस सारे घटनाक्रम में यह तो समझ में आया है कि भाजपा हाई कमान ने जरूर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के माध्यम से ऐसा सन्देश हर एक तक पहुंचाया जो पार्टी व नेताओं को असहज भी कर सकता है व सहज भी बनाये रख सकता है। आने वाले 15 दिन में विजय बहुगुणा व उनकी टीम क्या निर्णय लेने वाली है, अब इसका इंतज़ार बाकी है।

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