Monday, January 26, 2026
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रमजान पर महंगाई से पाकिस्तान की जनता बेहाल, केले 500 रुपए तो अंगूर 1600 रुपए किलो बिक रहे

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में आर्थिक तंगी का असर अब रमजान में भी देखने को मिल रही है। बता दें कि पाकिस्तान में महंगाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। देश में रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यहां एक दर्जन केले की कीमत 500 रुपये तक पहुंच गई है। केले तो छोडि़ए अंगूर के दाम सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित, अंगूर पाकिस्तान में इस वक्त 1600 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

सेंसिटिव प्राइस इंडीकेटर के अनुसार, पाकिस्तान में मार्च के अंतिम सप्ताह में महंगाई 47 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पाकिस्तान के ब्यूरो ऑफ स्टेटिक्स ने यह डाटा जारी किया है। पाकिस्तान के ब्यूरो ऑफ स्टेटिक्स के डाटा के अनुसार, प्याज की कीमतों में (228 प्रतिशत), गैस (108 प्रतिशत), आटा (120 प्रतिशत), सिगरेट (165 प्रतिशत), डीजल (102 प्रतिशत), चाय (94 प्रतिशत), केले (89 प्रतिशत), चावल बासमती (81 प्रतिशत), पेट्रोल (81 प्रतिशत), अंडे (79 प्रतिशत) कीमतें बढ़ गई हैं। डाटा के अनुसार, 51 जरूरी सामान में से 26 के दाम बढ़ गए हैं। 12 चीजों के दामों में थोड़ी कमी आई है और 13 चीजों के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चिकन (8.14 प्रतिशत), मिर्ची पाउडर (2.31 प्रतिशत), एलपीजी (1.31 प्रतिशत), सरसों का तेल और लहसुन (1.19 प्रतिशत), घी (0.83), खाद्य तेल (0.21 प्रतिशत) की कमी आई है।
हालांकि पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर ये है कि उसके विदेशी मुद्रा भंडार में थोड़ा इजाफा हुआ है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 17 मार्च 2023 बढक़र 10.14 बिलियन डॉलर हो गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के चलते पाकिस्तान को भुगतान में काफी समस्या आ रही है।

आईएमएफ से लोन की 1.1 बिलियन डॉलर की किस्त को लेकर बातचीत अटकी हुई है। बता दें कि आईएमएफ ने साल 2019 में पाकिस्तान को 6.5 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज का एलान किया था। पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाने के लिए यह पैकेज बेहद अहम है। हालांकि आईएमएफ की शर्तों को लेकर इस बेलआउट पैकेज की 1.1 बिलियन डॉलर की किस्त अटक गई है।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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