Friday, January 16, 2026
Homeउत्तराखंडसंस्थान ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास- मुख्यमंत्री धामी

संस्थान ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून (हि. डिस्कवर)

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सहनशीलता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपदा-पूर्व तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। साथ ही, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान सहयोग एवं साझेदारी को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस रणनीतियां तैयार की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड सहित संपूर्ण हिमालयी क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के कारण आने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमस्खलन एवं वनाग्नि का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका दुष्प्रभाव वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समयबद्ध तैयारी एवं सामूहिक प्रयासों से कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 4P (Predict, Prevent, Prepare, Protect) मंत्र दिया है, उसी के आधार पर 10-सूत्रीय एजेंडा पर इसके लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा-पूर्व तैयारी, एआई आधारित चेतावनी प्रणालियां, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग, रैपिड रिस्पॉन्स टीमें, फॉरेस्ट फायर अर्ली वार्निंग सिस्टम एवं वनाग्नि प्रबंधन कार्ययोजना पर निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग, वन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आईआईटी रुड़की के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार आईआईटी के सहयोग से इस प्रणाली के विस्तार, भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग एवं बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणालियों के विकास पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए राज्य में पौधारोपण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। जल संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में स्प्रिंग रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सुरक्षित घरों एवं इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ध्यान देने तथा अधिकारियों से सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जोनल कॉर्डिनेटर, प्रज्ञा प्रवाह, भगवती प्रसाद राधव , निदेशक, आईआईटी रुड़की प्रो. के. के. पन्त , उपनिदेशक, आईआईटी रुड़की, प्रो. यू .पी.सिंह , प्रो.संदीप सिंह एवं विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिक उपस्थित थे।

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES