Tuesday, January 20, 2026
Homeउत्तराखंडमुख्यमंत्री ने कहा कि  20 मिनट में पीपीई किट के पहनने से...

मुख्यमंत्री ने कहा कि  20 मिनट में पीपीई किट के पहनने से इतनी परेशानी तो डॉक्टर्स कैसे रहते होंगे घण्टों इसे पहने।

मुख्यमंत्री के साथ काबीना मंत्री सुबोध उनियाल ने भी लिया पीपीई किट का अनुभव।

देहरादून 31 मई 2021 (सू.ब्यूरो)

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज टिहरी दौरे के दौरान टीएचडीसी इंजीनियरिंग कॉलेज भागीरथीपुरम पहुंचकर जिला प्रशासन द्वारा संचालित 450 बेड युक्त कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पीपीई किट पहन कर कोविड सेंटर में भर्ती मरीजों से बातचीत भी की।
 
मुख्यमंत्री ने कोविड सेंटर से निकलने के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग के उन सभी कर्मियों को सैल्यूट करते हैं जो रोजाना 2 से 3 घंटो तक पीपीई किट पहनकर कोविड-19 मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि  20 मिनट में पीपीई किट के पहनने से इतनी परेशानी हो रही है तो रोज़ाना दो से तीन घंटे तक मरीज़ों की सेवा और उपचार कर रहे प्रथम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मी कैसे इन परेशानियों को झेलते होंगे, इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड केयर सेंटर को लेकर पहले से ही निर्देश दिए गए हैं कि कोविड मरीज़ों का बेहतर उपचार के साथ ही बेहतर भोजन और अन्य सुविधाओं का भी विशेष ख्याल रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह कोविड केयर सेंटर के निरीक्षण के लिए पहुंचे तो उस समय भी मरीजों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु काढ़ा इत्यादि दिया जा रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन युक्त अस्पतालों की व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रदेश में कई नए ऑक्सीजन प्लांट को भी मंजूरी मिली है सरकार का लक्ष्य है कि छोटे अस्पतालों में भी ऑक्सीजन युक्त बेड की सुविधा विकसित की जाए। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों को ज़रूरी दिशा निर्देश दिए।
कोविड केयर सेंटर में निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल टिहरी विधायक धन सिंह नेगी मौजूद रहे।
Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES