Tuesday, January 20, 2026
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मुख्यमंत्री जेसीबी में सवार। सौड-सरौली, रानीपोखरी, रायपुर क्षेत्र सहित चार पुल बहे। 05 लापता, 03 घायल एक की मौत।

◆ मुख्यमंत्री बोले-जरूरत पड़ी तो सेना आर्मी की मदद लेंगे।

◆ एसडीआरएफ एनडीआरएफ जुटी राहत एवं बचाव कार्य में। हाई अलर्ट जारी।

◆ पुल व सड़क टूटने से उत्तराखंड के कई सड़क मार्ग बाधित।

◆ सौड़ा सरौली व रानी पोखरी के पास दो पुल बहे। 05 लोजी लापता, तीन घायल।

◆ पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र में महिला की मौत।

(हिमालयन डिस्कवर स्पेशल रिपोर्ट)।

जिले में बीती रात बादल फटने से रायपुर ब्लॉक के सौडा-सरौला-सरखेत क्षेत्र व रानी पोखरी के दो बड़े पुल टूटने की खबर से जहां शासन प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है वहीं 05 लोग लापता व 03 घायल होने की सूचना है। जबकि पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र की एक महिला की मौत हो गयी है। एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम सूचना पाते ही मौके पर पहुंच गई। घटना के बाद गांव में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर जगह घटना स्थल पर पहुंचकर अपडेट ले रहे हैं व आपदा एवं बचाव कार्य हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल कमिश्नर एवं जिलाधिकारी टिहरी से टेलीफोन पर बातचीत करके आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को व उनके पशुधन को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने के आवश्यक निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं जेसीबी में सवार होकर देहरादून लगा टिहरी क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर विद्युत आपूर्ति, पेयजल व आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग खोलने के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर जगह क्षेत्रीय विधायकों से फोन पर आपदा सम्बन्धी अपडेट ले रहे हैं व हर जिले के अधिकारियों को अलर्ट रहने के आदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हैलीकॉप्टर व सेना की मदद ली जाएगी। फिलहाल आपदा में हुए नुकसान का भी आंकलन किया जा रहा है।

ज्ञात हो कि रात भर लगातार बारिश के चलते राजधानी देहरादून के सौडा-सरौली, टपकेश्वर मंदिर गुफा, रानीपोखरी, व रायपुर स्थित पुल टूट गया है। पांच जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मालदेवता क्षेत्र के सात मकान, व कई वाहन बह गए हैं। वहीं रायपुर नेपाली फार्म के की घरों में पानी घुस गया है।


मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक विक्रम सिंह ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में देहरादून, चमोली और बागेश्वर के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े अधिकारियों रहने की जरूरत है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ ही कहीं-कहीं तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। बारिश से सौंग, सुसवा, चंद्रभागा नदियां उफान पर आ गई हैं। वहीं बंगाला नाला और अन्य छोटे नालों का जलस्तर भी बढ़ गया। लगातार हो रही बारिश के बाद प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है। वहीं देहरादून में भी प्रेमनगर के पास टोंस नदी उफान पर आ गई।

झमाझम बारिश होने के शहर के आसपास नदी नाले उफान पर आ गए हैं। बारिश के कारण चंद्रभागा, सौंग, सुसवा नदी और बंगाला नाला उफान पर हैं। जिन क्षेत्रों में बरसाती पानी की निकासी के इंतजाम नहीं हैं वहां सड़कें तालाब सी बन गई हैं। वहीं सौंग नदी का जलस्तर बढ़ने से खदरी और गौहरी माफी में भूमि कटाव शुरू हो गया है।

वहीं चंद्रभागा नदी के उफान पर आने और गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मायाकुंड, चंद्रेश्वर नगर, चंद्रभागा नदी किनारे रहने वाले लोगों, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा। प्रशासन की टीम ने मायाकुुंड, चंद्रेश्वर नगर और चंद्रभागा नदी के किनारे रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रही थी।  सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। नदी किनारे रहे रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए किया गया है। इसके लिए मुनादी कराई जा रही है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

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