अगरतल्ला/त्रिपुरा (हि. डिस्कवर)।
कोरोना काल में हुई बेहद शर्मनाक घटना के वीडियो वायरल होने के बाद आखिरकार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव कुमार देव द्वारा अगरतल्ला के डीएम को फौरन संस्पेंड कर उस पर जांच बिठा दी गयी है।
ज्ञात हो कि कोरोना काल में विभागीय अनुमति के अनुसार सम्पूर्ण नियमों का पालन करते हुए अगरतल्ला के माणिक्य कोर्ट नार्थ में शादी विवाह का कार्यक्रम चल रहा था। पंडित लग्नानुसार हिन्दू सनातन परंपराओं के मध्य नजर मंत्रोच्चार कर शादी सम्पन्न करवाने की गतिविधियों में तल्लीन थे कि तभी डीएम शैलेश यादव अपने प्रशासनिक अमले व पुलिस प्रशासन के साथ विवाह स्थल पर पहुंच जाते हैं।
वे आव देखते हैं न ताव और अभद्र भाषा के साथ शादी मंडप में शामिल वर-वधु पक्ष के लिए अशोभनीय बातें कर फौरन शादी कार्यक्रम से भगाना शुरू कर देते हैं। एक महिला जब उन्हें परमिशन दिखाती हैं तो वह परमिशन फाड़ कर अभद्र भाषा का प्रयोग कर पंडित की ओर लपकते हैं। पंडित जी की चुटिया वाले हिस्से पर जोर से धप्प मारते हुए उन्हें वहां से फौरन भाग जाने को कहते हैं। फिर दूल्हे की गर्दन पकड़कर अभद्र भाषा का प्रयोग कर उन्हें भी मंडप से धकियाते हैं। वे यहीं नहीं रुकते और अपनी बड़बोली भाषा में शादी के अतिथियों को अनाप शनाप कहकर मंडप से भगाना शुरू कर देते हैं। उस समय उन्हें देखकर यही महसूस हो रहा था कि वह हिन्दू सनातन सभ्यता व परम्पराओं को तार तार कर यह जताना चाह रहे हैं कि ये सब ढकोसला बंद करो।
उनकी करतूतों का वीडियो वायरल होता है। घटना 26 अप्रैल 2021 की अर्द्ध रात्रि में घटती है। जब यह सूचना क्षेत्रीय विधायक विधान सभा क्षेत्र 46 सुरमा (एस सी) को मिलती है तब वे ग्रामीणों के आक्रोश और हिन्दू सनातन परंपराओं के बने मजाक पर फौरन 27 अप्रैल 2021 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूचित करते है व साफ साफ शब्दों में 12 घण्टे के अंदर-अंदर डीएम शैलेश यादव को संस्पेंड कर अपने प्रदेश से बाहर भेजने की बात लिखते हैं।
मुख्यमंत्री व राज्यपाल को संबोधित अपने पत्र में विधायक आशीष दास लिखते हैं कि जिलाधिकारी ने न सिर्फ वर और बधू पक्ष को बेइज्जत किया बल्कि उन्होंने हिन्दू सनातन धर्म की परंपराओं का घोर अपमान भी किया है। उन्होंने समाज में पूजनीय पंडित का ही अपमान नहीं किया बल्कि दूल्हे व बाराती घराती पक्ष के साथ खुलकर बत्तमीजी की।
विधायक आशीष दास ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष कोविड के सम्पूर्ण नियमों का पालन करके अनुमति अनुसार हिन्दू लग्न मुहूर्त के आधार पर विवाह संपन्न करवा रहे थे लेकिन डीएम शैलेश यादव ने लग्न भ्रष्ट कर दूल्हा-दुल्हन के पवित्र बंधन का घोर अपमान किया है। ऐसे में डीएम शैलेश यादव को 12 घण्टे के अंदर फौरन बर्खास्त कर इस प्रदेश से बाहर भेजें व इन पर विभागीय जांच बिठायें।
मुख्यमंत्री ने त्वरित संज्ञान लेते हुए डीएम को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार हिन्दू सनातन धर्मावलंबियों में बढ़ते रोष को देखकर अब दो दो सासंद मुख्यमंत्री के कहे अनुसार दुल्हन पक्ष से इस संदर्भ में मुलाकात कर जानकारी जुटाएंगे। खबर तो यह भी है कि जिलाधिकारी ने सार्वजनिक रूप से अपने कृत्य के लिए माफी मांगी है।
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