नई दिल्ली/देहरादून (हि. डिस्कवर)
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का ब्रेन हैमरेज के चलते निधन हो गया है। दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में उनकी तबीयत बिगड़ी थी, प्रयत्क्षदर्षियों के अनुसार उन्हें आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया जहां हर्ट अटैक के चलते उनकी मृत्यु हुई। उनका निधन ब्रेन हैमरेज से हुआ या हर्ट अटैक से यह जानकारी अभी साफ नहीं है। उनके निधन की खबर से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
बता दें कि इंदिरा हृदयेश का जन्म 7 अप्रैल 1941 में हुआ था। वह एक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेता, विधायक और साथ ही भारत में उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष की नेता रही। वह 2012 के उत्तराखंड विधान सभा चुनाव में हल्द्वानी निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गई थीं। वह उत्तराखंड 2012 से 2017 तक उत्तराखंड सरकार में हरीश रावत के तहत संसदीय कार्य, उच्च शिक्षा और योजना मंत्री थीं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रीमती इंदिरा हृदयेश के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए कहा है कि “उत्तराखण्ड राज्य की वरिष्ठ नेत्री, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहीं मेरी बड़ी बहन जैसी आदरणीया श्रीमती इंदिरा हृदयेश जी के निधन का दुखद समाचार मिला।मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान के श्री चरणों में प्रार्थना करता हूँ।
स्वo इंदिरा हृदयेश जी से मेरा परिचय दशकों पुराना रहा है। उनसे सदा मुझे बड़ी बहन जैसी आत्मीयता मिली। विधानसभा में जनहित के मुद्दे उठाने में वे सदा अग्रणी रहती थीं। मैं इस कठिन समय में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति अपनी सांत्वना व्यक्त करता हूँ।ॐ शांति।
वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि “अयम् आत्मा ब्रह्म !
नेता प्रतिपक्ष श्रीमती इंदिरा हृदयेश जी का अकस्मात हम सबसे इतनी दूर चले जाना स्तब्धकारी है। कांग्रेस परिवार सदैव आपकी रिक्तता का अनुभव करेगा। सादर श्रद्धांजलि।
ज्ञात हो कि इंदिरा हृदयेश हमेशा ही उत्तराखण्ड की प्रथम पांत की तेज तर्रार नेताओं में गिनी जाती थी व कांग्रेस में उन्होंने लगभग 4 दशक से अधिक विभिन्न पदों पर अपनी महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्हें देश के जाने माने नेता स्व. नारायण दत्त तिवारी का बेहद करीबी माना जाता था। उन्होंने उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में निम्न पदों पर रहकर कार्य किया है :-
● 1974-1980 उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए चुनी गई (पहला कार्यकाल)।
● 1986-1992 उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए चुनी गई (दूसरा कार्यकाल)।
● 1992-1998 उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए चुनी गई (तीसरा कार्यकाल)।
● 1998-2000 उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए चुनी गई (चौथा कार्यकाल)।
● 2000-2002 सदस्य अंतरिम उत्तराखंड विधान सभा
विपक्ष के नेता उत्तराखंड विधान सभा।
● 2002-2009 उत्तराखंड विधान सभा के लिए चुनी गई (पहला कार्यकाल)। लोक निर्माण, संसदीय मामलों के कैबिनेट मंत्री,
राज्य संपत्ति, सूचना, विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
● 2012-2017 उत्तराखंड विधान सभा के लिए निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल)। वित्त, वाणिज्यिक कर, टिकट और पंजीकरण के लिए कैबिनेट मंत्री, मनोरंजन कर, संसदीय कार्य, विधायी कार्य, चुनाव, जनगणना, भाषा, प्रोटोकॉल।
● 2017 – अब तक उत्तराखंड विधान सभा के लिए निर्वाचित (तीसरा कार्यकाल)
विपक्ष के नेता उत्तराखंड विधान सभा।

