Sunday, February 15, 2026
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कुर्सी को कहें बाय बाय…आपको सेहतमंद बना देगी जमीन पर बैठने की आदत

जमीन पर बैठना प्राचीन भारतीय संस्कृति रही है। हमारे यहां खाना खाने से लेकर शिक्षा पाने तक कई काम जमीन पर ही बैठकर ही किए जाते थे। लेकिन समय बदलने के साथ अब कुर्सी और सोफे ने अपनी जगह बना ली है। यह सच है कि इन चीजों से हमारी लाइफस्टाइल बदली हैं और सुविधाएं भी बढ़ी हैं लेकिन इससे सेहत से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ी हैं। जमीन पर बैठना सिर्फ हमारी संस्कृति ही नहीं थी, इससे कई तरह के हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं. जमीन पर बैठने के फायदे अगर आप जान लेंगे तो यकीन मानिए कुर्सी पर बैठना छोड़ देंगे।

जमीन पर बैठने के 5 जबरदस्त फायदे

माइंड पॉजिटिव रहता है
जमीन पर बैठने से मन में पॉजिटिविटी बढ़ती है। इससे दिल-दिमाग से निगेटिविटी का सफाया हो जाता है। अगर आप हर दिन 10 से 15 मिनट ही जमीन पर बैठते हैं तो खुद में एक अलग तरह की एनर्जी महसूस करेंगे।

बॉडी फ्लैक्सिबल बनती है
जमीन पर बैठने और उठने में शरीर के सभी मुख्य जोड़ों का इस्तेमाल होता है। कई मांसपेशियां भी इसमें वर्क करती हैं. रोजाना जमीन पर बैठना एक तरह की एक्सरसाइज ही है। नियमित तौर पर इसकी प्रैक्टिस बॉडी को फ्लैक्सिबल बनाती है।

दिमाग के लिए फायदेमंद
पद्मासन और सुखासन की तरह ही जमीन पर बैठना भी दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अगर आपका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है या किसी चीज में दिमाग नहीं काम कर रहा तो जमीन पर बैठने का आदत डालनी चाहिए।

बॉडी पोश्चर बेहतर होती है
अगर आप रोजाना जमीन पर बैठते हैं तो आपकी बॉडी पोश्चर सुधरती है। चूंकि हर दिन जमीन पर बैठने से मांसपेशियां और जोड़े काम करते हैं, उनका इस्तेमाल होता है, इससे पोश्चर में सुधार होता है।

पाचन तंत्र दुरुस्त होता है
जमीन पर बैठने से पाचन क्रिया अच्छी होती है। जमीन पर बैठकर भोजन करना पेट के लिए फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र की समस्याएं कम होती हैं। इसलिए रोजाना जमीन पर जरूर बैठें। हो सके तो खाना जमीन पर ही बैठकर खाएं।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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