पौड़ी गढ़वाल 1 मई 2020 (हि. डिस्कवर)
यों तो हर कोई अपनी सामर्थ अनुसार जो कुछ भी इस महामारी के दौर में सेवाभाव बन पा रहा है वह कर ही रह है, लेकिन यह जरा अलग किस्म का है। लोग जहां इस महामारी में घरों में दुबककर बैठ जाते हैं इनकी छटपटाहट देखते ही बनती है। लोग अपने देहरादून के सभी सुविधाओं से लेस घरों में रहकर राहत का कार्य राहत लेकर कर रहे हैं और ये गरीबों, मजलूमों व मजदूरों, प्रवासियों की पीड़ा का भागीदार बने हुए हैं। नाम है राकेश बिजल्वाण…!
राकेश बिजल्वाण “विचार एक नई सोच” न्यूज़ पोर्टल के सम्पादक व पलायन एक चिंतन समूह के सदस्य द्वारा डी आर फार्मा देहरादून व चौखम्बा मेडिकॉज़ ग्रुप के ओनर हैं। इन्ही विभिन्न प्लेट फॉर्म के माध्यम से शुरुआती एक हफ्ता देहरादून में सैकड़ों की संख्या में मास्क, सेनेटाईजर व चौराहों पर खड़े पुलिस विभाग के जवानों को फ्रूटी दवाइयां इत्यादि बांटने के बाद आवश्यक दवाइयां लेकर पौड़ी पहुंचे राकेश बिजल्वाण विगत एक माह से भी अधिक समय से विकास खण्ड कल्जीखाल के मनियारस्यूँ क्षेत्र व उसके आस पास के इलाके में काम कर रहे नेपाली व अन्य कामगार मजदूरों, गरीब परिवारों व ग्रामीणों में राशन, मास्क, सेनेटाइजर व दवाइयां मुफ्त बांट रहे हैं।
विगत दिनों राकेश बिजल्वाण से हुई दूरभाष पर वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि मैं बहुत खुश इसलिए हूँ कि मैं प्रशासनिक सहयोग के साथ अपनी आंखों के सामने उन लोगों को यथासम्भव मदद पहुंचा रहा हूँ जिन्हें यकीनन इस समय इस सब की सख्त आवश्यकता है। उन्हें दिली-तसल्ली है कि उनका यह प्रयास बेहद सफल हो रहा है व आत्म सन्तोष इस बात का है कि जो मेरी जेब से जा रहा है वह सही व्यक्ति को मिल रहा है।
राकेश बताते हैं कि सबसे ज्यादा पीड़ा उन्हें इस बात की हुई जब बाजार में अचानक सेनेटाइजर की कीमत दोगुनी हो गयी। और तो और कई कम्पनियों ने इतनी जल्दी सेनेटाइजर की बोतल पर नये रेट तक चस्पा दिए। उन्होंने कहा उन्होंने जहां सैकड़ों सेनेटाइजर फ्री में बांटे वहीं जहां जहां भी उनके मेडिकल स्टोर हैं या जहां भी गढ़वाल कुमाऊं के मेडिकल स्टोरों पर दवा जाती हैं उन्हें व्यक्तिगत फोन करके उनसे रिक्वेस्ट भी की कि कमाई के अभी सैकड़ों मौके हैं, इस महामारी के दौर में अगर हम दोगुनी कीमत पर दवा या सेनेटाइजर बेचेंगे तो हमारी आत्मा हमें हमेशा झकझोरती रहेगी।
उन्होंने बताया कि कल्जीखाल विकास खण्ड की मनियारस्यूँ पट्टी में कि सरकारी खाद्यान्न योजना से वंचित व नेपाली मजदूरों को उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर आज राशन किट वितरित किए गए। यह किट क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक वी एस भंडारी, भुवनेश पडियार व सामाजिक कार्यकर्ता विपिन रावत द्वारा जरूरतमंदों के घर तक पंहुचाये गए।
पत्रकार अजय सिंह रावत ने कहा कि चूंकि हम सभी पलायन एक चिंतन टीम के सदस्य होने के साथ क्षेत्रीय ग्रामीण भी हैं इसलिए यह कहते ही मुझे तनिक भी झिझक नहीं है कि यह टीम जो कार्य व जिस तरह का सहयोग हमारे मनियारस्यूँ पट्टी में कर रही है वह प्रशंसनीय के साथ साथ एक उदाहरण पेश करने के लिए काफी है। उन्हें खुशी है कि वे स्वयं भी कहीं न कहीं इस टीम के हिस्सा हैं।
विचार एक नई सोच के मुखिया व पलायन एक चिंतन के सह संयोजक राकेश बिजल्वाण ने बताया कि एक किट में 5 से 10 किलो आटा, 5 किलो चावल, 1 किलो दाल, नमक, मसाले, तेल, आलू , प्याज़ के साथ मास्क और सैनिटाइजर भी शामिल था। प्रथम चरण में करीब 3 दर्जन जरूरतमंदों को किट दिए गए। इस मौके पर नरेश भारद्वाज और कंन्चन भी मौजूद थी।
उन्होंने कहा कि यह सचमुच पुण्य का काम है, फोटो खिंचवाकर यह सहयोग करने का मैं क़तई पक्षधर नहीं हूं लेकिन मित्रों ने सलाह दी कि हो सकता है मेरी देखा-देखी में कोई अन्य भी इस तरह गरीबों, मजलूमों व मजदूरों को सहयोग करने के लिए आगे आये।
ज्ञात हो कि राकेश बिजल्वाण अभी तक 58 बार ब्लड डोनेट कर चुके हैं। 58वीं बार ब्लड डोनेट करते समय जब उन्हें पता चला कि कोरोना संक्रमित लोगों को खून की आवश्यकता पड़ रही है त उन्होंने 25 यूनिट खून रक्तदान करने के लिए अपने सम्पर्कों का इस्तेमाल किया व 25 यूनिट खून दून हॉस्पिटल स्थित ब्लड बैंक को दिलवाया।



