Saturday, March 14, 2026
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नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता अभी भी बरकरार। प्रचंड बोले संसद के विघटन के खिलाफ नेपाल बन्द में “बादल” को नहीं लाया जा सका।

काठमांडो (हि. डिस्कवर ब्यूरो रिपोर्ट)
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (CPN) के अध्यक्ष पुष्पा कमल दहल ‘प्रचंड’ ने अपने समूह में बामदेव गौतम और राम बहादुर थापा ‘बादल’ को लाने की कोशिश की, लेकिन बादल लाने में असफल रहे। उन्होंने शुक्रवार को बाबर महल में कार्की पार्टी पैलेस में आयोजित एक बैठक में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हालांकि बादल को नहीं लाया जा सका, लेकिन बामदेव के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा था और चर्चा सकारात्मक दिशा में बढ़ रही थी।


प्रचंड को पहले दोनों केंद्रीय समितियों के भाग लेने की उम्मीद थी लेकिन अभी तक राम बहादुर थापा ‘बादल’ वाली समिति ने अपना दृष्टिकोण साफ नहीं किया है जिससे यह मामला फिलहाल कुछ दिन और लटक जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि बादल ने आज बालूतरा बैठक में भाग लिया था। यह कहते हुए कि ओली समूह के 23 केंद्रीय सदस्य उनके समूह में शामिल हो गए हैं, इस बात पर प्रचंड ने खुशी जताई।

उन्होंने कहा कि दिनेश प्रसाद पंथी, पूर्ण प्रसाद सूबेदार, शेरबदादुर तमांग, दावा तमांग और कुल प्रसाद केसी समेत 23 लोग उनके समूह में शामिल हो गए हैं और यह संख्या जल्दी ही बढ़ जाएगी यह उन्हें पूरा विश्वास है।

ज्ञात हो कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (CPN) के प्रचंड-माधव समूह द्वारा बुलाई गई केंद्रीय समिति की बैठक में, एजेंडा को ‘नेपाल बंद’ तक शामिल किया गया है। संसद के विघटन के खिलाफ दो चरण के आंदोलन पर गुरुवार को बाबर महल में कार्की पार्टी पैलेस में आयोजित बैठक में चर्चा की गई।

प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने 29 जनवरी से पहले चरण के तहत सभी जिलों में जन संगठनों के प्रदर्शनों और सभाओं को आयोजित करने और 4 दिसंबर को शहर और स्थानीय स्तर पर रैलियों और प्रदर्शनों का आयोजन करने का एजेंडा पेश किया है।

बहरहाल सीपीएन के एकजुट होने पर उन्होंने के पी ओली को 38 पन्ने का जबाब लिखकर दिया है। हो सकता है यह जबाब देते हुए उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया हो।

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