Monday, January 19, 2026
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पौड़ी एसडीएम प्रकरण। सामाजिक मुद्दे बड़े या अफरशाह…! इतना मारूंगा कि सही हो जाएगा….

पौड़ी (हि. डिस्कवर)।

◆ पौडी एसडीएम बोले में इतना मारूंगा न साले सही हो जाएगा …..! 

◆ अबे साले कलेक्टर है या…..।

पौड़ी एसडीएम प्रकरण …! वीडियो में एसडीएम के बड़बोले शब्द…! या फिर युवा नेता कांग्रेस महासचिव के मुंह से निकले शब्द..। दोनों ही प्रहार तीखे। न एसडीएम को अपनी सीमा रेखा भूलनी चाहिए थी न युवा नेता नितिन बिष्ट को। और इस सबसे इतर प्रश्न यह है कि सामाजिक मुद्दे बड़े हैं या अफसरशाह या फिर अफरशाही?

एक वीडियो में जब नितिन बिष्ट एसडीएम से पूछ रहे हैं कि काम आपने करने है या मैंने करना है? तब एसडीएम प्रत्युत्तर में जबाब देते हैं –इतना मारूंगा न साले सही हो जाएगा …..! (गला पकड़कर) इधर आ ..उतर नीचे। 

वहीं बीच बचाव में कोई कर्मचारी बीच में आता है और कहता है ये कलेक्टर साहब हैं और नितिन को धकियाते हुए नीचे उतारने की कोशिश करते हैं। तभी उनकी आवाज रिकॉर्ड होती है- अबे साले कलेक्टर है या…..।

दूसरा वीडियो सामने आया तब स्थिति स्पष्ट हुई। जिसमें साफ दिख रहा है कि अग्निवीर परीक्षा में शामिल होने जा रहे युवाओं के चरित्र प्रमाण पत्र के पीछे यह सब कुछ हो रहा है। शांय पहर के 08 बज चुके हैं व युवा बहुत दूर दूर के गांव से चरित्र प्रमाण पत्र बनाने पहुंचे हैं। एसडीएम नितिन बिष्ट को थाने ले जाने की बात कर रहे हैं व उसे धकिया रहे हैं। एसडीएम कहते हैं- इसे थाने ले जाओ। नितिन जबाब में कहते हैं – मुझे कहीं भी ले जाओ ..कोई दिक्कत नहीं। फिर कहता है इन युवाओं के खाने की व्यवस्था व कैरेक्टर सर्टिफिकेट बनने में …! एसडीएम कहते हैं- कैरेक्टर सर्टिफिकेट 06 महीने का होता है। 15 दिन बनने में लगते हैं। नितिन कहते हैं- समय कम क्यों किया गया। फिर एसडीएम चीता पुलिस को फोन करके कहते हैं। सरकारी काम में बाधा डाल रहा है। नितिन कहते हैं-08 बजे कौन सा सरकारी काम। एसडीएम कहते सुनाई देते हैं- मैने दुकान खोल रखी है।

यह सारा प्रकरण आम जनता के मध्य चल रहा था और इसका वायरल हुआ वीडियो भी यही कहता दिखाई दे रहा है। इस सारे घटनाक्रम में जहां एक अधिकारी अपने प्रोटोकॉल से बाहर निकल आम जनता के मध्य यह सब बातें रख रहे थे वहीं प्रश्नोत्तर में यह भी सत्य है कि हर व्यक्ति को अभिव्यक्ति की आजादी के तहत यह जानने का अधिकार तो होता ही है कि आम जन के अधिकारों का कहीं हनन तो नहीं हो रहा है। बशर्ते वह सब सरकारी कार्य में बाधा डालने वाला न हो।

पूरे प्रकरण ने जहां प्रदेश भर में वायरल वीडियो के तहत यह चर्चा शुरू कर दी है कि क्या एसडीएम को इस तरह रिएक्ट करना शोभा देता है वहीं कुछ का कहना यह भी है कि युवा नेता को यह शब्द नहीं कहने चाहिए थे कि –

इससे आगे क्या हुआ वायरल वीडियो में नहीं दिखता लेकिन दूसरा वायरल वीडियो एसडीएम व नितिन बिष्ट की नोंक झोंक का फिर दिखता है। जिसमें नितिन बिष्ट एसडीएम को कह रहे हैं कि अबे साले कलेक्टर है या…..।

बहरहाल पूरे प्रकरण में दोनों ही पक्ष की शुरुआती नोंक झोंक देख ज्यादात्तर लोगो में एसडीएम की कार्यशैली को देखते रोष दिख रहा है क्योंकि इस समय सारे युवा अग्निवीर परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए एसडीएम कार्यालय में जमा हुए हैं व हर कोई अपने चरित्र प्रमाण पत्र बनने का इंतजार कर रहा है।

युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नितिन बिष्ट ने जानकारी  बताया कि युवाओ के समय से प्रमाणपत्र नही बन पा रहे थे।  जिस वजह से युवाओं की बात लेकर वो एसडीएम के पास पहुँचे थे, लेकिन एसडीएम उनकी बात सुनने की बजाय गुंडई पर उतर आए।। वहीं एसडीएम ने बताया कि कॉंग्रेस नेता के खिलाफ सरकारी काम मे बाधा डालने में मुकदमा भी कल रात ही दर्ज करवा लिया गया है। एसडीएम ने बताया कि हम देर रात तक अग्निवीर भर्ती के लिए युवाओं के प्रमाणपत्र बना रहे थे ।इसी बीच एक युवा खुद को कॉंग्रेस नेता बताता हुआ आया और कार्य मे बाधा डालने के साथ साथ हमारे कर्मचारियों को भी धमकाने लगा। जिसके बाद वो लगातार उग्र होता गया जिससे मुझे भी उसकी इन हरकतों से थोड़ा गुस्सा आ गया।

ज्ञात हो कि विगत दिवस से अग्निवीरों की भर्ती कोटद्वार में शुरू हो गयी है जिसमें चमोली जिले के आये युवाओं ने अपनी किस्मत आजमाई।  प्रदेश भर से लगभग 63,360 युवाओं ने अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है जिसमें अकेले चमोली जिले से 9306 युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण हुआ है। लेकिन भर्ती प्रक्रिया पर बहुत सारे युवाओं ने सवाल दागे व उसकी खामियों का जिक्र करते हुए बताया कि इस भर्ती चयन प्रक्रिया में बहुत सारी खामियां हैं जिसमें बिना टाइम लिमिट के ही ग्राउंड पर दौरा दिया जा रहा है । व 350 में से मात्र 10 लोगों को दौड़ में अंदर किया जा रहा है। यूँ तो भर्ती नॉर्म्स में लंबाई 163 इंच मांगी गई है लेकिन जिसे बाहर निकालना है उसके लिए 166-67 इंच लम्बाई का मापदंड पुलिस वाले रख रहे हैं। कहीं डॉक्युमेंट्स में कमी निकाली जा रही है तो कहीं किसी अन्य बात पर। 80 प्रतिशत युवाओं को यूँहीं बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। कभी 500 मीटर दौड़ तो कभी 300 मीटर दौड़ के मानक तय किये जा रहे हैं।

बहरहाल एक ओर पौड़ी एसडीएम व नितिन बिष्ट प्रकरण गर्माया हुआ है तो दूसरी ओर अग्निवीर भर्ती में बाहर हुए एक युवा को अपने सर्टिफिकेट जलाते हुए देखा गया है जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। हिमालयन डिस्कवर हर युवा से अनुरोध करता है कि आपके प्रमाण पत्र आपके लिए बहुमूल्य हैं जिनके आधार पर आपके परिवार की आस आप पर टिकी है अतः ऐसा कृत्य न करें जिससे आपकी व आपके परिवार की भविष्य की उम्मीदों पर पानी फिर जाए।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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