Wednesday, March 11, 2026
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पहाड़ विकास मंच, यमुना घाटी की नई पहल…। अपने खलिहान से शुरू करेंगे विकास का एजेंडा।

●आओ अपने खलियान से जारी करें, अपने विकास का एजेंड़ा।

● क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों, युवा व मातृशक्ति से निवेदन।

 ●राजनीति छोड़ इस महा अधिवेशन में जुटकर विकास के स्थानीय।

●एजेंडे पर बातकर राजधानी में बैठे नीति-निर्धारकों को चेताएं।

●क्षेत्रीय एवं पर्वतीय विकास के लिए तैयार ऐजेंडे व मांग पत्र को प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा व मीडिया एवं सोसल मीडिया के माध्यम से जन जन तक यह अभियान पहुंचाया जाएगा।

पुरोला (उत्तरकाशी)। 

पहाड़ विकास मंच यमुना घाटी ने एक अनूठी पहल के तहत एक जनआंदोलन को सक्रिय करने की बात कही है। वरिष्ठ पत्रकार विजेंद्र सिंह रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से
रवांई घाटी के विकास की एक मुहिम को पहाड़ विकास मंच के माध्यम से शुरू करते हुए आवाहन किया है कि “आओ अपने खलियान से जारी करें, अपने विकास का एजेंड़ा” ।

उन्होने क्षेत्रीय बुद्धिजीवी, युवा व मातृ शक्ति से अनुरोध किया है कि हम एक नई शुरुआत करके बेवजह की राजनीति न पड़कर राजधानी में बैठे नीति-निर्धारकों को चेताएं कि बहुत हुआ अब जनता जनार्दन जैसा चाहेगी वैसा ही होगा। उन्होंने कहा है कि जल्दी ही प्रदेश के सबसे कम पलायन एवं कृषि व बागवानी में समृद्ध क्षेत्र रवांई के नौगांव में क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों का एक चौपाल का आयोजन कर पर्वतीय विकास की नई पहल की जाएगी।

हम अपनी समस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी सिर्फ सचिवालय के वातानुकूलित आफिसों में बैठे नौकरशाहों व उनकी सलाह पर चलने वाले नेताओं पर नहीं छोड़ सकते। इसलिए हम अपनी समस्याओं पर एक संयुक्त जन मांग एवं जनघोषणा पत्र जारी कर उन्हे राज्य के मुख्यमंत्री की सेवा में प्रस्तुत किया जाएगा।

क्षेत्र की प्रमुख मांगें——।

1- विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए करीब ढाई सौ मील तक फैले उत्तरकाशी की यमुना घाटी का पृथक जिला बनाया जाए।
2- रवांई में एक सरकारी अस्पताल को बेस अस्पताल बनाकर उसे सारी आधुनिक सुविधाओं व विशेषज्ञ चिकित्सकों से लैस किया जाए ताकि यहां के बीमार लोग व प्रसूता बेटियां देहरादून के रास्ते में दम तोड़ने को मजबूर न हों।
3- जरमोला के सरकारी बाग में बागवानी विश्वविद्यालय भरसाड़ की शाखा खोली जाए, जिसमें युवाओं को आधुनिक बागवानी, हर्विकल्चर, फ्लोरीकल्चर आदि का स्तरीय प्रशिक्षण देकर उनके लिए स्वरोजगार के रास्ते खोले जाएं। वैसे यहां करीब 15 साल पहले माली प्रशिक्षण केन्द्र खोला गया था। जहां सिर्फ बिल्डिंग व बोर्ड लगा है।
4 – यमुना घाटी के नौगांव में वर्षों से मंजूर मंडी को शीघ्र स्थापित किया जाए।
5- मोरी में सतलुज परियोजना की जलविद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीण लोगों व नेताओं को छोटे छोटे लाभ देने के बजाय यहां एक स्तरीय कृषि व जड़ी-बूटी प्रशिक्षण संस्थान खोलकर स्थानीय युवाओं को बागवानी, मशरूम, जड़ी-बूटी उत्पादन प्रशिक्षण, फूलों की खेती, केसर की खेती आदि स्वरोजगार का प्रशिक्षण दें ताकि वे अपने ही गांव में रोजगार कमा सकें।
– सांकरी क्षेत्र में होम पर्यटन एवं एडवेंचर टूरिज्म का शानदार काम करने वाले युवाओं को मदद दे कर उनके नेतृत्व में यमुना घाटी में युवाओं के लिए एक पर्यटन प्रशिक्षण केन्द्र खोला जाए।
– एक स्थान से गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कराने वाले बाबा बौखनाग शिखर को नये पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
– बागवानी के लिए बीज, दवा, कीटनाशक व यंत्रों की खरीद के लिए प्रगतिशील बागवानों की सलाहकार समिति बने और देश की नामी कंपनियों से ही खरीद हो, मोटी कमिशन के लिए घटिया व किसानों को तबाह करने वाली चीजें न खरीदी जाएं। ताकि जनता के धन का सदुपयोग हो सके।
– उत्तराखंड के सबसे बड़े सेब उत्पादक क्षेत्र सेवरी के लिए करीब 40 साल से अधूरे पड़े मोटर मार्ग का शीघ्र निर्माण किया जाए।
– बेटी और माटी का अनिवार्य हेल्थ कार्ड बनाया जाए।
– बेरोजगारों की फौज तैयार करने वाली शिक्षा के बजाए बेसिक से ही अनुशासन के लिए सैनिक शिक्षा और स्वालंबन के लिए कृषि बागवानी, प्रर्यावरण व इको टूरिज्म की शिक्षा अनिवार्य रूप से जोड़ी जाए।
– सिर्फ किताबी कीड़ों के बजाए स्थानीय प्रगतिशील कृषकों व बागवानों को अतिथि शिक्षकों के रूप में शिक्षा संस्थानों से जोड़ा जाए।
– मां यमुना के तीर्थ यमनोत्री का विकास मां वैष्णोदेवी धाम के तर्ज पर हो, और यमुना के वास्तविक उद्गम सप्तश्रृषि कुंड के दर्शन के लिए शानदार व्यवस्था हो इससे हजारों युवाओं के लिए स्वरोजगार के नये द्वार खुलेंगे।
इसके अलावा नौगांव में आयोजित इस चौपाल में बुद्धिजीवियों के विकास के अन्य सुझाव आमंत्रित होंगे। इस कार्यक्रम को देशभर में लाइव दिखाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि पूरा उत्तराखंड अपने विकास सम्बंधी अधिकारों के प्रति जागरूक व सरकार को सचेत कर सके और सरकार जन कल्याण की योजनाएं लागू करने के लिए मजबूर हो सके।
अपने विकास एजेंडे के लिए नौगांव चलें ……! का कार्यक्रम शीघ्र तय किया जाएगा। कार्यक्रम में राजनीति को छोड़ एक सच्चे रवांल्टे की तरह अपनी बात रखें।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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