(मनोज इष्टवाल)
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह नेगी व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशानिर्देश के अनुसार पर्यटन विभाग उत्तराखण्ड व जिला प्रशासन पौडी के तत्वावधान में नयार घाटी में राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल का आयोजन आगामी 19 नवम्बर से लेकर 22 नवम्बर तक होगा। जिसको मूर्त रूप देने के लिए हासा व नाफी की टीम ने आयोजन स्थल के लैंडिंग, टेक ऑफ, सुरक्षा व मेजर फ्लाइंग स्थलों का व्यापक रूप से स्थलीय निरिक्षण किया जिसमें एयर फोर्स के ट्रेंड तीन-तीन ग्रुप कैप्टेन शामिल थे।
इस दौरान गोल्डन महाशीर कैम्प के पैराग्लाइडिंग पायलट किशोर ठाकुर द्वारा घिल्डियाल टेक ऑफ स्थल ढाडूखाल से पांच सफल फ्लाइंग कर विभिन्न चिन्हित तीन स्थलों में लैंडिंग की जिसने माँ भुवनेश्वरी मंदिर का पास बने विशाल लैंडिंग जोन, पम्प हाउस हैम्प एरिया लैंडिंग जोन व गांव के पास ही सारी एरिया लैंडिंग जोन शामिल हैं।
छुट्टी पर चल रहे जिलाधिकारी धिराज गर्ब्याल इस दौरान लगातार ज़ूम मीटिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न अधिकारियों के साथ साहसिक खेल सम्बन्धी प्रगति आख्या हासा के सचिव विनय सिंह से मांगते रहे जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्हें हर गतिविधि मुहैया करवा रहे थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण हेतु पहली टीम प्रशिक्षण लेकर वापस आ चुकी है व पिछले हफ्ते ही दूसरी 10 से 12 सदस्यीय टीम बीर बिलिंग हिमाचल प्रदेश भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वह इस कोशिश में लगे हुए हैं कि पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण लेकर यहां के होनहार युवक/युवतियां ही पायलट बने व आगामी समय मेें इसी को अपना पेशा बनाये व देश दुनिया में अपना नाम रोशन करें।
नाफी के अध्यक्ष आरके सिंह:-
नेशनल एयर स्पोर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट ग्रुप कैप्टेन आर के सिंह इंस्पेक्शन टीम के हेड के रूप में टीम के अन्य मेम्बर्स जिनमें ग्रुप कैप्टेन राकेश, ग्रुप कप्तान आलोक चटर्जी व हासा के सेक्रेटरी विनय सिंह शामिल हैं, ने तीनों लैंडिंग जोन का स्थलीय निरीक्षण कर मूलतः दो लैंडिंग स्थलों को सम्पूर्ण दृष्टि से उपयुक्त माना है, वहीं उन्होंने टेक ऑफ स्थल की विंड लोकेशन का अनुमान लगाकर इसे पूर्णतः स्वीकार्य मानकर बताया कि यह घाटी में साहसिक खेलों के लिए आने वाले समय में भारत बर्ष की सबसे चहेती घाटी बन सकती है क्योंकि यहां एक साथ जल, थल व नभ में साहसिक खेलों की गतिविधियां प्रारम्भ की जा सकती हैं।
नाफी के अध्यक्ष ग्रुप कैप्टेन आरके सिंह ने सलाह दी है कि अगर राज्य सरकार इस मुहिम को ऐतिहासिक बनाना चाहती है तो उसे इसे अपने पारंपरिक त्यौहारों से जोडकर इसका नामकरण करना चाहिये। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों से जानकारी प्राप्त हुई है कि इस दौरान अक्टुबर-नवम्बर माह में यहां इगास-बग्वाल त्यौहार आयोजित होता है तो क्यों न उत्तराखंड सरकार इस फेस्टिवल को नयार वैली चैंपियनशिप में इगास-बग्वाल एडवेंचर फेस्टिवल के नाम से हर बर्ष इन्हीं महीनों में आयोजित करे। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि यह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का गृह जनपद क्षेत्र व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का आधा भाग विधान सभा क्षेत्र व वर्तमान सांसद तीरथ सिंह रावत का विकास खण्ड क्षेत्र पड़ता है ऐसे में अगर इन सभी गणमान्य लोगों की इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी सम्भव है। आरके सिंह ने कहा कि यह प्रशासनिक स्तर पर भी बेहद सुंदर अवसर है क्योंकि वर्तमान पर्यटन सचिव दलीप जवालकर पूर्व में न सिर्फ पौडी जनपद के जिलाधिकारी रहे हैं बल्कि वे गढ़वाल कमिश्नर भी रहे हैं व सम्पूर्ण नयार घाटी उनकी फिंगर टिप्स पर है। वहीं वर्तमान जिलाधिकारी धिराज गर्ब्याल भी मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ इस जनपद में साकारात्मक परिणाम देते आ रहे हैं, इसलिए पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र आगामी समय में बड़ा नाम कमा सकता है व इस घाटी में कई होटल व स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
हासा के सचिव विनय सिंह:-
हिमालयन एरो स्पोर्ट एसोसिएशन (हासा) के सचिव विनय सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार के तत्वावधान में नयार घाटी में लगभग 5 दिन तक बिलखेत क्षेत्र से लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के पैतृक गांव खैरासैण तक आगामी 19 नवम्बर से लेकर 22 नवम्बर तक आकाश, जमीन व पानी में कई तरह की साहसिक गतिविधियां आपको दिखने की मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल में आसमान में एरो स्पोर्ट के रूप में पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, पैरा ट्राइक, स्काई डाइबिंग, हॉट एयर बैलून, हैंग ग्लाइडिंग तो वाटर स्पोर्ट्स में फिश एंगलिंग, क्याककिंग, राफ्टिंग डिस्प्ले व लैंड स्पोर्ट्स में ट्रेल रनिंग व माउंटेन ट्रेल बाइक साइकलिंग जैसे दर्जनों साहसिक खेल दिखेंगे जिसमें देश भर से लगभग 130 प्रतिभागी शामिल होने जा रहे हैं। विनय सिंह ने बताया कि यह इस प्रदेश के लिए एक बड़ी अपॉरचुनिटी है जो आगामी समय में प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
क्रॉस कंट्री फ्लाइंग:-
विनय सिंह ने बताया कि उनका यह अभियान यहीं नहीं रुकने वाला बल्कि प्रदेश की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए फेस्टिवल के अंतिम दिन उनकी अगुवाई में दर्जन भर पैरामोटर्स पायलट बिलखेत से उड़ान भरकर टिहरी झील पहुंचेंगे व वहां से देहरादून के लिए उड़ान भरेंगे। इससे वह प्रदेश के तीन नहीं बल्कि चार जनपदों तक साहसिक पर्यटन की गतिविधियों के बढ़ावे का सन्देश देंगे जिनमें जनपद पौडी, हरिद्वार, टिहरी व देहरादून शामिल हैं। विनय सिंह का मानना है कि टिहरी झील वाटर स्पोटर्स के लिए विश्व भर में आकर्षण का केंद्र बन सकती है लेकिन उसके लिए शासन प्रशासन व नेतृत्व को बेहद सटीक योजना के साथ काम करना होगा।
गोल्डन महाशीर कैम्प के रतन सिंह असवाल:-
पलायन एक चिंतन के संयोजक व गोल्डन महाशीर कैम्प सीला (बांघाट) के संचालक रतन सिंह असवाल ने नयार घाटी में साहसिक खेलों की शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की दिल खोलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की यह नेतृत्व क्षमता ही है कि इस घाटी में राष्ट्रीय स्तर पर कोई फेस्टिवल आयोजित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सीला गांव के नयार तट पर आज से तीन बर्ष पूर्व कैंपिंग साइड पर काम करना शुरू किया तब कई स्थानीय लोग हमें पागल करार देते थे व कहते थे ये लोग वहां जमीन तलाश रहे हैं जहां 50 बर्ष पूर्व बंजर छूट गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने खून पसीना एक कर आज इस स्थान को पर्यटकों के लिए बेहद मुफीद लोकेशन बना दिया है व हर बर्ष इसमें देश दुनिया के पर्यटन कुछ दिन शुकुन तलाशने आते हैं। उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों के अभियान से जिस दिन यह घाटी जुड़ जाएगी तो यकीन मानिए लैंसडौन आने वाला पर्यटक इस घाटी को सरसब्ज करेगा। अभी इस घाटी के डेवलपमेंट में होटल व्यवसायी भी आएंगे व रोजगार भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि वे स्थानीय स्तर पर हासा व नाफी जैसे संस्थानों को सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इन दिनों पैराग्लाइडिंग गतिविधियों में उनके कैम्प व आस-पास से दर्जन भर 18 से 62 बर्ष तक के लोगों ने आसमान में पैराग्लाइडिंग के माध्यम से उड़ान भरी हैं।
गीता चटर्जी ने रचा इतिहास।
देहरादून से कैम्प टेकऑफ साइट पर पहुंची गीता चटर्जी ने नयार घाटी में फ्लाइंग करके इतिहास रच दिया। पचास की उम्र पार कर चुकी गीता चटर्जी पहली ऐसी महिला हैं जिन्होंने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग के माध्यम से उड़ान भरी। वह लगभग 5.08 मिनट तक आसमान में उड़ी।
ग्राम प्रधान बिलखेत सुमित्रा देवी ने इस बात पर जिला प्रशासन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनकी ग्राम सभा के लिए सौभाग्य की बात है कि इस साहसिक खेल के लिए उनकी ग्राम सभा का चयन हुआ है। उन्होंने जिलाधिकारी धिराज गर्ब्याल को इस बात के लिए धन्यवाद दिया कि पूर्व में उनके द्वारा उनके गांव की लड़की सरिता व अब 07 अन्य को पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण हेतु चयनित किया है। इससे कई को रोजगार हासिल होगा।
इस दौरान श्रीमति गीता चटर्जी के अलावा चंद्रेश योगी (चन्द्रगुप्त बौंठियाल), नरेश भारद्वाज, कु.अनन्या सतीजा, तरुण रावत इत्यादि ने भी उड़ान भरी। टेक ऑफ पॉइंट पर स्थानीय लोगों के अलावा ग्रुप कैप्टेन आलोक चटर्जी, ग्रुप कैप्टेन राकेश, श्रीमति सीमा सिंह, श्रीमति दिव्यांजली, अजय सतीजा, वरिष्ठ पत्रकार मनोज इष्टवाल, अजय रावत अजेय, गणेश काला इत्यादि लोग शामिल थे।






