Friday, March 13, 2026
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मशरुम साइंटिस्ट डा. कमल सेमवाल ने ढूंढी मशरूम की दुर्लभ प्रजातियां।

(शैलेन्द्र सेमवाल ट्रेवलाग)

बीते दिसम्बर की बात है..‌‌.।

बहुत समय बाद ‘मां’ के साथ हम तीनों भाईयों का परिवार पौड़ी में एक साथ था। हमने घूमने का प्लान बनाया। तय हुआ कि पौड़ी के नजदीक किसी ऐसी जगह पर निकला जाए, जहां कार में अधिक दूरी तय न करनी पड़े और बच्चों को पैदल पहाड़ी पर ट्रैकिंग का भी मौका मिल जाए।

पौड़ी से बमुश्किल 15 किलोमीटर दूर #उल्खागढ़ी जाने पर सब सहमत हुए। मां उल्खागढ़ी के दर्शन, पूजन के साथ पिकनिक की तैयारी थी। खिर्सु-चौबट्टा से जरा से पहले करीब ढाई किलोमीटर की चढ़ाई व सुरम्य जंगल वाली इस लोकेशन पर पहले जाने का अवसर नहीं मिला था।

पौड़ी से करीब आधा घंटा कार ड्राइव कर वहां पहुंच भी गए। बांज, बुरांश, काफल के घने जंगलों के बीच उल्खागढ़ी स्थित है। बच्चों के साथ हमें भी शानदार पैदल चढ़ाई चढ़ने का मौका मिला।

बड़े भाई के लिए ये लोकेशन अंजानी नहीं। वह अपने शोध कार्यों को अंजाम देने के लिए मशरूम कलेक्शन के लिए अक्सर जंगलों में कई-कई किलोमीटर पैदल निकल जाता है। ऐसे-ऐसे जंगल, जहां पर रीछ, गुलदार, जंगली सुअर और अन्य तमाम जानवरों का खतरा बना रहता। वहां उसने अकेले घंटों मशरूम कलेक्शन में बिताए हैं। भाई के साथ एक-दो मौकों पर मुझे भी टेका, नागदेव और झंडीदार के जंगलों में मशरूम कलेक्शन का मौका मिला है। लेकिन वहां मैं एक डरा सहमा दर्शक ही रहा। चूंकि जंगल में रह रहकर मैं चौंक उठता। घने जंगलों में पत्तों की सरसराहट भी डराती है। लेकिन वह इतना अभ्यस्त है कि उसे इसमें संगीत नजर आता है।

-डा.कमल सेमवाल गढ़वाल विवि से एमएएसी बॉटनी और डाक्टरेट करने के बाद इस समय पूर्वी अफ्रीका के एरिट्रिया में प्रोफेसर हैं।

….उल्खागढ़ी में मंदिर दर्शन के थोड़ी देर बाद कमल को मेल पर अपना एक ओर पेपर पब्लिश होने का मैसेज मिला। मशरूम को लेकर उसका ताजा शोध प्रतिष्ठित स्प्रिंगर पब्लिकेशन के फंगल डाइवर्सिटी जर्नल क्यू बुलेटिन में प्रकाशित हुआ था। मशरूम की इस नई प्रजाति का नामकरण पौड़ीगढ़वालालेंसिस के रूप में किया। पौड़ी शहर को डा.कमल का तोहफा। मशरूम की पौड़ीगढ़वालालेंसिस प्रजाति को कमल ने मुंडनेश्वर व फेड़खाल में खोजा था। उल्खागढ़ी के इन जंगलों में खोजी गई एक अन्य प्रजाति को उसने कोरटीनेरीयस उल्खागढ़ियेनेसिस नाम देकर वैज्ञानिक जगत में भी सूचीबद्ध करवा दिया।

कमल ने पौड़ी जनपद के अनेक जंगलों में मशरूम की आठ नई प्रजातियां खोजी हैं। अब तक बतौर वैज्ञानिक तीस से अधिक रिसर्च पेपर अंर्तराष्ट्रीय जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं। इंग्लैंड के रॉयल बॉटनिकल गॉर्डन से प्रकाशित होने वाले क्यू बुलेटिन, फंगल डाइवर्सिटी, परसोनिया, माइकोस्फीयर, माइकोटेक्सोन आदि।

#केदारघाटी के गांव पसालत में भाई ने जन्म लिया, पौड़ी डीएवी इंटर कालेज में शिक्षक रहे पिता स्व.एलपी सेमवाल की कर्मस्थली पौड़ी उनकी भी कर्मभूमि बना हुआ है। माइकोलॉजिस्ट डा.कमल ने पौड़ी में खोजी मशरूम प्रजातियों को स्थानीय नाम देकर ये गठबंधन मजबूत किया है। जब भी एरिट्रिया से छुट्टियों में पौड़ी आता जंगलों में मशरूम कलेक्शन के लिए निकल पड़ता। कमल मानते हैं कि उत्तराखंड के जंगलों में मेडिसिनल मशरूम की भरमार है जिस पर व्यापक शोध की जरूरत है। चूंकि विदेशों में मशरूम की कई प्रजातियां दवाओं के रूप में इस्तेमाल होती है। उत्तराखंड में भी अधिकांश प्रजातियों में भरपूर औषधीय गुण हैं।

अमेरिका जाने का मौका चूका
नाइन इलेवन से ठीक पहले कमल को अमेरिका में एक स्कॉलरशिप के जरिए वैज्ञानिक के साथ काम करने का बुलावा आया था। सारी चीजें फाइनल हो ही रही थी कि नाइन इलेवन वाली वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई। कमल के सामने कॅरियर को बड़ी दिशा देने का अवसर आंतकी घटना की भेंट चढ़ गया। लेकिन कमल ने लगातार संघर्ष किया ओर आज वह वैज्ञानिक जगत में एक जाना पहचाना चेहरा हैं। कमल के काम को मीडिया जगत ने अपने-अपने अंदाज में प्रकाशित किया है। सभी का ह्दय से आभार

-आपकी तवज्जो के लिए-

इन प्रजातियों की खोजकर दिया नाम-
-ऑस्ट्रोवोलिट्स अपेन्डिकुलेटस(दून में लाडपुर के जंगल में खोजा)
-कोरटिनेरीयस पौड़ीगढ़वालेंसिस (मुंडनेश्वर, फेडखाल से खोजा)
-अमानीटा स्यूडोरूफोब्रुनिसेन्स (खिर्सु रोड पर चौबट्टाखाल से खोजा)
-कोरटीनेरीयस बालटियाटोइंडिकस(खिर्सु रोड पर गोड़खियाखाल में खोजा)
-कोरटीनेरीयस उल्खागढ़ियेनसिस(पौड़ी के निकट उलखागढ़ी से खोजा)
-कोरटीनेरियस लीलेसीनोएरीमिलेटस (थलीसैंण, भरसार में खोजा)
-कोरटिनेरीयस इंडोरसियस(मुंडनेश्वर से खोजा)
-कोरटीनेरीयस इंडोपुरपुरेसिएस(फेडखाल से खोजा)

1-लाइव हिन्दुस्तान
https://www.livehindustan.com/uttarakhand/story-mushroom-scientist-mycology-dr-kamal-semwal-found-eight-new-mushroom-species-in-uttarakhand-3733924.html

2-लोकसाक्ष्य

3-हिन्दुस्तान आज

एरिट्रिया पूर्वी अफ्रीका में कार्यरत मशरूम विज्ञानी डा.कमल सेमवाल ने उत्तराखंड में खोजी मशरूम की नई प्रजाति

4-लोकसाक्ष्य पोर्टल
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5-अविकल उत्तराखंड पोर्टल

पौड़ी गढ़वाल में खोजी मशरूम की नई प्रजाति,डॉ कमल ने नाम दिया पौड़ीगढ़वालालेंसिस

6-पायोनियर
New wild mushroom named after Pauri in U’khand

https://pioneeredge.in/new-wild-mushroom-named-after-pauri-in-ukhand/

7-गढ़वाल पोस्ट
New species of mushroom discovered in Pauri – https://garhwalpost.in/new-species-of-mushroom-discovered-in-pauri/

Himalayan Discover
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