पौड़ी गढवाल (हि. डिस्कवर)
दिनेश रावत पुत्र श्री श्याम सिंह रावत EMP. CODE: MC2011241185N DATE OF JOINING: 29.05.2012 ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग….! ये ब्यौरा है उस फर्जी व्यक्ति का जो पलायन आयोग के सदस्य दिनेश रावत के नाम की आईडी लेकर प्रधानों से वसूली कर रहा है! ईटीवी भारत उत्तराखंड द्वारा चलाई गयी यह खबर जब पलायन आयोग के सदस्य दिनेश रावत के कानों तक पहुंची तो वे विस्मित हो गए, उन्हें लगा उनकी समाजिक प्रतिष्ठा तार-तार हो गयी है! उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी पलायन आयोग के अध्यक्ष व पदेन सदस्य तक पहुंचाई और आखिर आनन-फानन पुलिस द्वारा अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध पौड़ी थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गयी है!
पलायन आयोग के सदस्य दिनेश रावत ने फोन पर बातचीत में जानकारी देते हुए बताया कि जब उन्हें इस बात की जानकारी अपने माध्यमों से मिली तो उनके हाथ-पाँव फूल गए, उन्हें लगने लगा कि उनकी साड़ी सामाजिक प्रतिष्ठा एक क्षण में मिट गयी है! बमुश्किल वे अपने को संतुलित कर पाए हैं! उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि पत्रकारों को ऐसी भ्रामक खबरें फैलाने का अधिकार आखिर दिया किसने है! उन्होंने सोशल मीडिया की उस रिपोर्ट पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि इतनी बड़ी घटना पर भी उन्होंने मुझे एक बार भी फोन करके नहीं पूछा कि क्या आखिर प्रकरण क्या है! यह पत्रकारिता की सबसे बड़ी संवेदनहीनता है! उन्हें इसके लिए माफ़ी मांगनी चाहिए व साथ ही इस पर पलायन आयोग का पुनः बयान दर्ज करना चाहिए!
उन्होंने कहा कि अगर पलायन आयोग के अध्यक्ष या किसी भी सदस्य से आप यह पूछकर इतिश्री कर देते हैं कि क्या दिनेश रावत आपके सदस्य हैं तो स्वाभाविक तौर पर सभी हाँ ही कहेंगे और वही काम पलायन आयोग के अध्यक्ष एसएस नेगी ने भी किया! क्या ऐसे में किसी भी पत्रकार का यह दायित्व नहीं बनता था कि वह खबर लिखने से पूर्व मेरा नम्बर पलायन आयोग से लेकर सम्पूर्ण जानकारी जुटाए! उन्होंने कहा जिस व्यक्ति ने भी मेरे नाम से प्रधानों से उगाही की है उसकी देर सबेर गिरफ्तारी तो हो ही जायेगी लेकिन इस बेहद संवेदनशील मुद्दे को लापरवाही से लेकर सोशल मीडिया के एक बड़े न्यूज़ पोर्टल/न्यूज़ चैनल की खबर से मेरा नाम बदनाम जरुर हुआ है!
(फर्जी व्यक्ति व उसका आई कार्ड)
वहीँ दूसरी और पलायन आयोग के पदेन सचिव व ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त रोशन लाल का कहना है कि यह मामला जब हम तक पहुंचा तो सब भौंचक रह गए! इस व्यक्ति ने विभाग के नाम से एम्प्लॉयमेंट कार्ड बनाकर ठगी की है! हमने मामला पौड़ी थाने के सुपुर्द कर दिया है देर सबेर इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अवश्य होगी! आपको बता दें कि पलायन आयोग का कार्य लालटेन या सौर पैनल इत्यादि बेचने का नहीं होता!
पलायन आयोग के अध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि जब यह फर्जीबाड़ा सामने आया तो उन्हें भी आश्चर्य हुआ व इस सम्बन्ध में उनकी दिनेश रावत से बात हुई जिन्होंने पूरे प्रकरण को उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया है! क्योंकि पलायन आयोग पौड़ी में अवस्थित है इसलिए हमारे द्वारा पौड़ी था में अज्ञात व्यक्तियों के नाम पर प्राथमिकी दर्ज करवा दी गयी है! पुलिस का कहना है कि ऐसे में कहाँ हाथ-पैर मारे इसलिए मेरा उन सभी प्रधानों व समाचार माध्यमों व आम जनता से गुजारिश है कि जो भी व्यक्ति इस शख्स को जानता हो फ़ौरन उसकी जानकारी हमें या पुलिस को दे ताकि इस छद्म व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही की जा सके!
बहरहाल अब सोशल मीडिया में न्यूज़ पोर्टल्स ने दिनेश रावत के जगह संशोधन करके दिनेश जरुर कर दिया है क्योंकि सोशल प्लेटफोर्म पर इस बात पर कई लोगों द्वारा आपत्ति दर्ज की गयी थी! हिमालयन डिस्कवर ने इसकी पूरी पड़ताल की और पाया कि इस व्यक्ति का यह आईडी कार्ड फर्जी है क्योंकि उसमें दर्ज जॉइनिंग 2012 दिखाई गयी है जबकि तब पलायन आयोग के गठन की बात तो छोड़िये पलायन आयोग नाम भी प्रकाश में नहीं आया था!


