नई दिल्ली 8 फरवरी 2021 (हि. डिस्कवर)।
ऋषिगंगा त्रासदी पर उत्तराखण्ड के सांसदों के साथ आपात बैठक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालातों का जायजा लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखण्ड की इस त्रासदी में उत्तराखंड की हर सम्भव सहायता करने को तत्पर है।
पीटीआई की खबर के अनुसार नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार उत्तराखंड के लोगों के समर्थन के लिए सभी उपाय कर रही है, जिनमें से कुछ हिस्से रविवार को एक ग्लेशियर के फटने के बाद बाढ़ की चपेट में आ गए, और राज्य के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया यह भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए वहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है।
राज्य से राज्यसभा सदस्य भाजपा सांसद अनिल बलूनी के अनुसार, मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में पहाड़ी राज्य के लोगों के साथ खड़ी है और लगातार चल रहे बचाव कार्यों की निगरानी कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा भी बैठक में उपस्थित थे।
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार के कई संस्थान, चाहे वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, सेना या वायु सेना हो, बचाव मिशन का हिस्सा हैं और बलूनी के अनुसार राज्य निकाय भी प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं।
यह देखते हुए कि हिमालयी राज्य प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में है, मोदी ने कहा कि सरकार इस तरह के संकट से निपटने के लिए राज्य के बुनियादी ढांचे को और बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
उत्तराखंड के सांसद अजय भट्ट, अजय टम्टा, नरेश बंसल और माला राज्य लक्ष्मी शाह भी राज्य के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर के फटने के बाद अभी भी अठारह शव बरामद किए गए हैं और 202 लापता हैं। बिजली परियोजना स्थल पर सुरंग में फंसे कम से कम 30 श्रमिकों को बचाने के लिए कई एजेंसियों ने हाथ मिलाया।

