Sunday, March 22, 2026
HomeUncategorizedखाद्य प्रसंस्करण व पेयजल को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री से मिले महाराज।

खाद्य प्रसंस्करण व पेयजल को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री से मिले महाराज।

देहरादून (हि. डिस्कवर)।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने खाद्य प्रसंस्करण एवं जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से उनके नई दिल्ली स्थित कार्यालय पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में खाद्य प्रसंस्करण एवं पेयजल को लेकर विस्तृत चर्चा की।

प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण एवं पेयजल की समस्याओं को लेकर प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से नई दिल्ली स्थित उनके कार्यालय पर शिष्टाचार भेंट की।

मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री महाराज ने उन्हें बताया कि प्रदेश में अनेक उपयोगी फसलों का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रामदाना, भापर तथा किनवा जैसे खाद्यान्नों जिनसे बड़ा आर्थिक लाभ होता है। ऐसी फसलों को उगाया जा सकता है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल को बताया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत हर घर को पेयजल उपलब्ध करवाने का कार्य प्रगति पर है। पुराने स्रोतों मैं हालांकि पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। लेकिन उनमें नए कनेक्शनों को जोड़ने से पानी की कमी पढ़ सकती है। इसलिए नए स्रोतों को चिन्हित कर उनसे भी पेयजल लाइनों को जोड़ा जाए। ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता रहे।

सतपाल महाराज के सुझाव पर सहमति जाहिर करते हुए केंद्रीय जल शक्ति राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि यह दीर्घकालीन योजना है। इसलिए उनका यह सुझाव उचित है निश्चित रूप से इस दिशा में कार्य होगा।

सतपाल महाराज ने उनका धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्हें उत्तराखंड आने का भी निमंत्रण दिया। महाराज के निमंत्रण पर खाद्य प्रसंस्करण एवं जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि वह शीघ्र ही उत्तराखंड आएंगे।

 

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES