(मनोज इष्टवाल)
मधु तोमर चौहान…! यह नाम जब भी जुबान पर लाता हूँ तो सोचता हूँ कि अल्लामा इकबाल ने भी यह कहावत सही ही कही है कि “खुदी को कर बुलन्द इतना कि हर तकदीर से पहले, खुदा बन्दे से आकर पूछे कि तेरी रजा क्या है।”
जब वो पहली चुनाव बार सन 2007 में निर्दलीय चुनाव लड़ी, तब जौनसार बावर क्षेत्र के जन समुदाय अचंभित हो गया था कि क्या कोई महिला भी इस तरह विधायक का चुनाव लड़ सकती है। फिर दोबारा भाजपा की टिकट से विधायक का चुनाव लड़ा और कांग्रेस के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष व दो बार कांग्रेस में मंत्री रहे प्रीतम सिंह से नेक टू नेक प्रतिद्वंद्वी के रूप मामूली अंतर से चुनाव हार गई। जबकि 2008 व वर्तमान में राजधानी देहरादून की जिला पंचायत अध्यक्ष बनी।
यह उनकी राजनीतिक व सामाजिक पकड का ही नतीजा कहा जा सकता है कि विगत डेढ़ बर्ष से उन्होंने जौनसार-बावर क्षेत्र के धुरंधर कांग्रेसी नेताओं व गाँवों को जिस तरह अपने साथ यानि भाजपा के साथ जोड़ने की मुहीम चलाई है वह सचमुच अद्भुत है। इससे पूर्व जौनसार बावर में भाजपा कांग्रेस नहीं बल्कि मुन्ना सिंह बनाम प्रीतम सिंह के नाम से राजनीति चलती थी। और यही कारण भी रहा है कि एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहे व पूर्व में कांग्रेस व अब भाजपा में कद्दावर नेता रहे राम शरण नौटियाल यहाँ चुनाव नहीं जीत पाए जबकि उन्होंने नवीन चकराता को पुरोड़ी नामक स्थान पर विकसित करने का शिलापठ ही लगाया था और तब उनके नाम पर चुनावी हवा भी बनी थी।
श्रीमती मधु तोमर चौहान की शिक्षा दीक्षा व सामाजिक पर्यावरण हमेशा ही शहरों का रहा है, उन्होंने ग्रामीण समाज व वहां की व्यवस्थाओं का कितना अध्ययन किया है यह कहना तो मुश्किल होगा लेकिन अब जब वह किसी ख़ास अवसर पर ग्रामीणों के बीच वहां के ठेठ पहनावे जिसमें घाघरा-कुर्ती नथ तुंगल पहनकर तांदी या हारुल में जुटती हैं तब ग्रामीणों का उनके प्रति एक बिशेष स्नेह देखने को मिलता है। ग्रामीण महिलायें कहती हैं -मधु प्रथम दृष्टा व्यवहारिक कम लगती हैं। शायद इसके पीछे उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि रही है क्योंकि उनके पिता डीएस तोमर इंडियन फारेस्ट सर्विस में रहे हैं और एक आईएफएस की पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या होती है वह बखूबी समझी जा सकती है। लेकिन फिर यही महिलायें कहती हैं जब तक उनसे मिलो नहीं तब तक यह सब लगता है लेकिन मिलने के बाद कोई भी उनके व्यवहार का कायल हो जाता है।
मधु तोमर चौहान ने बतौर अध्यापक या प्रोफेसर 1999 से लेकर 2007 तक अध्यापन किया। 11 मई 2000 में उत्तर प्रदेश के जमाने से कद्दावर राजनीतिक मुन्ना सिंह चौहान से विवाह बंधन में बंधने के बाद भी उन्होंने अपना अध्यापन का कार्य नहीं छोड़ा लेकिन 2007 में वह सरकारी नौकरी से त्याग-पत्र देने के बाद पूर्ण रूप से राजनीति में जुड़ गयी। स्वाभाविक है कि राजनीति की टिप्स भी उन्हें उनके पति मुन्ना सिंह चौहान से ही मिली होंगी जिन्हें संसदीय कार्य प्रणाली का बेहत्तर जानकार नेता माना जाता है!
ज्ञात हो कि वर्तमान में मधु तोमर चौहान 2 दिसम्बर 2019 में जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून का कार्यभार ग्रहण करने के बाद विगत 19 अगस्त 2020 में उन्हें भारत सरकार पंचायत राज मंत्रालय द्वारा देश में जिला व ब्लॉक की विकास योजनाओं के फ़्रेमवर्क (frame work) तैयार करने के लिए गठित राष्ट्रीय स्तर की कमेटी में पांच सदस्यीय कमिटी में सदस्य बनाया गया है। पूरे देश में दो ही जिला पंचायत अध्यक्ष ऐसे हैं जिन्हें इस कमिटी में रखा गया है जिनमें दूसरे उदय सदाशिव कबूले सतारा महाराष्ट्र से हैं। इनके अलावा सुश्री प्रवीना चौधरी डिप्टी डायरेक्टर पंचायत राज उत्तर प्रदेश, निदेशक SIRD मिजोरम व श्रीमती भोजवानी सिंह सरगुजा छत्तीसगढ़ से इस कमिटी में शामिल हैं।
अपने इस नौ माह के जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में मधु तोमर चौहान ने बतौर भाजपा कार्यकर्ती व जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए अपने क्षेत्र जौनसार बावर में जजरेट पर 247 मीटर लम्बा पुल निर्माण, (2017 की मांग), उत्तराखंड -हिमाचल को जोड़ने वाला ब्रिज निर्माण, सिंचाई लिफ्ट योजना, जगत्थान, खाटुवा-बनियाना-सैंज क्षेत्र सडक निर्माण, सहसपुर चोरखाले में पुल निर्माण, नागथात क्षेत्र में 27 करोड़ की पेयजल योजना, बावर क्षेत्र की भाटगढ़ी की पुलिसकर्मी मंजिता की मौत की सीबीसीआईडी से जांच करवाना सहित सैकड़ों छोटी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मधु तोमर चौहान जानकारी देती हुई बताती हैं कि भाजपा सरकार के आते ही उन्होंने 2017 में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कालसी चकराता मोटर मार्ग पर कालसी साहिया के मध्य जजरेट नामक स्थान पर हर बर्ष हो रहे भूस्खलन से आवाजाही में बाधा आने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि इस समस्या से प्रतिबर्ष हजारों-हजार लोगों को जूझना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका फ़ौरन संज्ञान लेते हुए कहा पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है। जो साहिया गाड़ पर लगभग 247 मीटर लम्बा लेकिन काफी ऊँचा पुल निर्माण होगा इसके लिए कलकत्ता से स्पेशल तकनीकी लोग बुलाये जा रहे हैं!
उन्होंने बताया कि विगत 17 सालों में जिस तरह की लूट व सरकारी पैंसे का गोलमाल होता आया है उस पर पिछले तीन सालों अंकुश लगा है। अब क्षेत्र में गुणवता के काम दिखाई देने लगे हैं। हमने इस काल में 43 किमी. सडक जगत्थान क्षेत्र की पीएमजेएसवाई की स्वीकृत करवाई है। साथ ही खाटुवा-बनियाना-सैंज क्षेत्र में सडक पहुँच रही है। यह अपने आप में अद्भुत है।
मधु बताती हैं कि हाल ही में मुख्यमंत्री उत्तराखंड त्रिवेंद्र सिंह रावत व मुख्यमंत्री हिमाचल जयराज ठाकुर द्वारा जिला पंचायत उनके क्षेत्र क्वानु व सिलाई क्षेत्र को जोड़ने के लिए टोंस नदी पर पुल निर्माण का एमओयू साइन हुआ है। इस पुल के निर्माण से खत्त पशगांव ही नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड के लोग हिमाचल आ जा सकेंगे व हिमाचल के सिलाई क्षेत्र के सैकड़ों गाँव उत्तराखंड। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस क्षेत्र में सिंचाई पम्पिंग योजना का निर्माण किया जाएगा।
बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष उनका मानना है कि उनका यह जिला विविधत्ताओं से भरा हुआ है। यहाँ मैदानी भू-भाग व पहाड़ी क्षेत्र का आपसी सामंजस्य बैठाना पड़ता है व जो भी योजनायें उनके पास आती हैं, उनका भरसक प्रयास होता है कि वे सभी योजनायें शीघ्रता से जिला पंचायत सदस्यों के माध्यम से क्षेत्रीय विकास हेतु बांटी जाये व उन्हें गुणवता के साथ पूरा करवाना ही हमारा ध्येय है।
मधु तोमर चौहान बताती हैं कि भारत सरकार पंचायत राज मंत्रालय द्वारा देश में जिला व ब्लॉक की विकास योजनाओं के फ़्रेमवर्क (frame work) तैयार करने के लिए गठित राष्ट्रीय स्तर की कमेटी में सदस्य बनाया जाना मेरे लिए गौरव की बात है और मैं प्रदेश वासियों को विश्वास दिलाती हूँ कि मैं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में जरा सी भी कोताही नहीं करुँगी। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग के अनुसार सारी योजनाओं की धनराशि सीधे ग्राम पंचायतों को जाती थी लेकिन अब 15वें वित्त आयोग का 10 प्रतिशत हिस्सा ब्लाक, 15 प्रतिशत जिला व बाकी 75 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायत को जाएगा। उनका मकसद है कि इस सब पर वह बेहत्तर पक्ष रखेंगी ताकि जो भी योजनायें पन्द्रहवें वित्त आयोग के माध्यम से हम सब तक पहुंचे वह बखूबी क्रियान्वयन की जा सकें।
ज्ञात हो कि मधु मधु तोमर चौहान को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उनके पंचायती राज काज व्यवस्था में दिए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए पुरस्कृत किया जा चुका है। आज 27 अगस्त को इसी मुद्दे को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष मधु तोमर चौहान बेवनार के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगी।


