देहरादून 9 जुलाई 2021 (हि. डिस्कवर) ।
सामाजिक सरोकारों को समर्पित लोक पंचायत जौनसार बावर के सदस्यों ने आज जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन सोप कर कहा है कि जौनसार बावर में गैर जनजाति लोग बड़ी संख्या में जमीन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं उसको शीघ्र रोका जाए।
लोक पंचायत के सदस्य भारत चौहान ने कहा है कि भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन वर्ष 1967 के अंतर्गत देहरादून जनपद के जौनसार-बावर परगना क्षेत्र को विशिष्ट परंपरागत संस्कृति के आधार पर पूर्णत जौनसारी जनजाति क्षेत्र घोषित किया गया है। वर्तमान में जौनसार बावर परगने के अंतर्गत तीन तहसीलें चकराता, त्यूणी, कालसी आती है।
उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ समय से देखने में आया है कि जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में बाहरी क्षेत्र से आए कई लोग अतिक्रमण कर आरक्षित वर्ग जौनसारी समाज के गरीब एवं कमजोर व्यक्तियों की भूमि को अवैध रूप से कब्जा रहे हैं। राजस्व अभिलेखों के अनुसार वर्ष 1983-84 में बंदोबस्त क्रिया के दौरान नियम विरुद्ध तरीके से जौनसार में बाहरी क्षेत्र से बसे गैर जनजाति समाज के कई व्यक्तियों ने राजस्व विभाग के साथ सांठगांठ कर गलत तरीके से भूमि को अपने नाम अंकित कराया है। गैर जनजाति वर्ग के नाम जौनसार क्षेत्र में भूमि दर्ज होने की शिकायत के चलते उप जिलाधिकारी कालसी चकराता के न्यायालय मे कई राजस्व भूमि विवाद निस्तारण के लिए लंबित है।
उन्होंने कहा है कि जिस पर भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 166/167 के अंतर्गत संक्रमण शून्य होने से गैर जनजाति वर्ग के नाम नियम विरुद्ध तरीके से राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का प्रावधान है।
इसके अलावा जौनसार बावर परगने की तीनों तहसील में बाहर से आए गैर जनजाति वर्ग के कई व्यक्तियों ने धनबल के आधार पर जनजाति समाज के गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों को पैसों का लालच देकर उनकी पुश्तैनी भूमि को कानूनी प्रावधानों के विपरीत नियम विरुद्ध तरीके से अपने अधीन कर लिया है। उप जिलाधिकारी कालसी के अनुसार 50 से अधिक लोगों की लीज सब रजिस्टार चकराता के माध्यम से करवाई गई है ।
जौनसार बावर क्षेत्र में बाहर से आए गैर जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का अत्यधिक हस्तक्षेप होने और आरक्षित वर्ग एससी-एसटी के व्यक्तियों की भूमि पर अवैध कब्जे कर अतिक्रमण किए जाने से स्थानीय जौनसारी समाज के व्यक्तियों के मौलिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। जिससे भविष्य में उनके परंपरागत मौलिक अधिकार और हितों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
लोक पंचायत के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा है कि जौनसार बावर परगने की उपरोक्त तीनों तहसील में नियम विरुद्ध तरीके से आरक्षित वर्ग जौनसारी जनजाति समाज के व्यक्तियों की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को कब्जा मुक्त कराने और कानूनी प्रावधानों के विपरीत गलत तरीके से राजस्व अभिलेखों में गैर जनजाति वर्ग के नाम दर्ज भूमि के दुरुस्तीकरण व बेदखली की कार्रवाई शीघ्र अति शीघ्र की जाए और जिन लोगों की लीज हुई है उस लीज को निरस्त किया जाए । भविष्य में कोई और लीज ना हो इसके लिए भी उप जिलाधिकारी कालसी को निर्देशित करने का आग्रह किया गया । इस अवसर पर लोक पंचायत के सदस्य जयपाल चौहान बसंत शर्मा कुंदन सिंह चौहान प्रदीप वर्मा आदि लोग उपस्थित थे ।


