देहरादून (हि. डिस्कवर)
विभागों के बंटवारे में जिस तरह का खेला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेला है, उसकी उम्मीद शायद ही प्रदेश भर की राजनीति के चुनिंदा क्षत्रपों को रही होगी। लोक निर्माण, ऊर्जा, आबकारी व स्वास्थ्य …! ये सारे विभाग दुधारू गौ माने जाते हैं जिन्हें कोई भी मुख्यमंत्री भूल से किसी अन्य को नहीं बांटता। धामी से पूर्व यह सिर्फ नारायण दत्त तिवारी ही ऐसे मुख्यमंत्री रहे जिन्होंने ये मंत्रालय अपने मंत्रियों को बांटे थे।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये उन चुनिंदा चार मंत्रियों को विभाग सौंपे हैं जो मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल रहे हैं। यह सच भी है कि धामी का दूरदर्शिता कि उन्होंने अपनी झोली से ये चारों विभाग मंत्रियों को सौंपकर अपनी झोली बेशक खाली कर दी हो लेकिन उन्होंने यह सब करके अपने लिए 06 माह की अंतिम पारी आसान कर दी है, क्योंकि उन्होंने पूरी कोशिश की है कि इन कद्दावरों की नाराजगी कुछ हद तक कम होगी।
यहां सबसे चौंकाने वाला फैसला डॉ धन सिंह रावत को स्वास्थ्य मंत्रालय सौंपने वाला है क्योंकि उन्हें कई वरिष्ठ मंत्रियों के ऊपर तबज्जो दी गई है। हो न हो यह हाई कमान द्वारा उन्हें दिया गया प्रसाद हो क्योंकि उन्होंने इस समय संवैधानिक संकट को देखते हुए पार्टी को टूट से बचाने के लिए अंदरखाने बहुत काम किया है।
बहरहाल यह कहा जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व तीरथ सिंह रावत से दो हाथ आगे बढ़कर उन्होंने यह मास्टर स्ट्रोक खेला है।


