चौबट्टाखाल/ पौड़ी गढ़वाल (हि. डिस्कवर)
फील गुड चेरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी सुधीर सुंदरियाल ने ट्रस्ट के 06 बर्ष पूरे होने पर उसके जनपद पौड़ी के चौंदकोट क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया गया है कि पौड़ी जनपद में उनका फील गुड चेरिटेबल ट्रस्ट कृषि-बागवानी, जल संरक्षण, शिक्षा-जागरूकता, स्वास्थ्य व सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र में कार्य कर रहा है, जो कि ग्रामीण सहभागिता से बेहतरीन उदाहरण समाज के समक्ष प्रस्तुत करता आ रहा है।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आज ही के दिन यानि 09 जनवरी को भलु लगद/फीलगुड चेरीटेबल ट्रस्ट का स्थापना दिवस है। आज के दिन 9 जनवरी 2021 को ट्रस्ट के 6 साल पूरे हो गए हैं। इन 6 सालों में हजारों लोग ट्रस्ट से जुड़े । सैकड़ो लोग और कई संस्थाएं तन मन धन से ट्रस्ट के साथ जुड़कर समृद्ध पहाड़ के सपने को साकार बनाने के लिए मिशन रूप में जुट गए हैं। आज बहुत लोगों की पहाड़ों के लिए जो भी भली सोच थी वो भलु लगद/फीलगुड के साथ मिलकर धरातल पर उतारने के लिए दिन रात काम करने लगी है।
भलु लगद/फीलगुड नाम के पीछे भी यही उद्देश्य था कि भली सोच वालों को एक मंच मिले जिससे वो अपने कार्यों को धरातल पर उतारें। आज लोगों के जुड़ाव से लगता है कि हमारा यह उद्देश्य सफल रहा।
यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि जन सहभागिता से जन सरोकार का हर काम सम्पन्न हो रहा है। आज संघे शक्ति का वो परिणाम देखने को मिल रहे हैं, जो कभी-कभी चमत्कारिक लगते हैं।
जन सहयोग का मिलना हमारा सौभाग्य रहा है लेकिन इसमें भी हमारे वरिष्ठ जन 60+ का विशेष शुभाशीष मिलना सबसे बड़ी ताकत है। उनके आशिर्वाद की छांव में भलु लगद/फीलगुड सशक्त बनकर उभर रहा है।
इस साल जहां कोविड 19 के कारण कई लोग घरों में दुबके रहे वहीं भलुलगद /फीलगुड के लिए यह एक ऐसा अवसर था जिसमें आप सभी लोगों और विशेषकर UANA-SIF के सहयोग से ट्रस्ट और ज्यादा निखर के, और ज्यादा जिम्मेदारियों के साथ, मजबूती से आगे बढ़ा। यह सब हमारे लिए उत्सव मनाने की बात है, जो 9 जनवरी को मनाया जाता लेकिन अभी हाल ही में पोखड़ा ब्लाक में कोरोना के कुछ केस मिलने के कारण स्थापना दिवस समारोह को स्थगित करना पड़ा है । लेकिन समारोह के स्थगन से हमारे जोश और आगे के कार्यों में कोई ढिलाई नहीं होगी।
इस साल आप सभी लोगों के सहयोग से कोरोनकाल में ट्रस्ट ने एक बड़ी भूमिका निभाई। जिसमें जागरूकता कार्यक्रम से लेकर, UANA संस्था के साथ सेनेटाइजर, मास्क वितरण और हरिद्वार में एक संस्था पलायन रोधी ट्रस्ट के साथ मज़दूरों की भोजन व्यवस्था में सहयोग, पीलीभीत में कुछ प्रवासियों को आर्थिक सहयोग आदि कार्य निरन्तर जारी रहे।
गढ़वाल हितैषिणी सभा दिल्ली द्वारा हमारे इन कामों के लिए सम्मानित किया गया। साल के अंत मे पौड़ी गढ़वाल ग्रुप ने भी हमारे उल्लेखनीय कार्यों के लिए मानपत्र और 21000 रुपए की राशि के साथ देहरादून में सम्मानित किया। सरसरी नजर में हमारे सालभर के कार्य निम्नवत रहे।
कृषि बागवानी क्षेत्र-
उत्तरांचल एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिका और सेव इंडियन फार्मर के सहयोग से लगभग 45 किसानों को सागसब्जी के बीज और साल में दो बार फलदार पेड़ आदि वितरित किए गए। कोरोनकाल काल के बावजूद किसानों का मोटिवेशनल कार्यक्रम उनके कार्यक्षेत्र में जाकर लगातार चलता रहा। कई किसान हमारे बागवानी कार्यक्रम देखने आए और कई किसान समूहों को दवाई, बीज और फलदार पेड़ों का सहयोग भी किया गया।
इस साल का लक्ष्य 5 ब्लॉक के 55 किसान परिवार हैं। कई अन्य लोग भी हैं जो UANA और SIF के सहयोग से सम्पन्न होगा।
उम्मीद समन्वित कृषि बागवानी केंद्र की स्थापना-
साल की शुरुवात कृषि बागवानी के क्षेत्र में समन्वित कृषि मॉडल की स्थापना के साथ हुआ।
1 मार्च, चकबन्दी दिवस को कई कृषि पंडित और कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में उम्मीद समन्वित कृषि बागवानी केंद्र की स्थापना हुई । यह केंद्र किसानों के लिए एक कार्यशाला के रूप में डेवलप किया जाएगा जिसमें कृषि विभाग, सिंचाई विभाग UANA SIF के सहयोग से घेरबाड, नहर, पानी का टैंक, फलदार पेड़, छोटा सा पॉली हाउस, स्टोर हाउस आदि तैयार हो गया है। इसमें एक महिला समूह काम करेगा जिसे वेल इक्विप्ड, वेल ड्रेसप किया जाएगा।
जल संरक्षण क्षेत्र-
क्षेत्र में जनसहभागिता का अनूठा उदाहरण हमें जल संरक्षण के क्षेत्र में मिल रहा है। ऊना, सेव इंडियन फार्मर और जन सहयोग से इस बार भी कई जगह भलुलगद/फीलगुड की टीम ने जलसंरक्षण पर कार्य किया। फीलगुड जलाशय नाई हो या कण्डुलि में अनूप सिंह पटवाल और कांड मल्ला में रोहित नेगी के कार्य बड़े सराहनीय रहे। टिहरी जिले के घनसाली ब्लाक के बजींगा गांव की हमारी टीम ने दीपक मैठाणी के नेतृत्व में अतुल साह और बाल पंचायत बजींगा ने तीन जलाशय बनाकर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया।
शिक्षा क्षेत्र
शिक्षा क्षेत्र हमेशा हमारी प्राथमिकता रही है। हमारे साथ जुड़े बच्चों का किस तरह सर्वांगीण विकास हो इसके प्रयास सदैव चलते रहते हैं। 2020 के शुरू में हमसे जुड़े बच्चों को टीएचडीसी सेवा ने डॉ सुरेश बंदूनि जी के सहयोग से बच्चों को टिहरी दीनगांव बुलाया गया जहां टीम ने स्थानीय बच्चों को एक्स्ट्रा एक्टिविटी करवाई।
2020 के मार्च माह तक हमारी जगह जगह चलने वाली एक्टिविटी क्लास कोरोना की वजह से बंद करवानी पड़ी जो इस साल सब सामान्य होने पर पुनः शुरू होंगी।
आर्थिक तंगी किसी बच्चे की शिक्षा को प्रभावित ना करे इसलिए कई बच्चों को शैक्षिक सहयोग दिया जाता है। वर्तमान में हमारे साथ ऐसे 32 बच्चे जुड़े हुए हैं जिनको शैक्षिक सहयोग दिया जाता है। अभी तक ट्रस्ट द्वारा सहयोग किए गए बच्चों की संख्या 60 से ऊपर होगी।
जागरुकता केंद्र-
फीलगुड नॉलेज एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर लगातार लोगों के लिए जागरूकता का केंद्र बना हुआ है। एक अच्छी लाइब्रेरी, डेली न्यूज पेपर विभिन्न आयु वर्ग के लिए विभिन्न एक्टिविटी यह सब लगातार चलता रहता है। कोरोना काल मे सेंटर में अमित बहुखंडी जी की म्यूजिक क्लास भी चलती रही। इस क्लास में कई बच्चों ने एडमिशन लिया।
सांस्कृतिक क्षेत्र-
ट्रस्ट सांस्कृतिक क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रहा है जो एक नए रूप रंग और निखार के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य कला को मंच देने के साथ साथ बच्चों और लोगों को कलाकार के रूप में विकसित करना भी होता है फिर चाहे इसके लिए कितना भी विरोध क्यों ना झेलना पड़े। हमारे महिला ढोल दमाऊं और सरैयां टीम इस बात का उदाहरण हैं।
आज हमारी यह सरैयां टीम उत्तराखंड की पहली महिला सरैयां टीम के गौरव को हासिल कर दिल्ली देहरादून तक कई जगह अपनी छाप छोड़ चुकी हैं।
महिला थड़िया चौंफला टीम आपने देखी होंगी लेकिन हमारी पुरुष थड़िया चौंफला टीम जिसमें सभी 50+ लोग हैं, उनकी बात ही निराली है। देहरादून में इनकी प्रस्तुति के सभी कायल हो गए थे।
आने वाले दिनों में कई नए प्रयोगों के साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में कुछ नया आपको देखने को मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र-
यह सौभाग्य रहा है कि आप सब लोगों के सहयोग से आज भलु लगद/फीलगुड कई लोगों के स्वास्थ्य सहयोग के लिए हर दम खड़ा रहा 2020 में भी ऐसे कई लोग थे जिनको ट्रस्ट ने उनके इलाज के लिए आर्थिक सहयोग किया।
भलु लगद अपणु रोजगार किताब का प्रकाशन-
पिछले कई सालों से पहाड़ों में उम्मीदों का ऐसा माहौल बनाए का प्रयास रहा जो आम धारणा बन जाये कि करके सब कुछ हो जाता है। इन्ही प्रयासों की अगली कड़ी में स्वरोजगार पर एक ऐसी किताब का विमोचन 7 नवम्बर को देहरादून में किया गया जिसमें सरकार की सभी स्वरोज़गार सम्बन्धी योजनाएं, कई लोगों के स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां, स्वरोजगार करने वालों के लिए मार्गदर्शक टीम आदि कई खूबियों के साथ किताब को बनाया गया। किताब का निःशुल्क वितरण लगातार जारी है।
कुल मिलाकर लग्यां छौ, इस विश्वास के साथ कि कैरी की सब कुछ हूंद।
पुनः आप सब लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद। आप जो जहां है अपनी शुभकामनाओं के साथ, अपने सारे संसाधनों, तन मन धन के साथ, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप में भलु लगद/फीलगुड के साथ खड़े हैं। आप के इस सहयोग भाव के लिए ट्रस्ट सदैव आपका आभारी रहेगा।




