Thursday, February 26, 2026
Homeउत्तराखंड नैनीताल व उधमसिंह नगर के विद्यालयों में रिक्त चल रहे पदों को लेकर शिक्षा मंत्री...

 नैनीताल व उधमसिंह नगर के विद्यालयों में रिक्त चल रहे पदों को लेकर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने की शिक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक

हल्द्वानी।  सर्किट हाउस काठगोदाम में शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने नैनीताल व उधमसिंह नगर के शिक्षा अधिकारियों के साथ शिक्षकों के विद्यालय में चल रहे रिक्त पदों की समीक्षा की गई। कहा कि कहीं शिक्षकों की संख्या अधिक है तथा कही विद्यालय शिक्षक विहीन चल रहे है। उन्होंने कहा इस समस्या का शीघ्र समाधान करना होगा। जिससे हमारे बच्चों को पठन -पाठन में परेशानी ना हो।

विद्यालय के समायोजन के विषय मे मंत्री ने कहा कि 31 मार्च से पहले 05 से कम बच्चों वाले विद्यालयो का समायोजन किया जाए। इसके लिए अभिभावकों से अनापत्ति ली जाए जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। बच्चों की संख्या अधिक होने से आपसी प्रतिस्पर्धा का वातावरण भी मिलेगा। इसके लिए पहाड़ में 01 किलोमीटर व तराई में 03 किलोमीटर का मानक समायोजन के लिए रखा जाए। नैनीताल में लगभग 55 स्कूल 05 से कम छात्र संख्या के विद्यालय है। इसके लिए बच्चों के लिए स्कूल बस की सुविधा भी दी जाएगी।

समीक्षा बैठक के दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा बताया गया कि विकासखण्ड ओखलकांडा, बेतालघाट, किच्छा,गदरपुर में शिक्षकों की अत्यधिक कमी है वही जसपुर विकास खण्ड में अतिरिक्त शिक्षक है। उन्होंने शिक्षा विभाग को समायोजन के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विकासखण्डों में अतिरिक्त शिक्षक है उनकी सूची बनाकर दी जाए। कहा कि शिक्षा विभाग का दायित्व है कि दूरस्थ व सुगम क्षेत्रों में एक समान रवैया अपनाकर समायोजन किया जाए।

मंत्री ने कहा कि जल्द ही 1500 सहायक अध्यापक की भर्ती पूरी हो जायेगी जिन्हें प्राथमिकता के तौर पर शिक्षक विहीन विद्यालय में शिक्षकों को नियुक्ति दी जाए। इस अवसर पर मेयर डॉ. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, अपर निदेशक लीलाधर व्यास, जिला शिक्षाधिकारी गोपाल भारद्वाज, डॉ अनिल कपूर डब्बू, खण्ड शिक्षा अधिकारी गीतिका जोशी, डॉ राजेन्द्र सिंह, सुषमा गौरव, अंशुल बिष्ट सहित अन्य उपस्थित थे।

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES