Wednesday, February 25, 2026
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सेहत ही नहीं आपकी स्किन के लिए भी खतरनाक हो सकता है ज्यादा मीठा खाना, जानिए क्या है नुकसान

क्या आपको भी मीठा खाने का बहुत शौक है? मीठा है ही ऐसी चीज कि देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। यूं तो मिठाई खाना बुरी बात नहीं है लेकिन ज्यादा मीठा खाना आपकी सेहत के लिए नुकसानदेय हो सकता है। और तो और जिस त्वचा को सेहतमंद रखने के लिए आप तरह तरह के जतन करते हैं, मीठा खाने की आदत उस त्वचा को नुकसान पहुंचा रही है। जी हां ज्यादा मीठा खाने से आपकी सेहत ही नहीं आपकी त्वचा भी बहुत सारी परेशानियों का शिकार बन रही है। चलिए जानते हैं कि ज्यादा मीठा खाने से स्किन को क्या क्या नुकसान हो सकते हैं।

ज्यादा मीठा खाने से स्किन को होते हैं ये नुकसान  
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि जिस तरह सेहत के लिए ज्यादा शुगर नुकसानदेय है, उसी तरह ये शुगर आपकी स्किन को भी समय से पहले बूढ़ा बनाने का काम करती है। ज्यादा ग्लाइकोसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स के सेवन से त्वचा की लोच कम होने लगती है और समय से पहले ही चेहरे पर झुर्रियां दिखने लगती है। दरअसल ज्यादा चीनी के सेवन से त्वचा में कोलेजन और इलास्टिटी की प्रोसेस कमजोर होती है और त्वचा रूखी और बेजान होनी आने लगती है। यानी आपके ज्यादा मीठा खाने की आदत आपकी स्किन को समय से पहले उम्र दराज करने की प्रोसेस शुरु कर सकती है।

ट्रिगर हो सकती है मुंहासों की समस्या    
ज्यादा शुगर के सेवन से त्वचा पर सूजन भी आ जाती है क्योंकि इससे त्वचा को जवां बनाए रखने वाला कोलेजन और इलास्टिन फाइबर को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में त्वचा ढीली होने लगती है और इस पर सूजन दिखने लगती है। ज्यादा शुगर के सेवन से शरीर में इंसुलिन तेजी से बढ़ता है और इससे आपकी स्किन में सीबन तेजी से बनने लगता है। यही सीबन मुंहासों और एक्ने को ट्रिगर करता है। इतना ही नहीं ज्यादा मीठा खाने से आपके ब्लड शुगर में तेजी से इजाफा होता है जो कई बार ऑक्सिडेटिव तनाव का कारण बन जाता है। यही ऑक्सिडेटव तनाव आपकी स्किन को जवां बनाए रखने वाले कोलेजन के बनने की प्रोसेस को धीमा कर देता है।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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