अल्मोड़ा 27 जुलाई 2022 (हि. डिस्कवर)।
गांव के नौनिहाल आज भी दैनिक दिनचर्या के साथ स्कूल की छुट्टी के बाद अपने जंगल गाय बैलों चुगाने गए हुए थे। चीड़ के पेड़ों में लीसा निकालने की ठूँसी गई कुप्पियों पर नजर पड़ते ही ग्वाल/बालों के मन में निश्चल सी शरारत आई। उन्हें सूझा कि जंगल उनके, पेड़ उनके और उन पेडों पर घाव लगाने वाले जाने कौन लोग हैं जो यह सब चोरी करते हैं। इन बच्चों ने बिना सोचे समझे एक एक करके कई लीसा भरी कीप निकाली और जमीन पर फैंक दी और फिर खेलने में मशगूल हो गए।
थोड़ी देर बाद लीसा ठेकेदार के कर्मी आते हैं और उनसे पूछते हैं कि यह किसने और क्यों किया तुम्हारा नाम क्या है। बच्चों को यह इल्म जरा भी नहीं था कि उन्होंने कोई अपराध किया है। वे बिना अपराध बोध के अपना नाम बताते चले गए। लेकिन बाद में जिस तरह इन कर्मियों द्वारा इनके सिर पर लीसा उड़ेलने की बात कही गयी व बच्चों ने लीसा उड़ेला, वह सचमुच मानवता को तार-तार करने वाला कृत्य था। माना कि इन मासूमों ने अगर गलती से लीसे के भरे गमले गिरा भी दिये थे तो क्या ये सजा इस तरह से देनी चाहिए थी ? क्या उनके मां बाप से शिकायत कर डाँट फटकार कर या जुर्माना वसूलकर इन अबोध बच्चों को उनकी गलती का एहसास नहीं करवाया जा सकता था।
लेकिन इन कर्मियों द्वारा यकीनन एक आपराधिक कृत्य कर जिस तरह इन मासूमों के सिर में लीसा डलवाया गया वह प्रथम दृष्टा ही अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे में किसी एक बच्चे की आँख फूट सकती थी। इनमें से आप एक बच्चे की आंखों में आई सूजन से महसूस कर सकते हैं कि इन्हें किस तरह अमानवीय तरीके से प्रताड़ित किया गया।
यह वीडियो सोशल साइट पर खूब वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता देखते हुए हरिद्वार के खानपुर क्षेत्र के विधायक उमेश कुमार ने मुख्यमंत्री को ट्वीट करते हुए लिखा है कि “बेहद दुखद और ख़ौफ़नाक दृश्य है ये । नौनिहालों के साथ हो रहा बेहद घिनौना अत्याचार तहसील स्याल्दे, पटवारी कुमालेश्वर, ग्राम पंचायत टिटरी, ग्राम गुरना, जिला अल्मोड़ा में वन विभाग जौरासी ग्राम पंचायत सानेभीरा,ग्राम चोना के जंगल में लीसा ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा किया गया है घृणित कार्य, घर से बुला कर ले गए थे बच्चो को और सिर पर डाल दिया लीसा।
बच्चों का दोष है कि उन्होंने चंद गमले गिरा दिए थे ।
उत्तराखंड सरकार से कृपया संज्ञान लेकर कर उचित कार्यवाही करे।”
Pushkar Singh Rawat जी संज्ञान लें। DM Almora
अब देखने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इस पर क्या कब और क्या कार्यवाही करते हैं। वहीं क्षेत्रीय जनता में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है व सभी ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की मांग की है।

