देहरादून (हि. डिस्कवर)
बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आज एक अनचाहे विवाद में फंस गए हैं। वे आज हैलीकाप्टर की उड़ान भर केदारनाथ धाम जा पहुंचे। जहाँ से उन्होंने अपनी फोटो साझा की। सूत्रों का कहना है कि उनके साथ दो नामी बिजनेसमैन भी थे। वहीँ दूसरी ओर उन्होंने इस प्रकरण से अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि किसी भी तरह की प्रमिशन, SOP या कागजात से उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने तो टिकट बुक करवायी थी।
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के ऐसे बयान पर आज बबाल मचा रहा। दूसरी ओर हाल में घटी हैली दुर्घटना के कारण DGCA और UCCADA ने हैली सेवाओं पर हाल फिलहाल पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद भी एक हैली कंपनी ने उड़ान भरी और हेमंत द्विवेदी को केदारनाथ धाम की यात्रा करवा दी। मामला तब ज्यादा बढ़ा जब खराब मौसम के चलते हैलीकाप्टर को केदारनाथ ही रुकना पड़ा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युकाडा के मुख्य कार्याधिकारी डॉ आशीष चौहान ने उक्त मामले में निजी हेलिकॉप्टर कंपनी को नोटिस जारी कर दिया गया है। साथ ही डीजीसीए ने भी इस मामले में निजी कंपनी को नोटिस जारी किया है।
उपरोक्त मामले की जांच के बारे में जांच अधिकारी संजय टोलिया ने बताया कि उपरोक्त प्रकरण पर जांच दो एक दिन में पूरी हो जायेगी और जांच के बाद हेली कम्पनी पर सख्त कार्यवाही की जायेगी।
बताया तो यह जा रहा है कि इस हेलीकॉप्टर में बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष और उनके स्टाफ ने उड़ान भरी थी, लेकिन विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि उनके साथ दो नामी बिजनेस मैन भी शामिल थे।
ज्ञात हो कि अक्सर बरसाती मौसम में युकाडा भी इस समय हेली सेवाएं बंद रखता है। दूसरी ओर हालिया लगातार हुई दुर्घटनाओं के चलते भी हैली सेवा में रोक लगा दी गई है।
युकाडा के जैसे ही उक्त मामला संज्ञान में आया सबसे पहले प्राइवेट कंपनी को फ्लाइंग एसओपी, युकाड और डीजीसीए के मानकों के आधार पर नोटिस भेजा गया। इस मामले में खबर लिखे जाने तक युकाड़ा के मुख्य कार्यधिकारी डॉ आशीष चौहान से फोन पर सम्पर्क साधने का प्रयास किया गया, न उनका फोन उठा और ना ही मेसेंजर पर प्रश्नों का जबाब ही मिल पाया।
मामले में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हेलीकॉप्टर से केदारनाथ यात्रा कर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक बार फिर वीआईपी संस्कृति को खुला समर्थन किया है। उन्होंने कहा इस उड़ान की अनुमति किस आधार पर दी गई?
बहरहाल उपरोक्त प्रकरण पर जांच चली रही है। दो एक दिन में इस सारे प्रकरण की तस्वीर सामने आ ही जाएगी लेकिन यह घटनाक्रम हेमंत द्विवेदी के लिए गर्म दूध से कम नहीं है।


