●कोरोना संक्रमितों से हालचाल पूछा, हौंसला बढाया।
●जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी का निरीक्षण किया।
पुरोला/उत्तरकाशी (हि. डिस्कवर)।
पहले कुमाऊं मंडल के तीन जिले व गढवाल मंडल के उत्तरकाशी जनपद की यमुना घाटी में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री के अलावा एक कोरोना यौद्धा की तरह सक्रिय दिखे। इसके पीछे उनका कहीं न कहीं यह मकसद जरूर है कि विभागीय कहीं कोई कमी नजर आए तो वह दूर कर ली जाय।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। पीपीई किट पहनकर कोविड मरीजों से मिले व शीघ्र उनके स्वास्थ्य होने की शुभकामनाएं दी। सभी कोरोना वारियर्स के बेहतर कार्य के लिए प्रशंसा की। उसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कोविड केयर सेन्टर जीएमवीएन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया व मरीजों से मिले।
बाद में अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि डाक्टर्स, नर्स,तथा सम्बन्धित स्टाॅफ लगातार समर्पित भाव से लगे हुए है व करीब 3-4 घंटे पीपीई किट पहनकर अपनी सेवाएं दे रहे है। मैंने खुद आधे घंटे पीपीई किट पहना तो महसूस हुआ कि यह कितना बङा सम्पर्ण व तपस्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार किसी दुख या आपदा की घङी में राशन में चीनी शामिल की गई है और सभी राशन कार्ड धारकों को 2 किलो चीनी प्रति राशन कार्ड प्रति माह दी जाएगी ।
मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में स्थापित 200 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया। बहरहाल यह तो तय है कि पीपीई किट पहनकर कोरोना मरीजों के साथ जन संवाद के पीछे मुख्यमंत्री का खास मकसद क्या है। उनके इस रवैये से जहां स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव फूले हैं वहीं स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्थाएं तेजी से पटरी पर भी लौटने लगी हैं।
ज्ञात हो कि कोरोना काल में सोशल साइट पर लगातार यह खबरें भी चलाई जाती रही कि मुख्यमंत्री को यह विभाग किसी और को दे देना चाहिए जब उनसे यह विभाग सम्भाला नहीं जा रहा है, इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने की जगह मुख्यमंत्री स्वयं ही आम जन मानस के बीच उतर गए। यह पहला इत्तेफाक है कि किसी प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री पीपीई किट पहनकर मरीजों के हाल पहुंचने कोविड वार्ड या कोविड सेंटर में पहुंचा हो। मुख्यमंत्री के बतौर कोरोना यौद्धा लोगों के बीच उपस्थिति दर्ज करना जनता को ज्यादा पसन्द आ रहा है व लोग खुलेमन उनकी प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं।

