Sunday, March 15, 2026
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केदार गंगा में बही महिला का शव 13 घंटे बाद बरामद!

मोरी (उत्तरकाशी) 4 अगस्त 2020 (हि. डिस्कवर)

विकास खंड मोरी के अंतर्गत जीवाणु-वेस्टी गाँव की महिला सरिता देवी विगत 3 अगस्त को अपने गाँव जीवाणु से केदारगंगा पार स्थित अपनी छानी जा रही थी, जैसे ही उसने केदार गंगा में पैर रखा तेजी से केदार गंगा का जल स्तर बढ़ा व वह उसमें बह गयी। यह आश्चर्य की बात है कि महिला से आगे चलने वाला व्यक्ति केदार गंगा पार चुका था जबकि महिला के पीछे चलने वाला उसका बेटा थोड़ा से अंतराल में ही पीछे था।

घटना विगत दिवस 6 बजे शांयकाल की बताई जा रही है! घटना की सूचना मिलते ही पूरे गाँव के लोग नदी के दोनों छोरों से महिला की तलाशतलाश में जुट गए। मौके से ही ग्राम प्रधान द्वारा राजस्व टीम व जिला प्रशासन को सूचना दी गयी! ग्राम प्रधान देवजानी के सुरेन्द्र देवजानी से प्राप्त खबर के अनुसार घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन द्वारा नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम बचाव व राहत कार्य हेतु भेजी गयी लेकिन घंटों ढूँढने के बावजूद भी कुछ हाथ नहीं आया।

आज सुबह प्रातः ग्रामीण लोग व राजस्व टीम, बड़कोट सी0ओ0 के साथ एसडीआरऍफ़ की 6 सदस्यीय टीम मौके पर पहंची व ठीक 8 बजे करीब घटना स्थल से लगभग 1 किलोमीटर दूरी पर खोजी दल द्वारा सरिता देवी की डेडबॉडी बरामद गई। जिसमें राजस्व विभाग के किसान लाल व कानूनगो बलवीर शाह राजस्व द्वारा पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सालय नौगांव भेज दिया गया है। एसडीआरएफ बचाव दल के रवि रावत,विपिन कासेवल,संदीप कुमार,यशवंत चौहान,आशीष,अनमोल, जिला प्रधान संगठन के मीडिया प्रभारी प्रधान खेड़मी सुरेन्द्र सिंह,वेस्टि प्रधान भारत पंवार, जीवाणु व वेस्टी के अलावा आस-पास के गाँवों के अनेकों ग्रामीणों द्वारा सरिता देवी की खोजबीन की गयी!

सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि जीवाणू तीर्मों नामक तोक पर ग्रामीणों के पशुओं व आम जन मानस का रास्ता 24 घण्टे आना जाना रहता है। घटना स्थल पर पुल लगना जनहित मे अति आवश्यक है नही तो ऐसे ही लोग अपनी जान जोखिम में डालकर मौत का ये सफर करते रहेंगे।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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