(मनोज इष्टवाल)
पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य मीडिया से रुबरु होकर बोलता है कि मेरी भी बेटी है। मेरा बेटा व अन्य सभी ढूँढ रहे हैं। इधर उसका दरिंदा बेटा पुलकित, मैनेजर अंकित व तीसरा आरोपी सौरभ गिरफ़्तार हो जाता है। दूसरी ओर अंकिता भंडारी का ऑडीओ वायरल होता है जिसमें वह रोते हुए किसी कर्मचारी को अपना बैग दुकान में रखने की बात कह रही है। उसे उम्मीद की कोई किरण नज़र आ रही थी कि शायद वह इस जाल से निकल सके। या फिर उसे इस रिसोर्ट्स में होने वाले सभी अनैतिक कार्यों की पूरी जानकारी थी। जहां विगत रात इस रिसोर्ट्स को बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया है । भले ही इन दरिंदों ने अपना अपराध क़बूल कर लिया है कि उन्होंने अंकिता को चीला नहर में फेंक दिया है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि आज सुबह तब हो पाई जब स्वयं मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के पार्थिव शव बरामद करने की बात साझा की है।
(अंकिता भंडारी को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल व ग्रामीणों का लक्ष्मण झूला पुलिस थाने का घेराव व जोरदार प्रदर्शन)
विगत 17 सितम्बर से लापता अंकिता भंडारी उम्र 19 वर्ष लम्बाई 5 फ़िट रंग गोरा ग्राम डोभ सिरकोट पट्टी नादलस्यूँ पौड़ी गढ़वाल चीला गंगाभोगपुर स्थित अनन्तरा रिसोर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट कार्य करती थी। उसके माता-पिता विगत एक सप्ताह से बेटी की गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने दर-दर भटकते रहे। लेकिन ना राजस्व पुलिस का सहयोग मिला और रेगुलर पुलिस प्रकरण से इसलिए पल्ला झाड़ती रही कि यह पटवारी क्षेत्र है, इसलिए इसे राजस्व पुलिस देखेगी। घटनाक्रम पौड़ी मुख्यालय के नज़दीक का था। भला गरीब की बेटी के पक्ष में ग्रामीण खड़े कैसे ना होते। जनांदोलन शुरू हुआ। मामला पूर्व राज्यमंत्री के बेटे का था इसलिए पुलिस व राजस्व पुलिस असमंज़स की स्थिति में दिखे। शायद उन्हें किसी बड़े राजनेता के फ़ोन का इंतज़ार था। लड़की का ऑडीओ व मेसेज वायरल होते ही जनांदोलन बढ़ने लगा। भनक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी तक लगी।
विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कड़ा रवैया अपनाया व ज़िलाधिकारी पौड़ी व एसएसपी पौड़ी को इसे अपने गांव का मामला बताते हुए कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बयान दिया- कोई कितनी भी पहुँच का क्यों न हो, वह बख्शा नहीं जाना चाहिए। इधर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए रिसोर्ट के मालिक पुलकित आर्य उसके मैनेजर अंकित व सौरभ को गिरफ़्तार किया। इधर उत्तराखंड क्रांति दल ने व आस पास के ग्रामीणों ने लक्ष्मणझूला थाना घेर लिया। पूरे प्रदेश में पुलिस कार्यवाही व मूल रूप से राजस्व पटवारी की कार्यवाही पर जनांदोलन शुरू होने लगे। बेटी अंकिता के लिए न्याय की माँग बढ़ने लगी। गिरफ़्तार अपराधियों की पब्लिक ने नंगा करके खूब पिटाई भी की लेकिन बबाल अभी थमा नहीं। जहां एक ओर अपराधी कह रहे हैं उन्होंने अंकिता को धक्का देकर चीला नहर में फेंक दिया वहीं नहर में ढूँढने पर भी उसकी लाश बरामद नहीं हुई। कई लोगों का आरोप व विश्वास है कि यह बहुत बड़ा वीवीआईपी स्कैंडल है। लड़की ज़िंदा है व उसे कहीं छुपाया गया है।
(अंकिता भंडारी की माँ व श्रीकोट की ग्रामीण महिलाएं)
दूसरी ओर कांग्रेस सरकार में राज्यमंत्री रही अंकिता भंडारी के गाँव की ही विजयालक्ष्मी गुसाँई अपने सोशल पेज पर घटनाक्रम को कुछ इस तरह बयां करती हैं- आज सच को सुनो….
17 ता0 को मालिक अंकिता को कहा कि तुम लड़कियां बुलाओ! उसने कहा क्यों??
हमारे बड़े गेस्ट आ रहे हैं।
उसने मना किया तो बोला कि तुम्हे तैयार होना पड़ेगा। कह कर चला गया।उसने ये बात अपने मित्र को बताई व कोई सुन न ले उसने वरसफ़ पर सब बता दिया।
——-18 की सुबह को उसने अपनी पेकिंग कर ली। मालिक फिर पहुँचा तैयार हो जाओ कहकर चला गया उसने फोंन पर अपने मित्रों को बताया। कि मेरा बेग ला जाओ! उसे भागने का मौका नही मिला….उसे रोता देख मालिक उसको 1 घण्टे से मना रहा था। फिर बोला चलो घूमने चलते हैं। उसके मना करने पर भी….उसे 2 गुंडे जैसे लड़को में से एक नए बाइक निकली दूसरा उसे जाने को कहा नही गयी तो मालिक उसे पकड़ कर ले गया। वो रोते हुए जा रही थी।
उसे मोटर साइकिल में बैठाया गया। तीनो उसे लेकर चले गए 7 बजे के करीब….
बस कर्मचारियों ने ये सब देख व वीडियो बनाई…आडियो भी।
फिर उसके दोस्त का फोंन 8 बजे उसे मिला वो अपने फोंन से बात करने लगी। मालिक ने उसे बात करते देख वोला किस्से बात कर रही हो फों पर सुना। फिर उसने कहा मैं फँस गयी बस…तब चेट कर उसने सब लिख दिया कि उसके साथ क्या क्या हुआ।
व रोने लगी उसका फोंन ले लिया। बस फिर वो लौट कर
कमरे में आई है वो कर्मचारियों ने देखा है।
उस दिन कोई वीआईपी आया था वो कौंन था इसका पता करना है।
कहानी रच दी। सरल से कह दिया कि हमने धक्का दिया…. ऐसा नही है। वो बेच दी गयी है। उसे छिपाने के लिए स्वयं मालिक कबूल रहा ये अपच है।
कौंन है वो बीआइपी…????
पुलिस उसे ढूंढे….लड़की मिल जाएगी।
या इतने दिनों के बाद कल तक टनर नही खोला गया 12 बजे डीएम द्वारा परमिशन मिल गयी थी। फिर भी नही एमडी ने नही खोली….आज 8 बजे खोलेंगे…..ईश्वर ही जाने।
आज भी अंकिता जिंदा है।
7 वॉ दिन भी है।
5 दिन तक पुलिस ने कुछ नही किया।
अंकिता को बेचा जा रहा था वो वीआईपी कौंन है!
ये सच पता लगाना है। पुलिस को……बस???
(उत्तराखंड क्रांति दल का कैंडल मार्च)
यह मामला भले ही एक गरीब घर की बेटी का हो व दरिंदे राजनीतिक बैकग्राउंड के हों लेकिन उन्हें इस बात का शायद इल्म नहीं था कि यह मामला उस पौड़ी मुख्यालय के निकट गाँव का है जहां से उत्तराखंड राज्य आंदोलन शुरू हुआ। उन्हें यह जानकारी भी नहीं थी क़ि यह मामला वर्तमान विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी व उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद खंडूरी की ग्राम पंचायत श्रीकोट का है। इसी गाँव के बिल्कुल सामने वाले गाँव में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ससुराल है।? यह वही गाँव है जहां की उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हिमवती नंदन बहुगुणा की माँ का गाँव व पूर्व मुख्यमंत्रीविजय बहुगुणा का ननिहाल डोभ श्रीकोट है, जिनके पुत्र सौरव बहुगुणा इस समय पुष्कर सिंह धामी सरकार में राज्यमंत्री हैं। इसी गांग की बेटी पूर्व राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गुसाई का यह मायके वाला है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के त्वरित आदेश पर जहां इस रिसोर्ट्स पर बुलडोज़र फेर दिया गया है वहीं उन्होंने उत्तराखंड के समस्त रिज़ार्ट की जाँच करने के निर्देश ज़िलाधिकारियों को दिए हैं।साथ ही साथ जो रिज़ार्ट अवैध बने हैं या अवैधानिक रूप से संचालित हैं उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।प्रदेश भर में स्थित होटल/रिज़ार्ट/गेस्ट हाउस आदि में कार्य करने वाले कर्मचारियों से भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की जाए।शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खबर लिखे जाने तक जानकारी साझा करते हुए कहा है कि आज प्रातः काल बेटी अंकिता का पार्थिव शव बरामद कर लिया गया। इस हृदय विदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक पी. रेणुका देवी जी के नेतृत्व में SIT का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से त्वरित जांच के भी आदेश दे दिए हैं। आरोपियों के गैर कानूनी रूप से बने रिजॉर्ट पर बुल्डोजर द्वारा कार्रवाई भी कल देर रात की गई है।
हमारा संकल्प है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।




