देहरादून (हि. डिस्कवर)
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से परोसी जा रही भ्रामक सामग्री पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि आज सोशल मीडिया पर कई बार बिना जिम्मेदारी और AI जनरेटेड भ्रामक सामग्री प्रसारित की जा रही है। ऐसे दौर में भी समाचार पत्रों की महत्ता और प्रासंगिकता पूरी तरह कायम है, क्योंकि उनमें प्रमाणिकता और तथ्यों की सत्यता होती है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में सभी लोग तो नहीं कुछ लोग जिम्मेदारी के साथ लिखते हैं, कुछ बिना जिम्मेदारी के लिखा करते हैं। हाँ, यह सत्य यह है कि सोशल मीडिया में पत्रकार जिम्मेदारी के साथ खबर लिख रहे हैं जबकि अन्य कई वर्तमान में ऐसे जनरेटेड भ्रामक सामग्री परोस रहे हैं जिनमें कोई सत्यता नहीं होती। वहीं दूसरी ओर अख़बारों की सामग्री की ज़ो महत्ता है, उसमें प्रमाणिकता बनी हुई है। सत्य के साथ तथ्य कहा जा सकता है।
बंशीधर तिवारी ने कहा कि वर्तमान में पूरी ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, यह जानने के लिए कि यह खबर सत्य है या भ्रामक? पीआईबी की ओर से पूरी टीम फैक्ट जुटाने में लगी हुई थी, ज़ो भ्रामक खबरों को काउंटर करने में बड़ी सहायक सिद्ध होती थी। इसलिए हमें ऐसी AI जनरेटेड खबरों से बचना चाहिए जिसमें सत्य की प्रमाणिकता कम होती है। उन्होंने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि आप सभी के माध्यम से मेरा यह अनुरोध है कि ज़ो भी हम सोशल मीडिया में सामग्री परोसते हैं, उसकी प्रमाणिकता की जाँच कर ही सामग्री परोसें।
