देहरादून में दिल्ली की दि हाई हिलर्स ग्रुप के द्वारा गढ़वाली नाटक मधु मण्डाण का सफल मंचन व उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 विषय पर संगोष्ठी।
देहरादून (हि. डिस्कवर)
सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग उत्तराखंड , उत्तराखंड फिल्म परिषद व दि हाई हिलर्स ग्रुप दिल्ली के द्वारा आज 1 नवम्बर, 2026 को आई.आर.डी.टी.सर्वे चौक देहरादून में उत्तराखंड की फिल्मों के विकास में सरकार की फिल्म नीति के योगदान एवं उत्तराखंड के सिनेमा की भविष्य की *संभावनाएं* विषय पर परिचर्चा कि गई। संगोष्ठी में सम्मानित वक्ताओं के रूप में बलराज नेगी, सुनील बडोनी, विपिन बनियाल ल अनुज जोशी जी ने अपने विचार रखे। संगोष्ठी का सफल संचालन वरिष्ठ कवि, अभिनेता व रंगकर्मी मदन मोहन डुकलाण जी ने किया।
तत्पश्चात दिल्ली की चवालिस वर्ष पूर्व बनी संस्था दि हाई हिलर्स ग्रुप (पंजी), दिल्ली के द्वारा 1 नवम्बर, 2026 को आई.आर.डी.टी.सर्वे चौक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. सतीश कलेश्वरी द्वारा लिखित व रमेश ठंगरियाल द्वारा निर्देशित गढ़वाली नाटक ” मधु मंडाण” का मंचन किया गया।
यह गढ़वाली भाषा का नाटक मधु मण्डाण ऐसे युवा से संबंधित है जिसे अपनी नौकरी से छुट्टी आने पर अपने गांव कड़ेथ, उत्तराखंड में पता चलता है कि वह ऐसे रोगों से ग्रस्त है जिनका इलाज प्रचलित दवाइयों व प्रचलित अन्य तरीक़ों में संभव नही है। उसे इलाज के लिये सैकड़ों सलाहें मिलती हैं और वह शीघ्र रोगमुक्त होने के चक्कर में हज़ारों रुपये बर्बाद कर देता है। जब बीमारी के इलाज में उसकी पूरी जमा पूंजी खत्म हो जाती हैं तब वह मज़बूरीवश अपने खेतों की ओर लौटता है। खेतों में परिश्रम करने से उसकी जीवन शैली में आमूल-चूल परिवर्तन हो जाता है और वह तमाम रोगों से मुक्त हो जाता है। इस तरह इस नाटक के माध्यम से देश सहित पूरे विश्व को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की गई कि अपने लाइफ स्टाइल में परिवर्तन करके आप एक सुखद जीवन जी सकते हैं।
इस नाटक की विशेषता की बात की जाए तो यह उत्तराखण्ड के परिवेश में बुने गये अलग-अलग चरित्रों से भरा पड़ा था और एक महत्वपूर्ण संदेश देने में पूर्णत: सफल रहा। हर क़िरदार ने अपने भूमिका से पूरा न्याय किया। हास्य- व्यंग्य से भरपूर लगभग सभी दृश्य दर्शकों को खख़ूब गुडगुदाया व भरपूर मनोरंजन किया।
नाटक में मुख्य भूमिका में थे गढ़वाली फीचर फिल्मों के प्रतिष्ठित अभिनेता सर्वश्री राकेश गौड़, बृजमोहन बेदवाल, रमेश ठंगरियाल, गीता गुसांई नेगी, ममता कर्नाटक, गिरधारी रावत, उमेश बंदूनी, दर्शन सिंह रावत, अंजु भंडारी, आई.पी उनियाल, रामपाल किमोली, अंजु पुरोहित, बाल कलाकार एकाग्र कलेश्वरी थे, अन्य कलाकारों में गढ़वाली थियेटर के प्रमुख कलाकार सर्व श्री रविन्द्र गुडियाल, शशि बडोला, रविन्द्र रावत “गौरी”, महेन्द्र रावत, किरन रामपाल, शेखर भट्ट, धर्मेन्द्र प्रसाद, पुष्पा देवली व मंजु भट्ट को मिलाकर सभी ने उत्कृष्ट अभिनय किया। तकनीकी पक्ष का उत्तरदायित्व निर्देशक के साथ अखिलेश भट्ट व अक्ष रामपाल ने बख़ूबी निभाया।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. कलेश्वरी ने यह भी बताया कि 2025 व 2026 में उपरोक्त नाटक के दिल्ली, लैन्सडौन, कोटद्वार और देहरादून सहित 5 मंचन हो चुके हैं जो कि गढ़वाली रंगमंच के लिए एक शुभ
संकेत है।
