Friday, October 9, 2026
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गढ़वाली सिनेमा के तैतालीस वर्ष

(गढ़वाली भाषा की शब्द संपदा – रमाकान्त बेंजवाल से साभार)

गढ़वाली सिनेमा ने गढ़वाली भाषा को बड़े पर्दे पर एक नई पहचान, सम्मान और वैश्विक मंच दिलाकर भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही यहाँ की भाषिक विविधता को समझने तथा सरल, सहज और मानक भाषा की ओर बढ़ने का अवसर दिया है। 4 मई, 1983 का दिन गढ़वाली सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। इस दिन दिल्ली के मावलंकर हाॅल में प्रथम गढ़वाली फिल्म ‘जग्वाळ’ प्रदर्शित हुई। प्रथम गढ़वाली भाषाई फिल्म ‘जग्वाळ’ के निर्माता तथा निर्देशक पाराशर गौड़ जी का नाम हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया है।

गढ़वाली सिनेमा का इतिहास टटोलने की कोशिश की। बहुत कम इस बारे में जानकारी थी। उत्तराखंड की फीचर फिल्म अभी तक मात्र 63 ही हैं। वीडियो फिल्म काफी हैं।‌ यहां उन सभी गढ़वाली फीचर फिल्म और वीडियो फिल्म की जानकारी दी जा रही है जिन्हें मैं ढूंढ पाया हूँ।

गढ़वाली की दूसरी फिल्म बिन्देश नौडियाल की ‘कबि सुख कबि दुःख’ सन् 1984 में प्रदर्शित हुई थी। हालांकि फिल्म में पहाड़ की संस्कृति के विपरीत फिल्मांकन हुए दृश्यों से लोग संतुष्ट नहीं थे। सन् 1986 में मुंबई के उद्यमी विशेश्वर नौटियाल द्वारा निर्मित और तरन तारण धस्माना के निर्देशन में ‘घरजवें’ फिल्म बनी। इसमें संगीत नरेन्द्र सिंह नेगी ने दिया है। यह एक सफल फिल्म मानी जाती है। सन 1986 में शिव नारायण रावत निर्मित और तुलसी घिमरे निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘प्यारु रुमाल’ प्रदर्शित हुई। इसी वर्ष जय देव शील निर्मित व चरण सिंह चौहान निर्देशित फिल्म ‘कौथिग’ दर्शकों को देखने को मिली और ‘बद्री आशा फिल्म्स’ के बैनर के तहत कमला बिष्ट निर्मित और सुरेन्द्र बिष्ट द्वारा निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘उदंकार’ रिलीज हुई।

सन् 1990 में किशन पटेल निर्मित सोनू पंवार दिग्दर्शित गढ़वाली फिल्म ‘रैबार’ प्रदर्शित हुई। सन् 1992 में सीताराम भट्ट निर्मित ‘बंट्वारु’ गढ़वाली फिल्म दर्शकों के सामने आई। उर्मि नेगी द्वारा निर्मित और चरण सिंह चौहान निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘फ्यूंली’ सन् 1993 में रिलीज हुई। सन् 1996 में ग्वाल दम्पति ने चन्द्र ठाकुर के निर्देशन में ‘बेटी-ब्वारी’ फिल्म निर्मित की। सन् 1997 में नरेंद्र गुसाईं व नरेंद्र खन्ना रचित फिल्म ‘चक्रचाळ’ रिलीज हुई थी। इसी वर्ष विशेश्वर नौटियाल निर्मित फिल्म ‘छ्वटि ब्वारी’ प्रदर्शित हुई। महावीर नेगी निर्देशित व सूर्य प्रकाश शर्मा निर्मित गढ़वाली फिल्म ‘ब्वारि हो त इनि’ सन् 1998 प्रदर्शित हुई। महावीर नेगी के निर्देशन में दूसरी फिल्म ‘सत मंगळ्या’ भी बनी थी।

रामी बौराणी की प्रसिद्ध कथा काव्य पर आधारित सावित्री रावत और सुशील बब्बर निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘गढ़ रामी बौराणी’ ने सन् 2001 में दर्शकों को लुभाया। 2002 में अविनाश पोखरियाल द्वारा निर्मित-प्रदर्शित गढ़वाली फिल्म ‘किस्मत’ अपने समय की सबसे मंहगी फिल्म मानी जाती है। बलविंदर निर्मित गढ़वाली फिल्म ‘जीतू बगड्वाळ’ सन् 2003 में रिलीज हुई।

उत्तराखण्ड आंदोलन के रामपुर तिराहा काण्ड घटना पर आधारित बहु प्रचारित गढ़वाली फिल्म ‘तेरी सौं’ वर्ष 2003 में रिलीज हुई। इसके निर्माता और निर्देशक अनुज जोशी हैं। आर्श मलिक प्रोडक्सन ने ‘चल कखि दूर जौला’ गढ़वाली फिल्म वर्ष 2003 में प्रदर्शित की। महेश्वरी फिल्म के बैनर तले सोहन लाल काला निर्मित और अशोक चौहान निर्देशित ‘औंसी की रात’ गढ़वाली फिल्म 2004 में रिलीज हुई। सन् 2004 में उत्तरांचल फिल्म्स की शंकर सिंह निर्मित और चन्दन ठाकुर निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘मेरी गंगा होली त मीमु आली’ में नरेंद्र सिंह नेगी जी ने गीतकार और संगीतकार की भूमिका निभाई।

सन 2004-05 में उत्तरा कम्युनिकेशन के बैनर तले मुकेश धस्माना की गढ़वाली फिल्म ‘मेरी प्यारी बोई’ प्रदर्शित हुई। हिंदी फिल्म की डब की गई गढ़वाली फिल्म ‘छोटी ब्वारी’ सन् 2005 में; कैलाश द्विवेदी निर्मित गढ़वाली फिल्म ‘किस्मत अपणी अपणी’ सन् 2005 में दर्शकों को देखने को मिली। सन् 2005 में ही गढ़वाली फिल्म ‘संजोग’ अंकिता आर्ट के बैनर तले और कुलानंद घनशाला लिखित संवाद और अनुज जोशी द्वारा निर्देशित तथा अनिल जोशी द्वारा निर्मित वीडियो फिल्म ‘हंत्या’ रिलीज हुई। सन् 2008 में पाराशर गौड़ जी और कनाडा प्रवासी असवाल जी द्वारा निर्मित व श्रीस डोभाल द्वारा निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘गौरा’ प्रदर्शित हुई। सन् 2009 में माधवानंद भट्ट निर्मित व राजेश जोशी निर्देशित फिल्म ‘सिपै जी’ (कुमाउनी व गढ़वाली मिश्रित) रिलीज हुई। यह फिल्म अब तक की सबसे मंहगी फिल्म है। सन् 2010 में अनुज जोशी निर्देशित गढ़वाली फिल्म ‘याद आली तेरी टीरी’ ने दर्शकों की प्रशंसा बटोरी, सन् 2012 में अनुज जोशी निर्देशित ‘मनस्वाग’ पर्यावरण व जंगली जानवरों की सुरक्षा पर केन्द्रित फिल्म है। (संदर्भ- श्री भीष्म कुकरेती का आलेख)

इसके बाद वर्ष 2010 में रविन्द्र लखेड़ा द्वारा निर्मित और अनुज जोशी द्वारा निर्देशित ‘गुल्लू’ और गंगोत्री फिल्म्स के बैनर तले निर्माता कृष्णा गौड़ और निर्देशक अनुज जोशी की फिल्म ‘कभी त होली सुबेर’ और सन् 2011 में इन्हीं की फिल्म ‘अब त खुलली रात’ आई। कुलदीप भट्ट के निर्देशन में बनी शाॅर्ट फिल्म ‘मनस्वाग’; निर्माता रविन्द्र लखेड़ा और निर्देशक अनुज जोशी की फिल्म ‘घन्ना-गिरगिट अर यमराज’ वर्ष 2011 में देखने को मिली। उत्तराखण्ड की पृष्ठभूमि पर बनी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त बाल फिल्म ‘काफळ’ वर्ष 2012 में बनी। इस फिल्म के निर्माता श्रवण कुमार और निर्देशक बटुल मुख्तियार हैं। 2013 में ‘एक था गढ़वाल’; 2014 में निर्माता व निर्देशक- मनीष वर्मा की ‘अंज्वाळ’; वर्ष 2015 में निर्माता उर्मि नेगी और नरेश खन्ना द्वारा निर्देशित ‘सुबेरो घाम’; सन् 2015 में सुनील पटनी द्वारा निर्देशित ‘ल्या ठुंगार’; वैष्णवी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाई गई और नरेश खन्ना द्वारा लिखित व निर्देशित फिल्म ‘भुली ऐ भुली’ वर्ष 2016 में रिलीज हुई। लोकप्रिय गढ़वाली/कुमाउनी फिल्म ‘गोपी भेना’ 2017 में बनी। इस फिल्म के लेखक और निर्देशक अशोक मल्ल और इसमें बाॅलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता हेमंत पाण्डे और दिग्गज अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई हैं।

रमेश पोखरियाल निशंक की कहानी पर आधारित फिल्म ‘मेजर निराला’ वर्ष 2018 में रिलीज हुई। इस फिल्म के निर्देशक गणेश वीरान और निर्माता आरुषी निशंक हैं। निर्माता और निर्देशक अनिरुद्ध गुप्ता द्वारा ‘बौड़िगी गंगा’ 2018 में रिलीज हुई। वर्ष 2019 में ‘कन्यादान’ जिसके निर्माता एवं निर्देशक देबू रावत; निर्माता और निर्देशक अशोक चौहान की ‘खैरी का दिन’ 2022; निर्देशक अनुज जोशी व विभोर सकलानी और निर्माता कृष्णा गौड़ की ‘मेरु गौं’ 2022 में रिलीज हुई। सन् 2022 में ‘थोकदार’ फिल्म आई जिसके निर्देशक देबू रावत हैं। निर्माता कंचन नैथानी और निर्देशक राजेश मालगुड़ी की फिल्म ‘यू कन्नू रिश्ता’ 2022 में रिलीज हुई। वर्ष 2023 में निर्माता सोहन उनियाल और निर्देशक आशोक चैहान की फिल्म ‘पधानी जी’ देखने को मिली। हार्दिक फिल्म्स के बैनर तले गढ़वाली की बहुचर्चित फिल्म ‘पोथली’ वर्ष 2023 में रिलीज हुई। इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक रवि ममगाईं और कहानी और पटकथा रुचि ममगाईं ने लिखी है।

इसी प्रकार गढ़वाली की धार्मिक फिल्म ‘जय माँ धारी देवी’ वर्ष 2023 में रिलीज हुई। इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक देबू रावत हैं। वर्ष 2023 में संजय जोशी द्वारा निर्मित ‘चक्रव्यूह’; विक्रम सिंह नेगी द्वारा निर्मित और बृज रावत द्वारा निर्देशित ‘पहाड़ी रतन श्रीदेव सुमन’ वर्ष 2023 में रिलीज हुई। उर्मि नेगी द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित ‘बथौं-सुबेरो घाम-2’ वर्ष 2023 में रिलीज हुई। इस फिल्म में मुख्य अभिनय भी उर्मि नेगी ने निभाया और संगीत नरेन्द्र सिंह नेगी और प्रीतम भरतवाण ने दिया है। तितली फिल्म्स एवं अर्जुन चन्द्रा द्वारा निर्मित निशै नाथ द्वारा लिखित और निर्देशित ‘जोना’ वर्ष 2024 में आई। प्लूनैक्स प्रोडक्शन की फिल्म ‘घपरोल’ 2024 में रिजीज हुई। इस फिल्म के निर्माता अजय ढौंडियाल व रघुवीर सिंह तथा निर्देशक सिद्धार्थ शर्मा हैं।

निर्माता सुनील नायक और निर्देशक दिनेश पी. भोंसले की फिल्म ‘ढोली’ 2024 में बनी। डाॅ० नंदकिशोर हटवाल के नाटक ‘जमनदास ढोली’ पर बनी यह फिल्म 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार पाने वाली पहली गढ़वाली फीचर फिल्म है। इस फिल्म में संगीत नरेन्द्र सिंह नेगी ने दिया है। उत्तराखण्ड फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले तथा निर्माता और निर्देशक देबू रावत की फिल्म ‘शहीद’ 2024 में रिलीज हुई। गढ़वाली सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘अजाण’ सन् 2024 में दर्शकों के सामने आई। इस फिल्म के निर्माता के. राम नेगी, निर्देशक अनुज जोशी, मुख्य नायक बलराज नेगी और संगीत संजय कुमोला ने दिया है। आयुषी फिल्म के बैनर तले निर्माता सुमन वर्मा और निर्देशन व पटकथा लेखन अनुज जोशी की फिल्म ‘असगार’ 2024 में रिलीज हुई। गढ़वाली और कुमाउनी की फिल्म ‘गढ़-कुमौ’ वर्ष 2024 में आई। इस फिल्म के निर्माता हरित अग्रवाल, पटकथा व निर्देशन अनुज जोशी तथा संगीत अमित वी. कपूर ने दिया है। हार्दिक फिल्म्स की फिल्म ‘दद्दी कु बक्सा’ वर्ष 2024 में बनी। इस फिल्म की निर्माता रेनू भारती और निर्देशक विजय भारती हैं। सन् 2024 में ‘मीठी: माँ कू आशीर्वाद’ फिल्म वैभव गोयल द्वारा निर्मित और कांता प्रसाद द्वारा निर्देशित प्रकाश में आई। पर्वतीय बिगुल फिल्म्स के बैनर तले प्रदीप भण्डारी द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित फिल्म ‘पितृकुड़ा’ वर्ष 2024 में रिलीज हुई। यह फिल्म मनोरंजन, फिल्मांकन, अभिनय के हिसाब से बेहतरीन फिल्म है।


जगत किशोर गैरोला द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म ‘रिखुली’ वर्ष 2024 में रिलीज हुई। बृज रावत व राजू नेगी द्वारा निर्देशित और प्रेम सिंह व राजेन्द्र प्रसाद भट्ट द्वारा निर्मित फिल्म ‘संस्कार’ वर्ष 2024 में प्रदर्शित की गई। सन् 2024 में सुनील बडोनी द्वारा लिखित एवं निर्देशित फिल्म ‘कारा एक प्रथा’ रिलीज हुई। मुकेश धस्माना द्वारा लिखित पटकथा एवं निर्देशन में ‘मेरी प्यारी बोई’ वर्ष 2025 में आई। सन् 2025 में निर्माता और निर्देशक रवि दीप की फिल्म ‘द्वी होला जब साथ’; आशा मुनीन्द्र सकलानी द्वारा निर्मित और देबू रावत द्वारा निर्देशित ‘निखण्या जोग’; पद्मा सिद्धि फिल्म्स के बैनर तले बनी और अविनाश ध्यानी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘खोली का गणेश’; किनोस्कोप फिल्म्स के बैनर पर शिशिर उनियाल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘रैबार’; शशिकान्त गट्टी द्वारा निर्देशित ‘बोळ्या काका’; प्रेम सिंह व राजेन्द्र प्रसाद भट्ट द्वारा निर्मित और और अशोक चौहान द्वारा निर्देशित ‘माँ सुरकण्डा’; निर्माता अजय ढौंडियाल व रघुवीर सिंह और निर्देशक सिद्धार्थ शर्मा की फिल्म ‘घपरोळ’ इस वर्ष रिलीज हुई।

वर्ष 2026 में निर्देशक सुशीला रावत और निर्माता संजय जोशी की फिल्म ‘घंघतोल ’; निर्माता रोहित शर्मा और निर्देशक शिव नारायण सिंह की फिल्म ‘मार्छा’; निर्देशक अशोक चौहान और निर्माता संजय चमोली की फिल्म ‘भाग्यान’; निर्देशक फैसल सैफी और निर्माता दीपक देव सागर की फिल्म ‘बिराणी आंखी’; निर्माता अवध नारायण प्रसाद और पटकथा व निर्देशक संजय सिंह नेगी की ‘तेरी माया’ रिलीज हुई।

मां शक्ति पिक्चर्स के बैनर तले ‘घस्यारी‘ फिल्म का पोस्टर लांच किया गया है। इस फिल्म की निर्माता परिणिता बडोनी और लेखक-निर्देशक सुनील बडोनी हैं।

 

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