प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ नियमित संपर्क बनाए रखना।
पार्टी की नीतियों, सरकार की उपलब्धियों और घटनाओं पर प्रेस रिलीज जारी करना।
विरोधी दलों के आरोपों या नकारात्मक खबरों का त्वरित जवाब (rapid response) तैयार करना।
(मनोज इष्टवाल)
सांसद गढ़वाल एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी को बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग (मीडिया, सोशल मीडिया आई .टी. प्रचार प्रसार) का कॉर्डिनेटर बनाये जाने की मिली नई व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। इस जिम्मेदारी के साथ-साथ आमजन के बीच कय्यासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। चाय के खोमचों में अक्सर चर्चा यह है कि गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी का से राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी का पदभार हटाकर क्या उनका कद हल्का किया गया है? यह चर्चा आमजन या चाय के खोमचों में ही नहीं है, अपितु राजनीति हलकों व मीडिया के अंदर बाहर भी है।
ज्ञात हो कि बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग (जिसमें मीडिया सेल, सोशल मीडिया, आईटी सेल और प्रचार-प्रसार शामिल हैं) के कॉर्डिनेटर की कार्यशैली मुख्य रूप से पार्टी की संचार रणनीति को समन्वित करने, संदेशों को प्रभावी ढंग से फैलाने और डिजिटल तथा पारंपरिक मीडिया दोनों का प्रबंधन करने पर केंद्रित होती है। हाल के संगठनात्मक बदलावों में (जैसे 2026 में) इस विभाग का समन्वय राष्ट्रीय स्तर पर किया गया है, जिसमें मीडिया सेल और सोशल मीडिया यूनिट शामिल हैं।
बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग के कॉर्डिनेटर की कार्यशैली में मीडिया समन्वय और प्रबंधन प्रेस कॉन्फ्रेंस, मीडिया ब्रीफिंग और पत्रकार वार्ता का आयोजन तथा समन्वय को भी शामिल किया गया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य हर खबर की मॉनिटरिंग करना व प्रेस के हर पहलु पर करीबी नजर रखना है।
इसके अलावा गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को मिले इस पद के बाद उनकी जिम्मेदारी में पार्टी प्रवक्ताओं (spokespersons) की सूची तैयार करना, उनके बयानों का समन्वय और सुनिश्चित करना कि वे पार्टी लाइन के अनुरूप हों इत्यादि भी शामिल हो गये हैं।
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ नियमित संपर्क बनाए रखना
बतौर बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग (मीडिया, सोशल मीडिया आई .टी. प्रचार प्रसार) का कॉर्डिनेटर के रूप में अनिल बलूनी की कार्यशैली में मीडिया के तीनों फॉर्मेट के साथ नियमित सम्पर्क बनाये रखने के साथ-साथ सामंजस्य बनाये रखना भी शामिल है।
पार्टी की नीतियों, सरकार की उपलब्धियों और घटनाओं पर प्रेस रिलीज जारी करना
बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग (मीडिया, सोशल मीडिया आई .टी. प्रचार प्रसार) का कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी में पार्टी की निर्धारित नीतियों, सरकार की उपलब्धियों और विभिन्न घटनाओं को केंद्रित कर उस पर खबर जारी करना है। माना जाए तो यह चुनावी समीकरण बिठाने में सबसे ज्यादा जरुरी भी है।
विरोधी दलों के आरोपों या नकारात्मक खबरों का त्वरित जवाब (rapid response) तैयार करना।
बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग (मीडिया, सोशल मीडिया आई .टी. प्रचार प्रसार) का कॉर्डिनेटर की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी रहेगी कि वह किस तरह विपक्षी दलों की राजनीति व कूटनीतिक चालों का त्वरित जबाब तैयार कर मीडिया के सामने लाएं ताकि वह जनता के बीच विपक्ष की दलीलों को निष्क्रिय कर सकें।
इसके अलावा अनिल बलूनी की चुनौतियों में सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार, फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम, यूट्यूब, व्हाट्सएप आदि प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट रणनीति बनाना और लागू करना भी शामिल है। किस तरह वह पोस्ट, रील्स, मीम्स, ट्रेंडिंग हैशटैग, कैंपेन और ऑनलाइन मोबिलाइजेशन का समन्वय, वीडियो और ग्राफिक्स का निर्माण, नकारात्मक या फेक नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए काउंटर-कंटेंट तैयार करना तथा वायरल बनाने का काम करें या अपनी टीम को निर्देशित करें, यह भी बड़ी जिम्मेदारी निर्वाहन करने जैसा है ।
इसके अलावा आईटी सेल संबंधी कार्यडिजिटल आउटरीच, डेटा एनालिटिक्स और वोटर डेटाबेस का उपयोग, ऑनलाइन कैंपेन की मॉनिटरिंग और रियल-टाइम रिस्पॉन्स सिस्टम का संचालन, स्वयंसेवकों (volunteers) और आईटी वर्कर्स की टीम का समन्वय तथा ट्रेनिंग, पार्टी की वेबसाइट, ऐप्स और अन्य डिजिटल टूल्स का प्रबंधन, प्रचार-प्रसार और नैरेटिव बिल्डिंगपार्टी के मुख्य संदेशों (जैसे विकसित भारत, सुशासन आदि) को जनता तक पहुंचाना, चुनावों के दौरान और गैर-चुनावी समय में प्रचार सामग्री (पोस्टर, पैम्फलेट, डिजिटल कंटेंट) तैयार करवाना, राज्य और जिला स्तर की कम्युनिकेशन टीम्स के साथ समन्वय, पार्टी कार्यकर्ताओं को संचार संबंधी प्रशिक्षण देना (कब, क्या और कैसे बोलना है) जैसी कई नई जिम्मेदारियां शामिल हैं ।
बतौर बीजेपी कम्युनिकेशन विभाग (मीडिया, सोशल मीडिया आई .टी. प्रचार प्रसार) का कॉर्डिनेटर अनिल बलूनी अब अन्य प्रशासनिक और समन्वय संबंधी कार्यराष्ट्रीय नेतृत्व, राज्य इकाइयों और विभिन्न प्रकोष्ठों के बीच संचार सुनिश्चित करना, दैनिक/साप्ताहिक रिपोर्टिंग और प्रदर्शन की निगरानी,
संकट प्रबंधन (crisis communication) – विवादित बयानों या घटनाओं पर त्वरित रणनीति बनाना, सकारात्मक कंटेंट पर फोकस रखते हुए विपक्षी आख्यानों का जवाब देना इत्यादि बिषयों की भी जिम्मेदारी उठाएंगे। ये जिम्मेदारियां सामान्य रूप से विभाग की कार्यप्रणाली पर आधारित हैं। वास्तविक भूमिका पार्टी अध्यक्ष, राष्ट्रीय नेतृत्व और मौजूदा संगठनात्मक संरचना के अनुसार थोड़ी बदल सकती है। कॉर्डिनेटर अक्सर जॉइंट कॉर्डिनेटर्स या को-कन्वीनर्स की टीम के साथ काम करते हैं।यह विभाग पार्टी की छवि निर्माण, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
अत: यह तय है कि आगामी लोकसभा या विधानसभा के चुनावों के साथ-साथ नगर निकाय व अन्य चुनावों के मध्य नजर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को हर क्षेत्र में अबल मानकर उनका प्रमोशन किया गया है जिसमें अब वह मीडिया के हर अंगों में ही नहीं बल्कि विपक्षी दलों पर भी राजनीतिक व कूटनीतिक नजर रख सकेंगे. नई जिम्मेदारी के लिए गढ़वाल सांसद को शुभकामनायें

