अमित शाह बोले 35 धामों को करेंगे पुनरद्वार ‘,
अमित शाह ने गीता प्रेस की कल्याण पत्रिका का विमोचन किया
नेहरू की नीतियों के विपरीत पत्रिका ने हिंदू धर्म बचाया
ऋषिकेश (हि. डिस्कवर टीम)
गीता भवन में गीता प्रेस की कल्याण पत्रिका के सौ साल पूरे होने पर शताब्दी अंक के विमोचन समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो भारत को जानते हैं वह गीता प्रेस के मूल्यांकन को भी जानते हैं। गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं पीढ़ियों के निर्माण लिए चलती है। उन्होंने कहा कि सात्विक संगठन शोरगुल या पैसों के प्रदर्शन से नहीं होता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऋषिकेश में 35 मिनट के भाषण में सनातन संस्कृति, युवा पीढ़ी के झुकाव और गीता प्रेस के कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ‘लोकप्रिय मुख्यमंत्री’ और सांसद अनिल बलूनी को ‘मित्र व लोकप्रिय सांसद’ बताया। शाह ने गंगा पूजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया, और अपने संबोधन की शुरुआत ‘भारत माता जय’ के नारे से की।
सनातन की रक्षा शोरगुल से नहीं, शास्त्र से ही हो सकती है। गीता प्रेस ने अपने महिमा मंडन के लिए कुछ नहीं किया। जब धर्म को अंधविश्वास कहना फैशन हो गया था तब गीता प्रेस ने बिना आक्रामक भाषा के अपने विचार रखे। गृह मंत्री अमित शाह कहा कि उनकी दादी गीता प्रेस की प्रकाशित गीता पढ़ती थी। आज उनकी पोती गीता प्रेस की हनुमान चालीसा अपने पास रखती है।
बुधवार शाम करीब साढ़े तीन बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हेलीकाप्टर आयोजन स्थल के पास उतरा। उसके बाद वह गंगा पूजन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। गंगा पूजन और अन्य धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के बाद आयोजकों, संत, महंतों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। संबोधन करने वाले वक्ताओं की लिस्ट छोटी रही।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब संबोधन के लिए मंच संभाला तो पूरे जोश के साथ कहा कि मेरा साथ बोलिए भारत माता जय। इस दौरान पूरा पंडाल भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। संबोधन में पहला नाम सीएम पुष्कर सिंह का नाम लिया।
उन्हें लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरे देश में देश भक्ति को जागृत किया। इसके बाद संतों का नाम लिया। मंच पर ही मौजूद गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को अपना मित्र और लोकप्रिय सांसद बताया।
अमित शाह ने गीता प्रेस की कल्याण पत्रिका का विमोचन किया
बुधवार को पौड़ी जिले के स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में गीता प्रेस की कल्याण पत्रिका के सौ साल पूरे होने पर शताब्दी अंक का गृह मंत्री अमित शाह ने विमोचन किया।
उन्होंने कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकृति लाए बगैर गीता प्रेस ने शानदार काम किया है। गीता प्रेस के संस्थापक जयदयाल, हनुमान प्रसाद पोद्दार ने पूरा जीवन गीता प्रेस को समर्पित किया। उन्होंने सनातन धर्म के आधार पर गीता प्रेस की नींव डाली। महात्मा गांधी ने कहा था कि कल्याण में विज्ञापन प्रकाशित न करें। आध्यात्मिक ग्रंथ को बाजार के दबावों से मुक्त रहना चाहिए। यह शून्य विज्ञापन वाली पत्रिका है।
युवाओं की भागीदारी बताती है, देश का भविष्य उज्ज्वल गृह मंत्री शाह ने कहा कि सनातन धर्म के प्रति आकर्षण, विश्वास दृढ़ होता हुआ दिख रहा है। गीता प्रेस ने आदि सनातन की लौ को चिरंजीवी बनाकर रखा। आज देश में पुनर्जागरण देख रहा है। कुंभ हो या अन्य त्योहार, इसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। जो बताता है कि देश का भविष्य उज्ज्वल है।
अमित शाह बोले- ‘जब धर्म को अंधविश्वास कहना फैशन हो गया था, तब गीता प्रेस ने बिना आक्रामक भाषा के विचार रखे । उन्होंने कहा कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया। केदारनाथ बदरीनाथ धाम सहित 35 से अधिक तीर्थों में काम हो रहे हैं। अंग्रेजों के समय ले जाई गई 642 से अधिक मूर्तियों को वापस लाकर फिर स्थापित किया गया। मातृ भाषा में शिक्षण का अब विरोध नहीं हो रहा। क्योंकि अब भारत मजबूत हाथों में है।
उन्होंने कहा कि आज पत्रिका के शताब्दी वर्ष पर इन नीतियों पर यू-टर्न लगाने काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से चल रहा है। साढ़े पांच सौ साल बाद रामलला को अपमानजनक स्थिति से बाहर निकालकर भव्य राम मंदिर बनाया गया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ का पुनरुद्धार किया है अब बदरीनाथ समेत 35 धामों को रेनोवेट करेंगे।
नेहरू की नीतियों के विपरीत पत्रिका ने हिंदू धर्म बचाया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू के शासनकाल में जब नीतियां पाश्चात्य विचारों से प्रभावित होकर गढ़ी जा रही थी तब गीता प्रेस ने कल्याण पत्रिका के जरिए हिंदू धर्म, दर्शन, आचार-विचार, कला संस्कृति को जनता के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू के शासनकाल में रक्षा, विदेश, व्यपार,शिक्षा नीति पश्चिम के विचारों से प्रभावित होकर बन रही थी, तब भी कल्याण पत्रिका ने अपनी भूमिका निभाई। सनातन धर्म के हर आदर्श को जनता के सामने रखा। पिछले ग्यारह साल में कई काम हुए।
गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर बुधवार को ऋषिकेश पहुंचे। वह गीता प्रेस से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका कल्याण के सौ वर्ष पूरे होने पर गीता भवन स्वर्गाश्रम में शाम तीन बजे आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, राम जन्म भूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महराज, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ, राजेंद्र दास महाराज, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डा. धन सिंह रावत, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी इत्यादि मौजूद हैं।


