Sunday, March 15, 2026
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एक बार फिर सुर्खियों में नरेंद्र सिंह नेगी, अपने नए गीत से सरकारी नौकरियों में घपलेबाजी पर किया प्रहार।

देहरादून (हि. डिस्कवर।

उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक और गढ़रत्न कहे जाने वाले नरेंद्र सिंह नेगी (नेगी दा) का नया गीत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अतीत में भी अपने बेबाक गीतों से नेगी दा सियासत के प्याले में तूफान मचा चुके हैं। उनका नौ छमी नारेणा गीत खूब चर्चाओं में रहा था। एक बार फिर लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी का एक और गीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस बार उन्होंने सरकारी नौकरियों में घपलेबाजी पर अपने गीत के जरिये प्रहार किया है।

वायरल गीत में वह गा रहे हैं कि लोकतंत्र में जनसेवक राजा हो गए हैं, प्रजा ही रह गई है। साथ ही वह यह भी कह रहे हैं कि लोकतंत्र में सिर्फ तुम्हारे ही रिश्तेदार नौकरियों के योग्य हैं और हम यानी प्रजा पढ़ी-लिखी होने के बावजूद किसी काम की नहीं रह गई है। बता दें कि अतीत में भी अपने बेबाक गीतों से नेगी दा सियासत के प्याले में तूफान मचा चुके हैं। उनका नौ छमी नारेणा गीत खूब चर्चाओं में रहा था। तत्कालीन एनडी तिवारी पर बनाए इस गीत ने राजनीति में तूफान मचा दिया था। एक बार फिर नेगी दा नया गीत लेकर जनता के बीच आए हैं। गीत के बोल इस प्रकार हैं।

हम तो प्रजा का प्रजा ही रह ग्यां लोकतंत्र मा
तुम जन सेवक राजा व्हैग्या राजा लोकतंत्र मा।
जनता सड़कियों में भ्रष्टाचार से लड़नी,
और तुम भ्रष्टाचार में साझा व्हैग्या लोकतंत्र मा।
फल फूललू जब राजा हमारू चौs से खाला,
फल लगनी काचा खा ग्या लोकतंत्र मा।
तुम्हरे ही परिजन छन यख नौकरियां काबिल,
हम बल काम न काजा का व्हैग्या लोकतंत्र मा।
करनी धरनी कुछ नी तुम बस भौंपू बजौंदा,
नेता जी तुम ता बाजा व्हैग्या लोकतंत्र मा।
अब न चलण दियोला तुम्हरी धांधलबाजी,
अलसे गै छा ताजा व्हैग्या लोकतंत्र मा।

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35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
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