Wednesday, February 25, 2026
HomeUncategorizedआखिर कहां लापता हुई सरला रावत..! घर से निकली थी रेलवे स्टेशन...

आखिर कहां लापता हुई सरला रावत..! घर से निकली थी रेलवे स्टेशन के लिए।

नई दिल्ली (हिमालयन डिस्कवर)

गुजरात के वापी शहर से दल्लूपुरा कल्याणपुरी शादी में शिरकत करने पहुंची श्रीमती सरला रावत पत्नी कुंदन सिंह रावत विगत रात्रि 18 मई 2022 को कल्याणपुरी से ऑटो में बैठकर रेलवे स्टेशन को निकली थी लेकिन वह तब से लापता चल रही है व उसका फोन भी स्विच ऑफ है।

उपरोक्त की जानकारी देते हुए समाजसेविका रोशनी चमोली ने बताया कि सरला रावत को उसकी ननद व पति स्वयं ऑटो में बिठाने आये लेकिन जल्दबाजी में ऑटो वाले का नम्बर लेते भूल गए। उनके अनुसार ऑटो में पचले से ही एक व्यक्ति बैठा हुआ था।

लगातार फोन स्विच ऑफ जाने के बाद घर वाले, सभी रिश्तेदार और सम्बन्धी बहुत परेशान हैं क्योंकि अबतक का फ़ोन स्विचड ऑफ जा रहा है। आखिरकार थक हारकर कुंदन सिंह रावत द्वारा अपनी पत्नी श्रीमती सरला रावत की गुमसुदगी की नामजद वपोर्ट  न्यू अशोक नगर थाने में इस सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज़ करा दी गयी है। पुलिस लगातार उसके फोन खुलने का प्रयास कर रही है ताकि उसकी लोकेशन मिल सके।

वहीं दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार अनिल पंत से बात होने के बाद यह जानकारी प्राप्त हुई है कि सरला रावत के एकाउंट के एटीएम से मध्य प्रदेश में कुछ ही देर पहले दो बार कैश निकाला गया है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि श्रीमती सरला रावत धर्मपत्नी कुंदन सिंह रावत कल रात 8:00 बजे के आसपास दल्लूपुरा कल्याणपुरी दिल्ली से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए निकली थी जिनको की अपने भैया-भाभी के पास जाना था, इनके पति ने ऑटो पर बिठा दिया था लेकिन  सरला रावत रेलवे स्टेशन नहीं पहुंची।

उनके पति कुंदन सिंह रावत ने अपील की है कि किसी को अगर सम्बंधित फ़ोटो को देखकर कुछ पता या संदेह हो तो कृपया सम्बंधित कोतवाली न्यू अशोक नगर या किसी भी छेत्र या राज्य में महिला हेल्प लाइन न. 1091 एवं 112 नम्बर  पर फ़ोन करें या फिर सीधे कुंदन सिंह रावत सम्पर्क सूत्र 9328004800 पर सूचित करें।

 

 

 

Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES