Tuesday, February 17, 2026
Homeउत्तराखंडवार्षिक स्थानांतरण सत्र 2022-23 के लिए कार्मिक सचिव अरविंद ह्यांकी ने शुक्रवार...

वार्षिक स्थानांतरण सत्र 2022-23 के लिए कार्मिक सचिव अरविंद ह्यांकी ने शुक्रवार की सांय जारी किये नये निर्देश।

देहरादून (हि. डिस्कवर)।

कार्मिक सचिव अरविंद ह्यांकी ने वार्षिक स्थानान्तरण सत्र 2022-23 के दौरान उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 के अनुसार स्थानान्तरण किए जाने के सम्बन्ध में नये निर्देश जारी किए।

कार्मिक सचिव अरविंद ह्यांकी का 8 अप्रैल को जारी मूल पत्र।

महोदय, आप अवगत है कि लोक सेवकों के वार्षिक स्थानान्तरण हेतु वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 की धारा 23 के अन्तर्गत प्रत्येक वर्ष सामान्य स्थानान्तरण हेतु समय-सारिणी नियत की गयी है और अधिनियम की धारा 23 के परन्तुक अनुसार राज्य सरकार द्वारा किसी स्थानान्तरण सत्र हेतु समय सारिणी में परिवर्तन किया जा सकता है।

कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के शासनादेश संख्या 116 दिनांक 20.05.2021 द्वारा स्थानान्तरण सत्र 2020-2021 एवं शासनादेश संख्या 138 दिनांक 24.05.2021 द्वारा स्थानान्तरण सत्र 2021-22 के दौरान राज्य में कोविड-19 के संक्रमण में अप्रत्याशित वृद्धि होने एवं राज्य की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के दृष्टिगत स्थानान्तरण सत्र शून्य घोषित किया गया था।

2 वर्तमान में कोविड संक्रमण में कमी होने के दृष्टिगत शासन द्वारा सम्यक विचारोपरान्त स्थानान्तरण सत्र 2022-23 के दौरान उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 के अनुसार सामान्य स्थानान्तरण किए जाने का निर्णय लेकर अधिनियम की धारा 23 के अन्तर्गत वार्षिक स्थानान्तरण

हेतु निम्नवत् समय-सारिणी निर्धारित किये जाने का निर्णय लिया गया है

(2)

  1. अतः इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया स्थानान्तरण सत्र 2022-23 हेतु उत्तराखण्ड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानान्तरण अधिनियम, 2017 के प्राविधानों का पूर्ण परिपालन करते हुए उपरोक्त समय-सारिणी के अनुसार स्थानान्तरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें
Himalayan Discover
Himalayan Discoverhttps://himalayandiscover.com
35 बर्षों से पत्रकारिता के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, पर्यटन, धर्म-संस्कृति सहित तमाम उन मुद्दों को बेबाकी से उठाना जो विश्व भर में लोक समाज, लोक संस्कृति व आम जनमानस के लिए लाभप्रद हो व हर उस सकारात्मक पहलु की बात करना जो सर्व जन सुखाय: सर्व जन हिताय हो.
RELATED ARTICLES