Wednesday, February 18, 2026
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काँग्रेस ने सहकारिता में चतुर्थ श्रेणी के 423 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर एसआईटी जांच की मांग की। मुख्य सचिव से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन

देहरादून (हि. डिस्कवर)।

भ्रष्टाचार पर तथाकथित “ज़ीरो टॉलरेंस” वाली डबल ईंजन की भाजपा सरकार सहकारिता भर्ती घोटाले की लीपापोती के लिये एसआईटी जांच से बच रही है। घोटाले की जांच के लिए महज़ विभागीय समिति बना खानापूर्ति की जा रही है। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि सहकारिता विभाग में हुई भर्ती घोटाले पर सरकार पर्दा डालने की कोशिश में है।

उन्होंने कहा कि सीएम धामी को पूरे मामले की एसआईटी जांच करवानी चाहिए। गौरतलब है कि जिला सहकारी बैंक में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर हुई नियुक्ति में भारी पैमाने पर घपला किय्या गया। अफसरों व नेताओं ने अपनों-अपनों को नियुक्ति दे दी।

प्रदेश के तीन जिलों के रिजल्ट के बाद यह घपला सामने आया। भाजपा की 2017 से 2022 के कार्यकाल में बैंक के चतुर्थ श्रेणी के 423 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस भर्ती प्रक्रिया में मैनेजर ने बेटे व चैयरमैन ने अपनी बहू की नौकरी लगा दी।

सहकारिता सचिव मीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि जांच शुरू कर दी गयी है। और 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट आ जायेगी। यही नहीं गड़बड़ी वाले तीन जिलों के महाप्रबन्धक (जीएम) व सहायक निदेशक (ए आर) को बदला जाएगा।

इस मामले की जांच अल्मोड़ा के उप निबंधक नीरज बेलवाल कर रहे हैं। जांच टीम देहरादून जिला सहकारी बैंक के प्रशासनिक भवन को सील कर चुकी है।

पहले भी हो चुका है घपला

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 2016-17 में अल्मोड़ा व हरिद्वार जिले में हुई भर्तियों पर भी उंगली उठी थी। यह मामला अब कोर्टमें चल रहा है।

कांग्रेस विधायक सुमित ह्रदयेश व लखवाड़-व्यासी के मुद्दे पर मुख्य सचिव से मिले कांग्रेसी नेता

आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव से मुलाकात कर विगत 4 अप्रैल को हल्द्वानी विधायक Sumit Hridayesh जी को स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा नज़रबंद किये जाने तथा लखवाड़-व्यासी परियोजना के अंतर्गत लोहारी गावं के विस्थापितों की समस्या से सम्बंधित ज्ञापन सौंप कर तत्काल यथोचित कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, महामंत्री डॉ0 संजय पालीवाल व गोदावरी थापली, पछवादून अध्यक्ष संजय किशोर, परवादून अध्यक्ष गौरव सिंह, गिरीश पुनेड़ा, नवीन पयाल, शोभाराम व अन्य शामिल रहे।

स्वास्थ्य विभाग के फर्जीवाड़े पर कांग्रेस ने उठाये सवाल

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी एवं प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने स्वास्थ्य विभाग में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है ।

दसोनी के अनुसार सरकारी बजट को निपटाने के लिए और अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों ने सांठगांठ करके चिकित्सा चयन बोर्ड को डांडा लखोण्ड स्थित स्वास्थ्य निदेशालय से शास्त्री नगर एक निजी भवन में शिफ्ट कर दिया है।

प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी

दसोनी ने स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की गई इस कार्यवाही का वर्तमान सरकार से जवाब मांगा है ।दसोनी ने कहा कि जब स्वास्थ्य विभाग के पास अपनी भूमि वह विशालकाय भवन है ऐसे में चिकित्सा चयन बोर्ड को भाजपा के एक नेता के निजी आवास में शिफ्ट करने का क्या औचित्य है?? दसोनी ने कहा यह मामला सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का और फर्जीवाड़े का दिखाई पड़ता है जिसमें स्वास्थ विभाग में कार्यरत अधिकारी किसी के इशारे पर सरकारी खजाने को लाखों का बट्टा लगा रहे हैं।

दसोनी ने कहा प्रति माह डेढ़ से दो लाख का किराये वाले निजी भवन में चिकित्सा चयन बोर्ड का शिफ्ट किया जाना अपने आप में हतप्रभ करने वाला है क्योंकि स्वास्थ्य निदेशालय के पास पर्याप्त पार्किंग और कमरे हैं ऐसे में चकित करने वाला एक और तथ्य सामने आया है की स्वास्थ्य निदेशालय के जिस ऑफिस से चिकित्सा चयन बोर्ड को शिफ्ट किया जा रहा है उसे किसी केंद्रीय एजेंसी को किराए में दिए जाने की बात की जा रही है ।

दसोनी ने सवाल करते हुए कहा कि जब स्वास निदेशालय में केंद्रीय एजेंसी का दफ्तर खुल सकता है तो चिकित्सा चयन बोर्ड जो अभी तक इतने सालों से वहीं पर स्थित था क्यों नहीं संचालित किया जा सकता?? दसोनी ने इसके लिए सीधे-सीधे स्वास्थ्य मंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब स्वास्थ्य मंत्री की प्राथमिकता में ही स्वास्थ्य विभाग ना हो तो इस तरह के मामले सामने आएंगे ही।

दसोनी ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा कांड भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। दसोनी ने कहा की आशा करती हूं कि शासन प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए इसमें अपेक्षाकृत कार्यवाही करेगा।

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