नई दिल्ली/देहरादून (हि. डिस्कवर)।
भाजपा आलाकमान ने आखिर मन बना ही लिया कि अब बहुत हुआ। डॉ हरक सिंह रावत की प्रेशर पोलिटिक्स की भी आज इतिश्री हो ही गयी । शायद डॉ हरक सिंह रावत को भी ये अंदाजा नहीं था कि भाजपा व कांग्रेस में पार्टी पॉलिटिक्स के कई अंतर हैं। इसीलिए पिछले कुछ महीनों से लगातार प्रेशर पॉलिटिक्स खेल रहे राजनीति के कद्दावर कहे जाने वाले नेता अपने ही बिछाए जाल में फंस गए और भाजपा संगठन ने उन्हें मजबूरन 06 बर्ष के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार जहां एक ओर डॉ हरक सिंह रावत केदारनाथ, यमकेश्वर व लैंसडाउन से एक नहीं बल्कि तीन टिकट मांग रहे थे वहीं वह कांग्रेस आलाकमान के टच में भी लगातार बने हुए थे। जिसकी भनक लगते ही उन्हें आखिरकार 06 साल के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।
सूत्रों का मानना है कि उनके कारण उत्तराखंड में भाजपा कार्यकारिणी, कोर कमिटी, संघ व संगठन सभी असहज चल रहे थे वे उन्हीं की जमीनी रिपोर्ट को देखते हुए आखिर भाजपा आलाकमान ने उनकी 06 बर्ष तक पार्टी सदस्यता बर्खास्त कर दी है।

