देहरादून ( हि. डिस्कवर)
नेशनल सोशल मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष व हिमालयन डिस्कवर के सम्पादक मनोज इष्टवाल द्वारा लोक साहित्यकार व लोक संस्कृतिकर्मियों के प्रतिनिधियों की ओर से प्रतिनिधि के तौर पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दो दर्जन से अधिक लोक कलाकारों, लोक संस्कृतिधर्मियों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र को ज्ञापन के तौर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा है।
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में सभी लोक कलाकारों, साहित्यविद्धों, पर्यावरणविद्धों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ढ़ोल को चिरायु बनाये रखने व ढोली समाज की आजीविका बनाये रखने के लिए उन्हें देव स्थानम बोर्ड द्वारा चयनित उत्तराखंड के सभी मंदिरों में देवताओं की नौबत्त, धुंऐंल, प्रभाती, शब्द, देव गायन, जागर गायन इत्यादि के लिए सरकारी स्तर पर नियुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाय ताकि इस गरीब समाज को रोजगार मिल सके व इनका ढ़ोल वादन कला व ढोल सागर की प्रवीणता से मोह भंग न हो सके।
इस दौरान साहित्यकार रमाकांत बेंजवाल का प्रस्ताव का समर्थन करते हुए लोकगायन नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि वे इस बात को कई मंचों पर उठा चुके हैं कि ढ़ोल वादन से न सिर्फ ढोली समाज को रोजगार मिलेगा बल्कि युगों-युगों से सृष्टि संरचना का ढोल सागर भी विभिन्न कंठों से उतरता हुआ जीवंत हो जाएगा जो प्रायः अब विलुप्ति के कगार पर है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि इस समाज के उत्थान के लिए हमें हर सम्भव वह प्रयास करना ही होगा जिससे इन्हें सम्मान व रोजगार मिल सके।
इस दौरान पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने भी पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने भी अपने ढोली समाज की लोक परम्पराओं को जीवित रखने के लिए ढोल सागर सम्बन्धी एक विद्यालय खोल दिया है जिसमें ढोल के महारथी अपने गजाबल व हाथों की थाप से नए कलवावन्तों को ढोल की बारीकियां सिखाएंगे।
इस अवसर पर सुप्रसिद्व साहित्यकार व संस्कृतिधर्मी नन्दकिशोर हटवाल, पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत मैती, रमाकांत बेंजवाल, अजय जोशी, श्रीमती बीना बेंजवाल, श्रीमती उषा नेगी, श्रीमती कुसुम भट्ट, डॉ योगेश धस्माना, प्रेम मोहन डोभाल, लोक कलाकार प्रेम हिंदवाल, समाजसेवी व भाजपा नेता सुश्री स्वराज विद्वान, आईजी पुलिस अवकाश प्राप्त जीएस मर्तोलिया, डॉ जोशी, प्रो. एमपीएस बिष्ट डायरेक्टर यूसेक, शैलेन्द्र नेगी, समाजसेवी व भाजपा धीरेन्द्र पंवार, समाजसेवी भुवन नौटियाल, समाजसेवी रघुबीर बिष्ट, समाजसेवी वीरेंद्र सिंह नेगी, इंद्र सिंह नेगी, लोक गायिका श्रीमती मीणा राणा, श्रीमती संगीता डौडियाल, संगीतकार संजय कुमोला, वरिष्ठ पत्रकार गणेश खुगशाल गणी, वरिष्ठ पत्रकार राजू गुसाईं, वरिष्ठ पत्रकार रमेश भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार गोपाल थापा, संस्कृतिकर्मी हेमन्त बुटोला, रमन शैली सहित दो दर्जन से अधिक लोगों ने प्रस्तावित पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिसे आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया है कि इस पर शीघ्र ही कार्यवाही के निर्देश जारी किए जायेंगे। आपको जानकारी दे दें कि “धाद” सामाजिक संस्था के महासचिव तन्मय ममगाई व अध्यक्ष लोकेश नवानी सहित कई अन्य सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि यह सचमुच ढोली समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।


