Thursday, March 12, 2026
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उत्तराखण्ड में बारिश ने मचाई तबाही, कुमाऊँ मण्डल में बारिश की तबाही में 42 की मौत।

(हिमालयन डिस्कवर टीम)

इस बार आपदा ने केदार खंड के स्थान पर मानस खंड के निम्न पहाड़ी क्षेत्रों को अपना निशाना बनाया है। एकलौते नैनीताल जनपद 29 लोगों की मौत ने दिल दहला दिया है। नैनी झील के पास ही माल रोड पर बारिश का तांडव तब ज्यादा दिखाई देने लगा जब नैनीताल भवाली रोड पर नैनी झील के ऊपर से बहने वाला पानी ने बाढ़ के रूप में नदी का रूप अख्तियार कर लिया।

जहां विगत दिन मैदानी भू-भाग मूलतः राजधानी देहरादून में धूप खिली रही, वहीं पहाड़ों में बारिश के रूप में लगातार बरस रही आफत ने लोगों की सांसें थामें रखी। वहीं चार धाम व उसके विभिन्न पड़ावों पर हजारों-हजार यात्री फंसे रहे।

जहां एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरे से जायजा लिया वहीं आपदा प्रबंधन से जुड़े जवानों के मध्य पहुंचकर उन्होंने जवानों की हौसला अफजाई भी की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और संचालित बचाव व राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने प्रदेश को हर आवश्यक सहयोग दिये जाने के प्रति आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी को वस्तुस्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर नुकसान हुआ है। शासन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

मुख्यमंत्री का रुद्रप्रयाग, उधमसिंहनगर और नैनीताल का किया दौरा।

उत्तराखण्ड में दो दिन की अतिवृष्टि से आई आपदा का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्र में हैं। ग्राउंड जीरो पर जाकर वह राहत और बचाव कार्य का मुआयना कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना।

उन्होंने जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर करने और उसमें कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं। पीड़ितों की फौरीतौर पर सहायता के लिए उन्होंने जिलाधिकारियों को फ्री हैंड दिया है। सड़क मार्ग मैं आ रही बाधाओं और जोखिम को दरकिनार कर देर रात तक वह हल्द्वानी के प्रभावित क्षेत्र में मौजूद रहे।

बीते रविवार और सोमवार को उत्तराखण्ड में हुई भारी बारिश से राज्य में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दिल्ली दौरे समेत तमाम कार्यक्रम निरस्त कर आपदा पीड़ितों के बीच मौजूद हैं। मंगलवार को उन्होंने रुद्रप्रयाग, उधमसिंहनगर और नैनीताल जिलों का भ्रमण किया। पीड़ितों का हाल जानने की शुरुआत उन्होंने रुद्रप्रयाग जिले से की। जिले के प्रभावित इलाके का हवाई निरीक्षण करने के बाद जिला मुख्यालय में उन्होंने डीएम और जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद धामी ने कुमाऊं मंडल का दौरा कर रुद्रपुर और किच्छा समेत सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। पीड़ितों की बात सुनी और उनके सामने आ रही समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। रात को धामी हल्द्वानी गए और उन्होंने अधिकारियों से आपदा के प्रभाव की विस्तृत जानकारी हासिल की। समाचार लिखे जाने तक उनका देर रात तक आपदा पीड़ितों से मिलने का सिलसिला जारी रहा।

कुमाऊं मंडल में बारिश का तांडव।

उत्तराखंड के अकेले कुमाऊं मंडल 06 जनपदों में 42 लोगों की मौत की खबर अभी तक है जबकि दर्जनों घायल अस्पताल में भर्ती है। कुमाऊँ मण्डल के 06 एनएच व 92 स्टेट हाई वे मुख्य यातायात सम्पर्क मार्ग से कट गए हैं। इस दौरान राहत टीम ने लगभग 7 हजार से अधिक लोगों को आपदा से निकालकर सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया है।

नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राज मार्ग व राज्यीय मार्गों का सम्पर्क पूरी तरह कट गया है। काली, महाकाली,  गोरी, सरयू, गोमती, शारदा, कोसी व गौला नदियां उफान पर हैं। नैनीताल जिले में सर्वाधिक 445 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। हल्द्वानी-अल्मोड़ा हाई वे पर खैरना व गरमपानी क्षेत्र में बारिश की आपदा को देखते हुए रानीखेत से 14 डोगरा रेजिमेंट के जवानों ने खाद्य सामग्री व दवाइयां वितरित की है। रामनगर में सेना के जवानों ने बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को रेस्क्यू किया है। नैनीताल में 29, अल्मोड़ा में 06, चम्पावत में 01, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व यूएस नगर में एक-एक लोगों की मौत हुई है जबकि 06 पुल क्षतिग्रस्त हुए है व 10 पशुओं के मारे जाने की जानकारी जानकारी प्राप्त हुई है। पूरे कुमाऊं मंडल के 217 मकान-दुकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने क्षतिग्रस्त पहाड़ी क्षेत्र के मकानों के लिए 1.09 लाख प्रति मकान व मैदानी भू-भाग के आवासों के लिए 95 हजार की आर्थिक सहायता जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं आपदा प्रभावित कृषि भूमि व अन्य संसाधनों का आंकलन कर मुआवजा देने की बात भी हुई है। मुख्यमंत्री ने मृतक आश्रितों को 04-04 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है।

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